एक अच्छा अभिनेता है इसका मतलब उसके विचार अच्छे हो ऐसा नहीं।
पर्दे पर किरदार बात करता है और असल जिंदगी में ओ खुद।
किरदार को देख के ओ अच्छा या बुरा ठहराना ये ग़लत हो सकता है।
- धम्मदीप कांबले
राह है मुझको उस पल की,
बात हो जब किसान बिल की
ना दाये की, ना बाये की,
हम सुनते बस अपने दिल की
धान हमारा माल तुम्हारा,
यह कहानी है इसी साल की
वह कहते हैं आंदोलनजीवी है परजीवी,
ये आवाज है उसी मिल की
मान ली और ठान ली जब अपने दिल की
तो क्या औकात उस एक किल की
@Dhammadip_
मैं धम्मदीप भाऊराव कांबळे खुद के बारे में लिखना थोड़ा कठिन है। मैं खुद को अभी पूरा समझ नहीं पाया। मैं क्या अभी बहुत से लोग तकरीबन 99% खुद को नहीं समझ सके। अभी फिलहाल लिखने का शौक चढ़ा है वह इसके जरिए पूरा कर रहा हु । कुछ किताबें पढ़ी है, तभी से लग रहा है कि कुछ लिखना चाहिए।