जंतर-मंतर से दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों व नौजवानों को डिटेन किये जाने के बाद दूर-दूर उन्हें छोड़ा जाता था। जिसके जवाब में GenZ ने अपना खुद का एक प्लेटफॉर्म बना दिया है👇🏻
Detainee Gharwapsi Yojna नामक इस वेबसाइट पर दिल्ली पुलिस द्वारा डिटेन करके ले जाए जा रहीं बसों की डिटेल रहेगी और उसमें डिटेन किये गये युवाओं को तुरंत वापस लाया जाएगा
ऐसे ही इस आयु वर्ग के युवाओं को GenZ नहीं कहा गया, इनके पास हर समस्या का समाधान है...!!
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जवल भुइयां ने कहा –
"लाखों भारतीयों को मताधिकार से वंचित करने वाली कोई भी प्रक्रिया मनमानी है। ऐसी प्रक्रिया संवैधानिक व्यवस्था को नकारती है। कोई भी बहाना इसे सही नहीं ठहरा सकता। कोई भी अदालत इसे माफ नहीं कर सकती। कोई भी संविधान से ऊपर नहीं है"
हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के कार्यक्रम में जस्टिस भुइयां ने यह कहा !!
महिला पत्रकार 'रोज़ी' के साथ दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत द्वारा किया गया दुर्व्यवहार और उसके बाद न्याय मांगने पर दिल्ली पुलिस का उनके प्रति रवैया बेहद निराशाजनक है।
यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है। जब अपनी आवाज़ उठाने और न्याय मांगने वाली पीड़िता को ही इस तरह की बदसलूकी का सामना करना पड़े, तो सवाल यह उठता है कि आख़िरकार न्याय की उम्मीद किससे की जाए?
नेहा बोरा को कुछ नही होगा. दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को छोड़ दिया है.
नेहा बोरा के सुरक्षा की जिम्मेदारी भी दिल्ली पुलिस की है.
नेहा बोरा जंतर मंतर 2.0 आंदोलन को एन्जॉय कर रही हैं.
उन्हें किसी का डर नही है. क्यों कि वो कोई आम लड़की नही हैं. एक बड़े वामपंथी संगठन की लीडर हैं. वृंदा करात का सहयोग है.
नेहा बोरा को जनता और युवाओं का भी जन समर्थन मिल रहा है. इसी कारण उनके मन में सरकार या पुलिस का डर नही है.
जब कोई व्यक्ति किसी लॉबी या सिस्टम का हिस्सा बन जाता है तो उसके लिए ज्यादा चिंता और दुबला होने की जरूरत नही है.
ये सिर्फ़ पुलिस की बर्बरता नहीं, लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
शांतिपूर्ण आवाज़ों को दबाकर सत्ता अपनी ताकत दिखा सकती है, लेकिन हमारी आवाज़ को ख़त्म नहीं कर सकती।
हम न डरेंगे, न झुकेंगे।
Neha is safe and health. We are with Neha and bringing her back safely.
Thank you everyone for your solidarity. No amount of detention and threat will stop our movement demanding removal of Gyanesh Kumar.
Gyanu your time is UP!