कर्नल अनिल चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट की धज्जियाँ उड़ा दी हैं.भारत के सभी नागरिकों को इस वीडियो को सभी ग्रुपों में शेयर करना चाहिए ताकि देश भर के सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्टके जजों तक पहुँचे,शायद तब उन्हें कुछ शर्म महसूस हो।दाद देनी पड़ेगी!सच्चाई की रोंगटे खड़े कर देने वाली प्रस्तु��ि।"
राजस्थान में निकाय निगम चुनाव में पैसों का जिस तरह चलन हुआ है नगर सेवक जैसे रुपये भक्षक बने हैं इससे लगता है कि अब बेहतर, निष्ठावान, गरीब, कम जातिगत गणित वाला व्यक्ति राजनीति की सोचना बंद कर देगा।
#bhajpa#congress@highcourt-
@NavodayanAtul भ���ई गरीब के घर गाय भैस ही नहीं अमीर की तरह बेटा बेटी भी होते हैं।
जो अभाव में जीकर संस्कार पाते हैं।
अमीर के घर प्रभाव में जीकर होटल, शराब, सबाब में जीकर संस्कार खोते हैं्
@sumit1kalra अबे साले ऊपर वालों को कैसे मालुम कि तुम भडवे कहां और किसके यहां हाल ले रहे हो। धमकियां, प्रेशर पहले ही कैसे पडता था । क्या तुमने ऊपर वालों को पहले सूचि दे दी थी क्या कि हम यहां यहां हाल देखने, लेने जायेंगे। साले नोटंकी बाजी बंद करो।
मीणा जी मंदिर में कोई आरक्षण नहीं ��ै। आस्था, ज्ञान, कर्म काण्ड, शास्त्रार्थ ज्ञान, विधि विधान का ज्ञाता ही मंदिर सेवा मज़बूत है। बिना ज्ञान के पंडिताई, पूजा पाठ सम्भव नहीं।
भारत में ऊंच नीच वर्ग भेद कभी नहीं मिटेगा।आप खुद कह रहे हो कि एक करैक्टर बने(उच्चता प्राप्त) के बादभी ऊंच नीच झेलनी पडती है तोआवश्यकता क्या है आरक्षण की। क्या नीची जाति का बना करैक्टर भी अपनी ही जाति के अति गरीब से वर्गभेद नहीं रखताज्ञदूरी नहीं बनाता। एक ��या वर्ग भेद और तैयार।
@Kapil_Jyani_ आरक्षण कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम नहीं है आरक्षण सामाजिक समानता लाने का एक ज़रिया है क्योंकि आज भी एससी एसटी का कोई व्यक्ति आरक्षण से अगर कलेक्टर भी बन गया तो भी उसके साथ जाति भेदभाव के मामले सामने आते रहते हैं. जब तक पूरा वर्ग सक्षम नहीं होता आरक्षण जारी रहना चाहिए
@MrMishra इस्तीफानहीं देना चाहियेथा।कांगरेस की राजस्थान सरकार ने कहा था कि टेस्ट, परीक्षा सब एजेंसी कराती हैं मंत्री या सीएम नहीं दोषी एजेंसी हैं सरकार नहीं। आन्दोलनके पीछेकी परत खोलकर इसमें शामिल लोगोंको रगडना चाहिये था।पीछे राहुलगांधी एवं उसके देशद्रोही साथी शामिलहैं यह सरकारभी जानती है
कुछ दिनसे देश को तोडनेकी साजिस रचने वाली विदेशी ताकतों के खिलोना बने कुछ कोकरोच और कांग्रेस और कुछ सत्ता पाने के लालची लोगोंने हुडदंग किया हुआ है।क्या अब राष्ट्रवादी शक्तियां संगठन इन देशद्रोही के खिलाफ और धर्मेंद्र प्रधान के पक्षमें शक्ति दिखानी चाहिये।@RSSorg@AmitShah@vhp
@REAL___HINDUVT क्या कांगरेस के किसी भी नेता ने कभी पेपर आऊट होने पर इस्तीफा दिया कभी। राजस्थान में पेपर आऊट की बाढ आ गई थी अशोक गहलोत या उसके किसी भी ���िम्मेदार ने इस्तीफ दिया था?