🙏कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती
1.किसी भी अभ्यर्थी को ओबीसी/ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट के कारण बाहर ना किया जाए
2.दस्तावेज सत्यापन की तारीख जल्द से जल्द जारी की जाए
3.रिक्त बचे हुए पदों पर शीतलता देकर पूरे पदों को भरा जाए
@RajCMO@TheDeepeshJJN@SukhveerHooda@TheUpenYadav@dsrajpurohit291
@CJP_for_India "इतिहास गवाह है कि कभी जंग सीमाओं पर बड़े-बड़े सूरमाओं से जीती जाती थी,और आज का दौर गवाह है कि जंग इंटरनेट पर एक बच्ची को डराकर जीती जाती है।"
क्या जरूरत पड़ी आरक्षण की?
क्योंकि डॉ अंबेडकर जानते थे कि लंबे समय तक व्यवस्था का हिस्सा रहा ब्राह्मण हमेशा से लेता रहा है माँगता रहा है। कभी दान-चून तो कभी व्यवस्था से धन दौलत और वैभव।
देना उसके जीन में ही नहीं है। ऐसे में देने के मामले में उसपर भरोसा नहीं किया जा सकता।फिर देश की बड़ी आबादी को व्यवस्था का हिस्सा कैसे बनाया जाए? प्रतिनिधित्व देकर। आरक्षण से। इसलिए आरक्षण की व्यवस्था की गई।
अब देखो क्रिकेट में आरक्षण नहीं है। परिणाम? भरतपुर क्रिकेट एसोसिएशन का अधिकारी शत्रुघ्न तिवाड़ी नाम का एक ब्राह्मण महिला खिलाड़ियों से Sexual Favour माँग रहा है। मांगने की आदत रही है। यहाँ भी माँग ही रहा है।
निजी क्षेत्र से लेकर MNCs तक, मीडिया से लेकर जूडिशीएरी तक। जहाँ भी ब्राह्मण टॉप पर बैठा है वो माँग रहा है। वंचित वर्गों के हिस्से में आने वाले प्रतिनिधित्व में अपने भाई भतीजे का हिस्सा तो कभी हवस की भूख मिटाने के लिए sex.
बस वो माँगता जा रहा। क्यों? क्योंकि 5 में से 3 उठाने के बाद भी 2 में अपना हिस्सा माँगना ही उसने सदियों से सीखा है। इस ध्रुरता के इलाज की व्यवस्था का नाम है आरक्षण।
आज सर्किट हाउस, जोधपुर में मीडिया से बातचीत की:
मुझे इस बात की बेहद चिंता है कि आधा मानसून बीत जाने के बाद भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश नहीं हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 18 जिलों में अकाल जैसी स्थिति बन रही है। इस पर सरकार को तुरंत ध्यान देना चाहिए। समय रहते मनुष्यों और मवेशियों के लिए पीने के पानी, गायों के लिए चारे और आम जनता के लिए रोजगार का प्रबंधन कैसे होगा—यह बेहद महत्वपूर्ण विषय है। सरकार को इसे प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन को चाक-चौबंद करना चाहिए और राज्य स्तर पर समय पर वित्तीय स्वीकृतियां जारी करनी चाहिए, वरना आगे चलकर स्थितियां बिगड़ सकती हैं।
मैं यह बात अपने अनुभव से कह रहा हूँ। मैंने अपने कार्यकाल में लगातार चार अकालों का सामना किया है। उस समय हमारा सूखा प्रबंधन इतना बेहतरीन था कि पूरे देश में उसकी तारीफ हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारी बहुत मदद की थी। 'काम के बदले अनाज' योजना इतने शानदार ढंग से चलाई गई कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोया। हमने यह सुनिश्चित किया था कि सरकारी कर्मचारी गांव-गांव जाकर हर घर तक पहुंचें ताकि संकोच के कारण कोई भूखा न रह जाए। उस समय भाजपा के नेताओं ने मुझ पर ताना कसा था कि 'गहलोत दिल्ली जाकर भीख मांग रहे हैं', तब मैंने स्पष्ट कहा था कि प्रदेश की जनता को भूखा सोने से बचाने के लिए अगर मुझे भीख भी मांगनी पड़े, तो मुझे इसमें कोई शर्म नहीं आएगी। मैं आज की सरकार को भी समय रहते आगाह कर रहा हूँ।
दूसरी बात यह है कि राजस्थान में परिस्थितियां लगातार बिगड़ रही हैं। जब से यह सरकार आई है, तमाम विभागों में भुगतान रुके हुए हैं और पेंशन समय पर नहीं मिल रही है। 31 मार्च तक जो स्वीकृतियां निकल चुकी थीं, उनके बिलों को दोबारा प्रक्रिया में डालकर केवल भुगतान में देरी की जा रही है। इससे लोग बेहद परेशान हैं। एसीएस फाइनेंस के कमरे के बाहर सबसे ज्यादा भीड़ रिटायर्ड कर्मचारियों की रहती है, जो अपने हक का पैसा (जीपीएफ व रिटायरमेंट बेनिफिट्स) पाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। सरकार उनका खुद का जमा किया हुआ पैसा भी नहीं चुका पा रही है।
क्या मुख्यमंत्री जी को इन हालातों की जानकारी नहीं है? क्या वे मॉनिटरिंग नहीं कर पा रहे हैं? समझ नहीं आ रहा कि चल क्या रहा है। विपक्ष के रूप में हमारे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली जी विधानसभा में इन मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं। सरकार बनते ही हम लगातार सुझाव दे रहे हैं कि हमारी बातों को आलोचना न मानकर सुशासन के लिए 'फीडबैक' समझा जाए, लेकिन सरकार ध्यान ही नहीं दे रही।
अब तो भ्रष्टाचार की सारी हदें पार हो चुकी हैं। जो लोग 'चाल, चरित्र और चेहरा' की बातें करते थे, आज उनके ही लोग और आरएसएस-भाजपा से जुड़े लोग हर स्तर पर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। कानून-व्यवस्था पूरी तरह हाथ से निकल चुकी है। दुष्कर्म, डकैती और व्यापारियों/ज्वेलर्स पर गोलीबारी जैसी घटनाएं अब आम हो गई हैं। चारों तरफ हाहाकार की स्थिति है।
इसके अलावा, जो प्रोजेक्ट्स बनकर तैयार हो चुके हैं, उनका उद्घाटन तक नहीं किया जा रहा है। नागौर-मंडोर रोड पर बना 650 करोड़ का फिनटेक इंस्टीट्यूट हो, या 80-90 करोड़ की लागत से बना स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट—सब ठप पड़े हैं। स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट को पूरा करने के लिए सिर्फ 2 करोड़ रुपये और चाहिए, और संस्थान सरकार से बजट भी नहीं मांग रहा, केवल खर्च करने की अनुमति मांग रहा है। वहां हॉस्टल तैयार है, लेकिन ताला लगा होने के कारण बच्चे बाहर किराया देकर रहने को मजबूर हैं। ना खिलाड़ी हैं, ना कोच और ना ही उपकरण। मैंने स्वयं मुख्यमंत्री जी से कहा था कि आप जोधपुर आकर इसका उद्घाटन कीजिए, हम आपका स्वागत करेंगे और कोई विरोध नहीं करेंगे, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ।
स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं का बुरा हाल है। हमारी सरकार के समय की योजनाओं को लोग आज याद कर रहे हैं, क्योंकि अब दवाइयों, जांचों और ऑपरेशनों का खर्च फिर से बढ़ गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन समय पर न मिलने से गरीब और बुजुर्ग बेहाल हैं। कुल मिलाकर स्थिति पूरी तरह से बिगड़ चुकी है।
कौन था रे जो कह रहा था हमारे लोगों को 80%,90% मार्क्स लाने पड़ते थे। और तुम्हारे तो 40,50 प्रतिशत पर ही सिलेक्शन हो जाता है।
UPSC के इंटरव्यू में द्रोणाचार्य आज भी एकलव्य का अंगूठा काट रहे हैं।
आइए देखते हैं गर्दा उड़ा दिया है मुकेश भाई ने, सारे मनुवादी बिल में बिलबिला रहे हैं। 🔥🔥
@MukeshMohannn
-40 नंबर पर मेडिकल में एडमिशन हुआ एक्सपोज़्ड। SC/ST/ओबीसी ने नहीं जनरल लड़के ने लिया था सबसे कम मार्क्स पर एडमिशन।
लड़के ने पूरी पोल सबूतों के साथ खोल दी। Must Watch
महत्वपूर्ण सूचना:
बिहार , उत्तर प्रदेश और बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है,
दिल्ली व अन्य राज्यों में सैकड़ों लोगों की निगरानी की जा रही है,
उन्हें परेशान किया जा रहा है,
दिल्ली से ऐसी कई खबरें आ रही हैं कि प्रदर्शनकारियों को लॉजिस्टिक्स में मदद करने वाले वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया जा रहा है।
हमारी मांग है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ सभी FIR तुरंत वापस ली जाएं,
छात्रों को रिहा किया जाए और भविष्य में कोई FIR दर्ज न की जाए (दिल्ली समझौते के अनुसार)।
चाहे वह दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियों या BJP सहयोगी राज्यों की पुलिस द्वारा हो।
राजस्थान में 2 महीने में 18 प्रेग्नेंट महिलाओं की मौत हो गई.
पत्रकारों ने सवाल पूछा तो स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं- जवाब ब्रेक के बाद!!
फिर हंसने लगे.
तनिक भी शर्म नहीं है 🥺😳
दलित वर्ग से आने वाले @vinodjakharin ने जबसे NSUI की कमान संभाली है तबसे NSUI लगातार सड़कों पर है। साथी विनोद इतने तगड़े संघटन कर्ता है कि उनकी एक कॉल पर सैकड़ों लोग सड़कों पर आ जाते हैं।
मालूम होता है उतर भारत को एक और बड़ा नेता मिल गया है।
नितिन गडकरी जी के खिलाफ देश में बड़ी साजिश चल रही है,
सभी झूठे वीडियो बनाकर इथेनॉल पर भ्रमित कर रहे हैं,
पूरा भारत झूठा है,
देश में सिर्फ सच गडकरी जी बोलते हैं,
गज़ब हाल कर दिया है देश का🥺