जब अमित शाह बोलते हैं, तो क्या आप (मीडिया) उन्हें टोकते हैं?
अमित शाह में ऐसा क्या खास है कि पूरा मीडिया चुप होकर खड़ा हो जाता है?
जब देश के छात्र नरेंद्र मोदी और अमित शाह से नहीं डर रहे हैं, तो मीडिया को भी उनसे नहीं डरना चाहिए।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
मुस्लिम द्वारा गौक़ुरबानी का बायकॉट करने के बाद बंगाल के पशुपालन और व्यापार करने वाले बंगाली हिंदुओं का हाल देखिए
ये वोही लोग है जो बीजेपीसरकार चाहते थे और सब का साथ सबका विकास कराना चाहते थे अब हुआ यूं कि इनका ही #सत्यानाश हो गया और अब यही लोग सरकार को कोष रहे रो रहे मुआवजा मांग रहे और जहर खा कर सुसाइड करने को धमकी दे रहे।
कम से कम मेटा को तो ये नहीं ही करना था, इस तरह किसी के अकाउंट को सस्पेंड करना ठीक नहीं खासकर तब जब वो नार्वे जैसे देश की पत्रकार हो
जो प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में नंबर 1 है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछने के बाद चर्चा में आने वाली नार्वेजियन पत्रकार,
Helle Lyng का Meta ने Facbook और Instagram दोनों अकाउंट सस्पेंड कर दिया है।
अकाउंट सस्पेंड होने के बाद Helle Lyng ने कहा कि, "यह प्रेस की आज़ादी के लिए दी गई एक छोटी-सी कुर्बानी है।"
शायद नॉर्वे की पत्रकार ये वीडियो को नहीं देखा..
पूरा भाजपा आईटी सेल नॉर्वे की पत्रकार हेली लिंग के पीछे पड़ गया है क्योंकि उसने मोदी से सही सवाल पूछ लिया..
अगर वो पूछती कि जेब में बटुआ रखते हैं, तो ये उसे सर पर बिठा लेते..
इसीलिए तो अपना गोदी मीडिया 157 नंबर पर है...!
#GodiMedia #ModiInNorway #PressFreedom #PressFreedomIndex
पश्चिम बंगाल में मुसलमानों ने बड़ा खेला कर दिया,
मुसलमानों ने गाय न खरीदने का ऐलान कर दिया,
अब पूरे हिंदू पशु व्यापारियों में प्रशासन और सरकार के प्रति आक्रोश भड़क उठा है,
कई जगहों पर पशु व्यापारियों और प्रशासन के बीच झड़प भी हो गई।
नॉर्वे की पत्रकार @HelleLyngSvends ने वह साहस दिखाया, जो भारत का बड़ा मीडिया पिछले 13 वर्षों में नहीं कर पाया। सत्ता से सवाल पूछना पत्रकारिता का धर्म है, लेकिन भारत में अधिकांश मीडिया ने सवालों की जगह चुप्पी और भक्ति को चुन लिया।