1799 दरोगा अभ्यर्थियों के बीच गर्दनीबाग में इस समय एक अजीब स्थिति बनी हुई है। दोनों तरफ से एक-दूसरे पर कटाक्ष हो रहे हैं,कोई कोचिंग संस्थानों पर फंडिंग का आरोप लगा रहा है तो कोई फिजिकल अकैडमी वालों पर। लेकिन इन आरोपों से अलग अगर पूरे मामले को समझने की कोशिश करें तो असली दर्द कहीं ज्यादा गंभीर है।
मेंस पास अभ्यर्थियों के मन में डर है कि अगर परीक्षा रद्द हुई तो दोबारा होने वाली परीक्षा में उनका चयन होगा या नहीं, जबकि मेंस में असफल अभ्यर्थी चाहते हैं कि यदि परीक्षा में अनियमितता के पर्याप्त प्रमाण हैं तो परीक्षा रद्द हो और पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा परीक्षा हो।
यानी दर्द दोनों तरफ है, बस परिस्थितियां अलग हैं। ऐसे में एक-दूसरे को कटघरे में खड़ा करने के बजाय सभी अभ्यर्थियों को जांच एजेंसी और आधिकारिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए।
अगर अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए सबूतों में वास्तव में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो निष्पक्ष जांच के बाद परीक्षा रद्द करना ही न्यायसंगत विकल्प हो सकता है। और अगर आरोप प्रमाणित नहीं होते, तो उसकी स्पष्ट जानकारी भी सामने आनी चाहिए।
सुना जा रहा है कि आयोग भी मामले को लेकर सक्रिय है और बैठकों में अभ्यर्थियों द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों/सबूतों पर चर्चा हुई है। अब सबसे बड़ा इंतजार आधिकारिक निर्णय और पारदर्शी कार्रवाई का है।
यह लड़ाई किसी कोचिंग, फिजिकल अकैडमी या किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं होनी चाहिए। मुद्दा सिर्फ इतना है,1799 पदों की भर्ती में हर अभ्यर्थी को निष्पक्षता, पारदर्शिता और न्याय मिले।
जल्दबाजी में किसी पक्ष को सही या गलत ठहराने के बजाय जांच पूरी होने दें। अगर सबूत पर्याप्त हैं तो कार्रवाई हो, और अगर नहीं हैं तो स्थिति स्पष्ट की जाए। अभ्यर्थियों का भविष्य किसी भ्रम में नहीं, बल्कि निष्पक्ष प्रक्रिया में तय होना चाहिए।
#BPSSC #BiharSI #बिहार
वर्दी पहनने के साथ ही कई निजी इच्छाएं पीछे छूट जाती हैं। परिवार से दूरी और कठिन ड्यूटी के बावजूद बिहार पुलिस SI सेवा में डटा रहता है।
अब उसके वेतनमान को भी Level-7 किया जाए।
#BiharPolice#BiharDarogaPayLevel7
बिहार पुलिस SI को कानून-व्यवस्था की चुनौती से लेकर अपराध अनुसंधान तक कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।
इतने व्यापक दायित्व के अनुरूप Level-7 वेतनमान उचित मांग है।
@officecmbihar@samrat4bjp#BiharDarogaPayLevel7
बिहार पुलिस के दरोगा दिन-रात कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 घंटे ड्यूटी करते हैं। उनकी इस कड़ी मेहनत और जोखिम भरे काम को देखते हुए उन्हें पे लेवल 7 का अधिकार मिलना ही चाहिए। मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि दरोगा पद को स्तर-7 में शामिल किया जाए