@highcourtadvo मा���ावती ब्राह्मणों के खिलाफ कब थीं, बताओ
मायावती ब्राह्मणवाद के खिलाफ रही हैं और रहेंगी।
ब्राह्मणवाद मतलब, समाज को तोड़ने वाला, ऊंच-नीच, भेदभाव की सोच रखने वाला, दूसरों के अधिकारों पर अतिक्रमण करने वाला आदि।
@mishra4802@RTforIndia_ रामानन्दी सम्प्रदाय की प्रमुख विशेषता रही है कि इसमें जाति या धर्म की बाधाओं के बिना सभी का स्वागत है।
जबकि वैदिक ब्राह्मणवाद ने हमेशा हिन्दुत्व को खंडित करने का काम किया और आप ���ी तो वही कर रहे हो।
ब्राह्मण कार्य धर्म की रक्षा करना और भटके हुए हिन्दुओं को सही राह दिखाना है।
@mishra4802@RTforIndia_ मैं रामानन्दी हूं। ब्राह्मणों में श्रेष्ठ ब्राह्मण। आचार्य रामानन्दाचार्य जी के आदर्शों पर चलने वाले। रामानन्���ाचार्य जी ने ही सबसे पहले पोंगाओं की पोल खोली थी और धर्म का मार्ग सभी वर्णों के लिए खोला था। आपसी कलह में उलझे ब्राह्मणों को भी सही मार्ग पर लेकर आये।
@neetusi86329772 जब शिक्षा का अधिकार ही नहीं था, धर्म से दूर रहने वालों को अच्छे कर्म करने तक का मौका नहीं दिया गया। अब संविधान की वजह से मिला है तो तुम जैसी मानसिकता वाले नहीं चाहते संविधान रहे। यह तुम्हारी धूर्ततापूर्ण मानसिकता का परिणाम है कि तुम नहीं चाहते समानता आये।
@RTforIndia_ जो हिजड��े अपनी बहन बेटियों के बदले मुगलों और अंग्रेजों रियायत और ऊंचे पद लेते थे, उनकी नस्लें अपने इतिहास में गौरव की तलाश में जुटे हैं।
पहले ईमानदारी से इतिहास का अवलोकन तो करें। सब पता लग जाएगा कि तुम्हारे पुरखे कितने मक्कार और धूर्त थे।