पेपर लीक के दोषी को 10 साल की सजा और 10 करोड़ जुर्माना होगा! कैबिनेट ने पेपर लीक विधेयक संसोधन को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा।
लेकिन ये तो तब होगा जब दोष साबित होगा। 2024 के NEET पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड के ख़िलाफ़ CBI को कोई सबूत नहीं मिला!
सजा कैसे होगी?
#JantarMantar
CJP Protest: संसद चलो मार्च में आए छात्रों का जनसैलाब देख दंग रह जाएंगे. दिल्ली पुलिस छात्रों पर लगातार लाठियां बरसा रही थी. आंसू गैस के गोले दाग रही थी. बावजूद छात्र बैरिकेड दर बैरिकेड का चक्रव्यूह तोड़ संसद की तरफ़ कूच कर रहे थे.
नोएडा के घटिया फ्लैट्स के किस्से आने कभी ना खत्म होंगे.
पता नहीं @CeoNoida@noida_authority किस अनहोनी के इंतजार में बैठी हैं. पहले तो जांच पड़ताल पता नहीं कितनी हुई. अब भी आंखें नहीं खुल रही हैं.
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विकास सिंह ने सोनम वांगचुक से अपील की है कि वे अपना अनशन तोड़ दें। उन्होंने लिखा है कि वो समय गया जब मंत्री अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफ़ा दिया करते थे। अभी आप जैसे नायक की देश को ज़रूरत है।
विकास सिंह आज जंतर मंतर जा रहे हैं सोनम वांगचुक से मिलने। @vikassinghSrAdv
नॉर्मल पेट्रोल मतलब गन्ने का जूस वाला!
आज पेट्रोल पंप पर गया तो वहां एक प्यारी सी सेल्सगर्ल थी। मैंने उसे बताया कि इतने का पेट्रोल डाल दो। अमूमन ऐसा होता है कि सेल्समैन/ सेल्सगर्ल कन्फर्म करने के लिए दोबारा पूछते हैं - इतने रुपए का, नॉर्मल पेट्रोल ?
उसने भी आवाज दी - तीन हजार का, नॉर्मल पेट्रोल!
मुझे शरारत सूझी। मैंने पूछा - नॉर्मल है ? नॉर्मल हो तो नॉर्मल ही डालना। लड़की समझ गई कि मैं क्या कहना चाहता हूं ! उसने भी मुस्कुराते हुए कहा - सर, जो है यही है .. गन्ने का जूस वाला !
अब सबको पता है, नॉर्मल पेट्रोल मतलब गन्ने का जूस वाला!! #E20 #Petrol
यमुना नदी को साफ़ करने के लिए बीते कई सालों में बहुत सी कोशिशें हुईं, लेकिन इसके बावजूद यमुना की हालत में सुधार नहीं दिखा.
लेकिन ऐसा क्यों है कि इतनी कोशिशों के बावजूद यमुना साफ़ नहीं हो पा रही है? जानने के लिए देखिए ये रिपोर्ट.
रिपोर्ट: गाफ़िरा क़ादिर
कैमरा: सेराज अली
एडिटिंग: वर्षा चौधरी
प्रोड्यूसर: महताब आलम
आग लगने पर कुँआ खोदना!
पिछले साल अक्टूबर- नवंबर में जब दिल्ली/NCR में प्रदूषण के चलते साँस घुटने लगी तो सुप्रीम कोर्ट सक्रिय हुआ था। उसके पिछले साल भी और उससे पिछले साल भी, ऐसा ही हुआ था!
कोर्ट को प्रदूषण के समाधान के कई उपायों में एक उपाय ये भी सुझाया गया था कि MCD टोल की वजह से दिल्ली के बॉर्डर पर भारी जाम लगता है, इससे प्रदूषण बढ़ता है, इसका उपाय निकाला जाना चाहिए!
कोर्ट में सरकार ने कहा टोल को दिल्ली बॉर्डर से हटाकर कहीं दूर रखा जाएगा या कोई और उपाय किया जाएगा!
साल बीतने को है। दिवाली फिर आने को है। सब शांत हैं! जब दम घुटेगा, तब अदालत जागेगी! जब आग लगेगी, तब कुँआ खोदने का काम शुरू होगा। तबतक आग तबाही मचाकर खुद बुझ जाएगी।
सोनम वांगचुक, जिसने कभी अपने लिए नहीं माँगा, कुछ कि पद चाहिए, सत्ता चाहिए।
अपनी ज़िंदगी देश, समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए लड़ते रहे है और 15-16 दिनों से अनशन पर बैठे हैं!
अपने लिए नहीं, देश के लिए। देश के बच्चों के भविष्य के लिए! उसके बाद भी देश के नेताओं की सोई हुई संवेदनाएँ नहीं जाग पा रही।
सत्ता की ख़ामोशी बरकरार है।
भूख हड़ताल और अनशन भी अगर व्यवस्था को सुनाई नहीं दे रहा, तो एक आम नागरिक की आवाज़ की कीमत क्या ही होगी?
अब दर्द सिर्फ़ यह नहीं कि एक व्यक्ति अनशन पर है, बड़ा दर्द यह है कि देश धीरे-धीरे उस मुकाम पर पहुँच रहा है जहाँ जनता की पीड़ा का महत्व खत्म है और उस पर सत्ता हावी है।
सोचिए, आज अगर एक ऐसे व्यक्ति की आवाज़ अनसुनी की जा सकती है, जिसने अपना जीवन देश के लिए लगा दिया, तो कल बेरोज़गार युवा, न्याय की गुहार लगाता परिवार, किसान, छात्र या कोई भी आम नागरिक किस उम्मीद से अपनी तकलीफ़ के लिए लड़ पाएगा और कौन उसकी सुनेगा?
लोकतंत्र का मतलब सिर्फ़ चुनाव है क्या? अगर सत्ता अपने शांत नागरिक की आवाज़ नहीं सुन रही, तो ये लोकतंत्र पर सवाल नहीं है?
और अगर वह आवाज़ भी अनसुनी होने लगे! तो यह चिंता सिर्फ़ पूरे देश को होनी चाहिए।
Be stand with Sonam Wangchuk
सोनम वांगचुक सर की तबियत बिगड़ती जा रही है🤯
जागो भारत के लोगों ये तुम्हारे लिए लड़ रहे है, 😳
अब नहीं जागे तो सब खो दोगे!😱🙏
इस्तीफा मिलने तक यही बैठे रहेंगे 😳
"मेरे शरीर से चर्बी के साथ मांसपेशियां भी कम हो गई हैं। हड्डियां दिखने लगी हैं, लेकिन मैं अब भी खुद को ऊर्जावान महसूस कर रहा हूं।" — @Wangchuk66
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 13 दिन पूरे होने पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि उनका उपवास अब स्थिर अवस्था में पहुंच गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है और इसे किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
Sonam Wangchuk जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
आंदोलन की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है, जिसमें परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।
ट्रैफिक पुलिस लड़के की बाइक का चालान काट रही थी। शायद साइलेंसर मोडिफाइड था या और कुछ कमी रही होगी। एक नागरिक के तौर पर उसने बहस की, तो पुलिसवाले ने तुरंत गाली दे दी।
लड़के ने कहा, "तुमने गाली कैसे दी?"
फिर उन्होंने पीटकर बताया कि गाली की छोड़ो, हम तुम्हें पीट भी सकते हैं।
पुलिस के सामने एक नागरिक के अधिकार बस इतने ही होते हैं कि वह चुपचाप उनकी बात मानता रहे।
DAY 13 UPDATE
I’m no Gandhi, nor hero…
It pains me when some say in comments… you’re modern Gandhi… You’re the real Hero.
I’m just a citizen fulfilling the responsibilities of citizenship. So can you. Please stop looking for heroes in others. Be the hero of your own life story.
#sonamwangchuk #cockroachjantaparty #jantarmantar #cjpprotest #education
ऐसे सम्मानित व्यक्तित्व को इस स्थिति में देखकर मन व्यथित हो जाता है।🥺
लोकतंत्र की पहचान संवाद और जवाबदेही से होती है, उपेक्षा से नहीं।😳
इस्तीफा मिलने तक यही डटे रहेंगे।🤯