��्व. भाई श्री प्रसन्न जी की मृत्यु हम सबके लिए व्रजपात-सी है।
श्रद्धांजलियाँ पर्याप्त न होंगी।
फिर भी वास्तविक श्रद्धांजलि कही जाएगी यदि हम अपने दिल पर हाथ रखकर आज यह प्रण लें कि राजस्व के अतिरिक्त, बिना लिखित आदेश व बिना अधिकारी की उपस्थिति के कोई कार्य नहीं करेंगे।
ॐ शांति।🙏