कल सुबह 10:00 बजे बड़े भैया चंद्रशेखर आजाद जी नगीना के सांसद जी पीड़ित परिवार के घर पर आ रहे हैं भीम आर्मी के सारे कार्यकर्ता कल समय से बड़े भैया के पास पहुंचे अधिक से अधिक संख्या में जय भीम चतर सिंह जाटव जी भीम आर्मी जिला अध्यक्ष मेरठ @rohitkain@meerutpolice@yogiadityanath
ललिता गौतम बहन को न्याय दिलाना हम सबकी जिम्मेदारी है। और जब हक की आवाज उठाने पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया जाए तो दर्द दोगुना हो जाता है। रोहित कैन चतर सिंह जाटव जी भीम आर्मी जिला अध्यक्ष मेरठ @BhimArmyChief@VinayRatanSingh@myogiadityanath@meerutpolice
जिन लोगों ने "कश्मीर फाइल्स" बनाई, उन्हें "अयोध्या फाइल्स" जैसी फिल्म भी बनानी चाहिए, जिसमें "राम" के नाम पर जो "लूट और डकैती" डाली गई वो सामने आ सके।
नगीना सांसद, भाई चंद्र शेखर आजाद जी
उत्तर प्रदेश के जनपद सहारनपुर के थाना फतेहपुर क्षेत्र में जनहित डिग्री कॉलेज में रात्रि ड्यूटी कर रहे गांव करालहटी निवासी श्री रमेश एवं श्री राजकुमार सैनी पर गांव गंदेवड़ा निवासी पर दबंग व्यक्तियों द्वारा किया गया जानलेवा हमला अत्यंत निंदनीय, शर्मनाक और कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाला कृत्य है।
ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के साथ इस प्रकार की हिंसक घटना यह दर्शाती है कि असामाजिक तत्वों के हौसले किस कदर बुलंद हैं। किसी भी सभ्य समाज में ऐसी गुंडागर्दी और जानलेवा हमले को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
हम उत्तर प्रदेश सरकार, @myogiadityanath, @Uppolice, @dgpup एवं @saharanpurpol से मांग करते हैं कि—
* सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
* सभी आरोपियों के विरुद्ध **भारतीय न्याय संहिता (BNS)** की हत्या के प्रयास सहित सभी संगत धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
* पीड़ितों को समुचित उपचार, सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
* घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों को शीघ्र कठोर सजा दिलाई जाए।
* यदि किसी पुलिस अधिकारी द्वारा मामले में लापरवाही या पक्षपात बरता गया हो तो उसके विरुद्ध भी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
भीम आर्मी न्याय, सम्मान और संविधान के मूल्यों के साथ सदैव पीड़ितों के पक्ष में खड़ी है। यदि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
उत्तर प्रदेश का किसान आज दोहरी नहीं, तिहरी मार झेल रहा है–प्राकृतिक आपदा, आर्थिक बदहाली और सरकारी उदासीनता। वर्ष 2025 की खरीफ फसल प्रदेश के अनेक जिलों में अतिवृष्टि से पूरी तरह बर्बाद हो गई, लेकिन हजारों किसानों को आज तक न समुचित मुआवजा मिला और न फसल बीमा क्लेम। अब रबी की फसल भी असमय बारिश, ओलावृष्टि और छुट्टा/नीलगाय पशुओं की भेंट चढ़ गई है।
भाजपा की तथाकथित “डबल इंजन” वाली मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की सरकार हर वर्ष अपने बजट को “ऐतिहासिक रूप से बड़ा ” बताने के साथ-साथ “किसान हितैषी” बताती है। लेकिन सच यह है कि बजट के आंकड़े और खेत की हकीकत एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।
वित्त वर्ष 2025–26 में सरकार ने कुल 8,08,736 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें फिर लगभग 89,353 रुपये करोड़ कृषि एवं ग्रामीण विकास के नाम पर रखे गए – यानी कुल बजट का लगभग 11%। इसके बावजूद कृषि विभाग को आवंटित लगभग 8,620 रुपये करोड़ में से केवल करीब 3,906 करोड़ रुपये (लगभग 45%) ही खर्च हो सके।चिंताजनक बात यह है कि इनमें भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर एक रुपया तक खर्च नहीं किया जा सका। सीड पार्क और पीएम कुसुम जैसी महत्वपूर्ण योजनाएँ शून्य व्यय की स्थिति में रहीं।
यह साफ दर्शाता है कि समस्या संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि प्राथमिकता और इच्छाशक्ति की कमी है।
किसानों ने कर्ज लेकर चना, मटर, राई, गेहूं, मसूर जैसी फसलें बोईं। फसल बर्बाद हुई तो आय शून्य हो गई। लेकिन सरकार की मशीनरी मुआवजा देने में धीमी और वसूली करने में तेज है। बिजली बिल के नोटिस, ऋण वसूली का दबाव–यह सब उस किसान पर डाला जा रहा है जिसकी फसल खेत में खड़ी-खड़ी खत्म हो चुकी है। यह अन्याय है, और इसे अब चुपचाप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
हम @UPGovt से स्पष्ट और समयबद्ध निर्णय की मांग करते हैं–
1. खरीफ 2025 और रबी 2025–26 फसल नुकसान का प्रदेशव्यापी विशेष सर्वे 15 दिनों में पूरा कर मुआवजा जारी किया जाए।
2. लंबित फसल बीमा क्लेम तत्काल जारी किए जाएँ।
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों का संपूर्ण सरकारी ऋण माफ किया जाए और वसूली पर तत्काल रोक लगे।
3. बिजली बिल वसूली पर राहत अवधि घोषित की जाए।
छुट्टा पशु/नीलगाय समस्या के स्थायी समाधान हेतु विशेष बजट का वास्तविक उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
4. यदि बजट में हजारों करोड़ दिखाकर जमीन पर किसानों को राहत नहीं दी जाती, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि अन्नदाता के साथ विश्वासघात है।
किसान प्रदेश की रीढ़ हैं। अगर उनकी पीड़ा नहीं सुनी गई, तो यह आवाज खेत से सड़क तक और सड़क से विधानसभा तक गूंजेगी।
अब तो जनता कहने लगी- “डबल इंजन का दावा… और काम नहीं आधा!”
उत्तर प्रदेश की जनता अब घोषणाएँ नहीं, बल्कि बदलाव चाहती है।
#ASP_K_Mission2027
#UPBudget2026
यूपी के रायबरेली में मृतक मेवालाल पासी के परिवार से मिलने पहुंचे @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद को देखने भारी जनसैलाब उमड़ा 👇🏻
इस दौरान चन्द्रशेखर आजाद ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक मदद का भी लोगों से आवाहन किया जिसके बाद लोगों ने मदद की
वाकई में चन्द्रशेखर आजाद इस बहुजन समाज के लिए किसी भगवान से कम नहीं हैं...!!
आलू की कम कीमतों ने किसानों को भारी आर्थिक संकट में डाल दिया है। किसानों को अपनी उपज की लागत निकाल पाना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
लेकिन मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आपकी डबल इंजन सरकार आलू किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेती हुई दिखाई नहीं दे रही है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि किसानों को 200 रुपये प्रति कुंतल कोल्ड स्टोरेज भाड़ा अनुदान दिया जाए तथा एक मंडी से दूसरी मंडी तक आलू ले जाने पर परिवहन सब्सिडी की व्यवस्था की जाए। सस्ते परिवहन भाड़े के लिए ट्रेनें शुरू की जाएं।
हमारी सरकार आने पर आलू उत्पादक क्षेत्रों में प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ें।
@CMOfficeUP
#ASP_K_Mission2027
नीट एवं जेईई जैसी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं में 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50% वेटेज देने के प्रस्ताव को लागू न किए जाने के संबंध में माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री @dpradhanbjp जी को पत्र लिखा।
@mygovindia@EduMinOfIndia
1857 की ऐतिहासिक क्रांति का 10 मई को मेरठ से असंख्य क्रांतिकारियों के साथ शुरुआत करने वाले देशभक्त वीर गुर्जर धन सिंह कोतवाल जी के बलिदान दिवस पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदया किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि KGMU के अगले कुलपति के चयन में सामाजिक न्याय और संविधान की भावना को प्राथमिकता दी जाए।
जब संस्थानों के निर्णायक पदों पर SC, ST और OBC का प्रतिनिधित्व नहीं होता, तब उनके अधिकार और आरक्षण सबसे पहले प्रभावित होते हैं। अब KGMU में भी प्रतिनिधित्व का ऐतिहासिक न्याय होना चाहिए।
@anandibenpatel@GovernorofUp
दूसरों के जीवन के गहरे राज़ उजागर करने का दावा करने वाले ढोंगी बाबा, आज राम के नाम पर हुए इतने बड़े घोटाले के दोषियों का नाम बताने से क्यों डर रहे हैं? 'जान के खतरे' का बहाना बनाकर नाम लेने से बचने का स्वांग रच रहे हैं। जब ईश्वर की पर्ची के नाम पर इतना बड़ा धार्मिक व्यापार खड़ा कर दिया, तो आज ईश्वर के घर में हुई इस कथित लूट पर बाबा के चमत्कारिक दावे कहाँ गायब हो गए?
सच तो यह है कि चमत्कार के नाम पर सदियों से जनता को मूर्ख बनाया जाता रहा है। अब लोगों को समझ जाना चाहिए कि न्याय धर्मग्रंथों या पर्चियों से नहीं, बल्कि देश के संविधान, कानून और पुलिस की जांच से ही मिलेगा।
पिछड़े वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के लिए “छत्रपति शाहूजी महाराज” एवं “परम पूज्य भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी” के नाम पर ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना प्रारंभ किए जाने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@CMOfficeUP
हरियाणा के जिला पलवल के थाना सदर क्षेत्र के गाँव दिगौट में 26 जून को दलित परिवार पर हुआ जानलेवा हमला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि संविधान, सामाजिक न्याय और दलित समुदाय की सुरक्षा पर सीधा हमला है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, उनको जातिसूचक गालियाँ दी गईं और घर में घुसकर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड, कुल्हाड़ी सहित घातक हथियारों से हमला किया गया, जिसमें परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए।
सबसे गंभीर बात यह है कि घटना को इतने दिन बीत जाने के बाद भी यदि मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं और पुलिस केवल अन्य लोगों की गिरफ्तारी कर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रही है, तो यह न्याय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल है।
मुख्यमंत्री @NayabSainiBJP, दलित परिवार पर खुलेआम हमला करने वालों को बचाने का कोई भी प्रयास कानून के शासन और संविधान की मूल भावना के साथ विश्वासघात होगा।
हम @cmohry में मांग करते हैं कि सभी नामजद और वास्तविक आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा, सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा और न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।
गाज़ियाबाद जनपद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय जैद की मौत की खबर अत्यंत दुखद और विचलित करने वाली है। कार से बाइक टकराने के मामूली विवाद के बाद हुई यह घटना उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
परिजनों के अनुसार, जैद के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। उसे कार में डालकर एक कार्यालय में ले जाया गया, जहां उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। जब उसके दोस्त वहां पहुंचे, तो जैद बेहोशी की हालत में फर्श पर पड़ा मिला। आरोपियों ने दोनों दोस्तों को धमकाते हुए कहा, "इसे ले जाओ, नहीं तो तुम्हारा भी यही हाल होगा।" इसके बाद दोनों जैद को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आखिर कब तक मामूली विवादों में युवाओं की जान जाती रहेगी? प्रदेश में कानून का भय अपराधियों में दिखना चाहिए, आम नागरिकों में नहीं।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष, त्वरित और पारदर्शी जांच कर सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए तथा उनके विरुद्ध हत्या सहित सभी उपयुक्त धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा और हरसंभव सरकारी सहायता भी प्रदान की जाए।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।