कल 100% इथेनॉल ब्लेंडिंग का कागज साइन कर दिए। एक तो साला, ये समझ में नहीं आता कि तेल मंत्री कौन है ? अमरीश पुरी को क्यों मंत्रालय में रखा है ? ऐसा कौन सा वीडियो है मोदीजी का पूरी के पास, कि जब उसका सारा कागज गडकरी ही साइन कर रहा है तो उसको क्यों मंत्री बना रखा है।
है !
@narendramodi Pls address the ethenol blending. It's ruining vehicles. You are just winning, kyoki vipaksh napunsak hai. Aapse jo umeed thi, wo nikalti dikh rhi hain.
2014 में धतूरा खाकर हिंदू राष्ट्र का सपना देखा था
अब 2027 में उसका नशा उतर रहा है।गोवा पुलिस ने गौतम खट्टर को नहीं बल्किसनातन विचारधारा और हिंदू आस्था को कैद किया है।जो काम शंकराचार्यों और बड़े हिंदू संगठनों को करना चाहिए था वह एक धर्म प्रचारक गौतम खट्टर अकेले कर रहे हैं #
समाज कल्��ाण एवं अधिकारिता मंत्रालय आज केवल SC-ST-OBC कल्याण मंत्रालय बनकर रह गया है, जिसके पास जनरल के बच्चों को मुफ्त कोचिंग देने का बजट नहीं है, क्योंकि जनरल के बच्चे इस देश पर बोझ माने जाते हैं। हाँ, यह अलग बात है कि वे केवल टैक्स का ATM बनकर रह गए हैं।
TMC बंगाल में अगर मुस्लिमों को OBC रिज़र्वेशन दे तो वो गद्दार और हिंदू-विरोधी हो जाती है। यही काम कांग्रेस तेलंगाना और कर्नाटक में करे तो उसे भी यही उपाधियाँ दी जाती हैं। लेकिन भाजपा गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार में करे तो वो राष्ट्रभक्त बन जाती है।
पैदा हुई तो सरकारी योजनाओं से वंचित हुई क्योंकि ठाकुर थी।
स्कूल गई तो सरकारी छात्रवृतियों से वंचित हुई क्योंकि ठाकुर थी।
कॉलेज गई तो सबसे ऊँचा कटऑफ लाना पड़ा क्योंकि ठाकुर थी।
नौकरी करने गई तो सबसे महंगा फॉर्म भरना पड़ा क्योंकि ठाकुर थी ।
फिर क्यों ना यह लड़की गर्व से ख़ुद को ठाकुर कहे।
-मैं तो कहता हूँ सरकार को अनारक्षित वर्ग के आधार कार्ड पर लिख के देना चाहिए कि यह वहीं त्यागी लोग है,
जो इस देश में परजीवियों को पाल रहे हैं।
❣️
मैं आस्था सिंह का पूर्ण समर्थन करता हूं।
अगर कोई ठाकुर है तो खुद को ठाकुर ही कहेगा ना? इसमें गलत क���या है? जब देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे लोग खुले तौर पर अपनी जाति दलित, पिछड़ा पर बताकर गर्व करते है। तो ब्राह्मण और ठाकुर को भी अपने जाति पर गर्व करने का पूरा अधिकार है।
UGC ACT के विरोध में आमरण अनशन पर बैठे डॉ गीता त्यागी आज 6 वें दिन भी अनशन जारी अभी तक कोई सरकारी महकमा नहीं पहुंचा!?
क्या सरकार तानाशाह हो गई है!!
#UGC_RollBack
UGC ACT के विरोध में आमरण अनशन पर बैठे डॉ गीता त्यागी आज 6 वें दिन भी अनशन जारी अभी तक कोई सरकारी महकमा नहीं पहुंचा!?
क्या सरकार तानाशाह हो गई है[email protected] tyagi
#UGC_RollBack
UGC नियमों के विरोध में @druditatyagi
जी आमरण अनशन पर बैठी हैं!
हमारा फ़र्ज़ है कि उनका साथ दें और सरकार से UGC 2026 नियमों के roll back की मांग करें!
#SupportUditaFightOnUGC
ग़ज़ब है बीजेपी की चालाकी!
सुप्रीम कोर्ट ने जब UGC 2026 नियमों पर साफ़ तौर पर रोक लगा दी,
तो सरकार को संदेश स्पष्ट था—मनमानी नहीं चलेगी।
लेकिन मोदी जी की सरकार और बीजेपी–RSS की कार्यशैली तो सब जानते हैं।
जो ठान लिया, उसे किसी न किसी रास्ते से लागू करके ही दम लेते हैं।
अब देखिए—
मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों में UGC 2023 के नियम लागू करने का फरमान जारी कर दिया गया,
जबकि ये नियम भावना और संरचना में UGC 2026 जैसे ही हैं।
इन नियमों के तहत
SC, ST, OBC, Women, PwD और अल्पसंख्य�� वर्गों को तो संरक्षण दिया गया—
लेकिन General Category (खासकर सामान्य हिंदू छात्रों) को पूरी तरह बाहर रखा गया।
मतलब साफ़ है—
सुप्रीम कोर्ट ने 2026 पर रोक लगाई,
तो सरकार बोली:
“ठीक है, 2026 को नहीं छुएँगे…
लेकिन 2023 तो अभी खुला है, उसी को लागू कर देंगे।”
वाह! क्या ग़ज़ब का संविधान–सम्मान है!
यही नहीं—
ऐसा ही नियम तिलका मांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर (बिहार) में भी लागू कर दिया गया,
जहाँ भी बीजेपी की ही सरकार है।
��पर से मीठी बातें,
अंदरखाने वही भेदभावपूर्ण UGC व्यवस्था लागू—
और आम छात्र को पता भी नहीं चलने दिया गया।
अब साफ़ है—
सरकार को जनआक्रोश से नहीं,
सिर्फ़ अपनी ज़िद और एजेंडे से मतलब है।
#RollbackUGC
#UGC2023
#UGC2026
#EqualRights
#StopDiscrimination
देश की एक मात्र सांसद प्रियंका चतुर्वेदी जी है
जिन्होंने सवर्ण विरोधी कानून UGC के नए नियमों के खिलाफ़ उच्च सदन में खड़े होकर विरोध किया है।
और केंद्र सरकार से UGC को खत्म करने की मांग की है।
क्या कोई भाजपा कांग्रेस का ब्राह्मण सांसद, विधायक मंत्री इस तरह की मा��ग कर सकता है?