मुसलमानों,तुम कहते हो कि सिर्फ मुस्लिम वोट से कुछ नहीं हो सकता।देखो आज तुम थोड़ा मुत्तहिद हुए तुम्हारा हिन्दू भाई,सिख भाई तुम्हारे साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा है।
आयशा के सुसाइड पर सिर्फ इतना कहना ही कहना है,😔
कि जब बेटियों को रुख़सत किया करे तो उन्हें बताया करें कि हमने अच्छा इंसान देख कर रिश्ता तय किया है,अगर बुरा निकल आऐ तो वापसी का दरवाज़ा खुला है।
क्योंकि शादी दुबारा हो सकती है और इस्लाम में ऐसी कोई कै़द नहीं,
जिन्दगी एक बार मिलती है
फ़ौजी छुट्टी आया तो सीधा बोर्डर पर पहुँच गए अपने पिताजी से मिलनें तो जवानों की आखों में पानी आ गया क्योंकि उनके पिताजी 75 दिनों से बॉर्डर पर किसान आंदोलन में रुके हुए है।
शर्म नहीं आती किसानों को खालिस्तानी कहने वालों को
" मुझसे फॉलो बेक आप बेजिझक माँग सकते हो , ऐसा मत सोचना 69000 फॉलोवर हो गए है तो घमण्ड आ गया होगा ,
पोस्ट RT करके कमेन्ट में FB लिख देना मिल जायेगा "...