इश्क़ मैने लिख डाला कोमयत के खाने में
और तेरा दिल लिख्खा शहरियत के खाने में
मुजको तजर्वो ने ही बाप बनके पाला है
सोचता हूं क्या लिख्खू वल्दीयत के खाने में
चीख चीख कर बोल रही है बो गलबान की घाटी
तेरे झूट पर सर्मिन्दा है हिंदुस्तान की माटी
देश के सैनिक चुका रहे है तेरे झूट का मोन
चोकीदार तू सच सच बोल चोकीदार तू सच सच बोल
आया था इतिहास बदलने बदल दिया भोगोंल
चौकीदार तू सच सच बोल चोकीदार तू सच सच बोल
#ImranPratapgarhi
याद करो बो जुमला ना खाने दूंगा ना खाऊँगा
वतन में आंच आएगी तो लाहौर तलक चड जाऊँगा
बेचारा सैनिक सरहद पर रोज ही मारा जाता है
तुम कहते थे 1 सर के बदले मैं 10 ले आऊँगा
56 इंची वाली ऐसी बम्मदारी पर नालत है
चोकीदार तेरी ऐसी चौकीदारी पर नालत है
तेरे हर झुटे बादे पर मक्कारी पर नालत
असफलता एल चुनौती है इसे स्वीकार करो
क्या कमी रह गयी देखो और सुधार करो
जब तक ना सफल हों नींद चैन को त्यागो तुम
संघर्ष का मैदान छोड़कर मत मागो तुम
कुछ कए बिना ही जय जय कार नही होती
कोशिश करने वालो की कभी हार नही होती
R.I.P
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Suahant singh rajput
हे अंधेरा बहुत अब सूरज निकलना चाहिए
जैसे भी हो ये मौसम बदलना चाहिए
और जो चहरे रोज बदलते है नकाबों की तराह
अब जनाजा धूम से उनका निकलना चाहिए
#navjot_singh_sidhu_sahab