मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
यूनेस्को मुख्यालय में भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार 'भारत रत्न' बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह विश्व समुदाय की ओर से उस युगांतरकारी महापुरुष की पुण्यस्मृति को नमन है, जिन्होंने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल भारतीय चिंतन को संविधान के माध्यम से अंगीकृत कराया।
6 दिसंबर को महापरिनिर्वाण दिवस पर, बाबा साहब को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम संविधान की मूल आत्मा को जीवन का मानक बनाकर, समतामूलक समरस समाज का संकल्प लें।
Vote Chori सिर्फ़ एक चुनावी घोटाला नहीं, ये संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है।
देश के गुनहगार सुन लें - वक़्त बदलेगा, सज़ा ज़रूर मिलेगी।
यह चार साल का प्रतिबंध मेरे खिलाफ व्यक्तिगत द्वेष और राजनीतिक साजिश का परिणाम है। मेरे खिलाफ यह कार्रवाई उस आंदोलन का बदला लेने के लिए की गई है, जो हमने महिला पहलवानों के समर्थन में चलाया था। उस आंदोलन में हमने अन्याय और शोषण के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की थी।
मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने कभी भी डोपिंग टेस्ट कराने से मना नहीं किया। NADA की टीम जब मेरे पास टेस्ट के लिए आई थी, तो उनके पास जो डोप किट थी, वह एक्सपायर हो चुकी थी। यह एक गंभीर लापरवाही थी, और मैंने केवल यह आग्रह किया कि एक वैध और मान्य किट के साथ परीक्षण किया जाए। यह मेरे स्वास्थ्य और करियर की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक था। लेकिन, इसे जानबूझकर मेरे खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया।
भाजपा सरकार और फेडरेशन ने मुझे फंसाने और मेरे करियर को खत्म करने के लिए यह चाल चली है। यह फैसला निष्पक्ष नहीं है, बल्कि मेरे और मेरे जैसे अन्य खिलाड़ियों को चुप कराने की कोशिश है।
NADA की इस हरकत ने यह साबित कर दिया है कि उन्हें निष्पक्षता से कोई लेना-देना नहीं है। इस तरह के तमाम संस्थान सरकार के इशारे पर चल रहें है। इस प्रतिबंध के पीछे का असली मकसद मुझे चुप कराना और गलत के खिलाफ आवाज़ उठाने से रोकना है।
मैं यह स्पष्ट कर दूं कि चाहे मुझे जिंदगीभर के लिए निलंबित कर दिया जाए, लेकिन मैं अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाना बंद नहीं करूंगा। यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं, हर उस खिलाड़ी की है जिसे सिस्टम ने चुप कराने की कोशिश की है। मैं इस फैसले के खिलाफ अपील करूंगा और अपने हक की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ता रहूंगा।
उड़ीसा में आदिवासी लड़की का पहले सार्वजनिक बलात्कार किया गया। फिर उसे सबके सामने टट्टी खिलाई गई।
ऐसे लोग समाज में रहने लायक नहीं है।
दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।
@CMO_Odisha@DGPOdisha
उ प्र मेरठ के गांव भैसी मे @meerutpolice के SI के सामने वाल्मीकि जाति के व्यक्ति को ग्राम प्रधान अमित चूड़ा कहकर अपमानित कर रहा है, मामला शमशान घाट मे शव का अंतिम संस्कार करने से रोके जाने का है।
ऐसी नीच मानसिकता के व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।
@dgpup@myogiadityanath
देश आजाद हुए 75 साल से ज्यादा हो गए, मगर आज भी जातिवाद पीछा नहीं छोड़ता।
उत्तर प्रदेश के जिला बदायूं के सहसवान में वाल्मिकी समाज की बेटी की शादी के लिए कोई मैरिज हाल देने को तैयार नहीं।
@myogiadityanath क्या यही रामराज्य है?
वाल्मीकि समाज से इतनी घृणा?
@PrashantK_IPS90@Uppolice
इन भाई का Feedback देखिए। महज 20 दिन पहले इन्होंने ग्रुप जॉइन किया था और 15 दिन में इनका काम पूरा हो गया। जब भाई ने ग्रुप जॉइन किया था, तब बोले थे कि मुझे कुछ भी आइडिया नहीं है, मैं X पर नया हूँ, कृपया मुझे गाइड करें। मेरे बताए हुए रास्ते पर मेहनत करके भाई ने 15 दिन में काम पूरा कर लिया।
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@JaikyYadav16 शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए हमें समाधान ढूंढने की जरूरत है, न कि शिक्षकों को बदनाम करने की। शिक्षकों की लापरवाही के लिए प्रशासनिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। शिक्षकों का सम्मान और समर्थन करें, ताकि वे बच्चों के भविष्य को बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें।