अर्बन नक्सल पी. चिदंबरम जरा देश को ये भी बताना कि कॉमन वेल्थ और गुट निरपेक्ष सम्मेलन से भारत को क्या-क्या मिला। ब्रिक्स सम्मेलन के समाप्ति से पहले ही प्राप्ति खोजने लगे।क्या बौद्धिक दिवालियापन है।
जंतर -मंतर का आंदोलन पाश्चात्य दर्शन का भोंडा संस्कार का प्रदर्शन दिखा दिया भारतीय संस्कार का अंतर। रांची का छात्र आंदोलन बामपंथीयों को मंच नही दिया तो बामपंथी छात्र ने रांची के छात्रों को ही आतंकवादी घोषित कर दिया,कैसी विडंबना है।
दतिया और बाँकीपुर उप चुनाव में जिस किसी ने भी दल से बड़ा खुद के हित प्राथमिकता दिया उसे ऐसा सबक सिखाया जाय कि दूसरे नेता सबक ले की भाजपा में गद्दारों के लिए कोई जगह नही।
@ImSoniya24 ज्ञानी किसी को मुर्ख नही कहते लेकिन जाहिल गँवार ही दूसरे को जाहिल गँवार कहते हैं। पर्दे पर गुलफाम अली का किरदार करता है जो इसके जीवन का सच्चाई है।
@FerozKh82483047@ajitanjum संस्कार की बात मत करो. जो लड़की धरना स्थान पर अपने दादा के उम्र के देश के प्रधानमंत्री को भद्दी गालियां दे, मेरा लिंग मेरी मर्जी जैसे गाना गा रही,तेरहवीं का समोसा पार्टी करती हो वैसोंके संस्कार का क्या कहना? सभी ने अपने संस्कार और परवरिश दिखा गये।
परीक्षा पेपर लिक निवारण के लिए संसद में लाये गए विधेयक में खरीददार के लिये भी वही प्रावधान रखे जाये जो पेपर लिक
करनेवाले के लिये रखा गया है। किसी भी पक्ष के निकलने का कोई रास्ता नही छोड़ा
जाये @PMOIndia.
@ArunKosli Yes.
नई शिक्षा नीति के द्वारा इन्होने इतिहास में अच्छा काम किया, भारतीय भाषाओं में चिकित्सा एवं अभियांत्रिकी की पढ़ाई की शुरुआत की लेकिन चुनाव प्रभारी बनकर चुनाव पर ज्यादा ध्यान दिया और मंत्रालय को अधिकारिओं पर छोड़ गलत किया जिसका परिणाम यू. जी.सी,नीट पेपर लिक विवाद हुआ।
@_YogendraYadav तुम शब्दों को चबाते रह जाओगे लेकिन उसे पिस नही पाओगे।वैसे ही जैसे दूसरे के शादी में बाराती तो बनोगे लेकिन दूल्हा नही बन पाओगे।जनता तुम्हारी असलियत जानती है।