@VijayGajeraO Nahi bhaiya hamare pure ghar ko notice aaya tha ( BLO MC tha), humne documents submit kare, humara kis ka bhi ECI suspend nahi hua,
Mere uncle ka dusari jagah tha to unka yaha se hata diya
गुरु, ज़िंदगी बड़ी निष्ठुर है। यहाँ इंसान सब कुछ जीतकर भी हार जाता है। नाना प्रकार की ज़िम्मेदारियाँ और अनगिनत लोगों की अपेक्षाएँ... आख़िर हर जगह, हर कसौटी पर कहाँ तक खरे उतरोगे?
साला संघर्ष करते करते न कभी कभार इंसान टूट जाता है , दुनिया जहान की बातें कर लो पर मन में उठे तूफान को समेटने वाला कोई नहीं होता , जीवन जितनी दिखती है उससे कई गुना ज्यादा कठिन है।
अब मैं इस बात की उम्मीद नहीं रखता कि कोई मेरी बरबादियों और कोशिशों को समझेगा । लोग आएंगे कुछ पल रुकेंगे पर मेरी तबाही के मंजर देखने को और शायद मुझपर हंसेंगे। पर अब मैं सुन्न हो चुका हूं, दर्द, बेचैनी, अकेलापन इनका जहर सर चढ़ चुका है। खुद को बनाने के सफर में खुद को खो चुका हूं मैं...।
"मास्टर, ये ज़िन्दगी चीज़ ही ऐसी है... जब मैंने अपने दिल में रहने वालों के जाने का अफ़सोस नहीं किया, तो घर से जाने वालों की परवाह क्या करूँगा। मास्टर, तू सिर्फ़ बातों की चिंदियाँ रफ़ू कर सकता है, दिलों के चिथड़ों को नहीं। चल जा।"
मैं घटते हुए साल से खुश नहीं हूं, हालात से खुश नहीं हूं,अपनी किस्मत से खुश नहीं हूं पर मुझे किसी ने कहा कि जितना जमाने को दिखाओगे जीवन की समस्याओं का बोझ कम होने के बजाय और भारी लगेगा इसलिए लोगों को अपनी परेशानियां बताना बंद कर दिया।
Life can sometimes leave you stuck in a place where you can neither move forward nor backward. It’s like quick sand, no matter which way you try to go, you end up sinking and getting stuck.