@tribalvoice99 ट्रेड डेफिसिट 300 बिलियन डॉलर से अधिक है। और फॉरेन रिजर्व 780 बिलियन डॉलर। अब आते है ऑयल जो रशिया से इंडियन रूपीज में खरीद रहे है। मतलब ट्रंप का 100% टैरिफ लगते ही अगर रशिया तेल बंद किया तो 2 महीने में फॉरेन रिजर्व खत्म। झूठा ढिंढोरा फॉरेन रिजर्व का।
बालाघाट में 30 से ज़्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है।
संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही।
मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो ज़रा राज्य की ज़मीनी हालत भी देखिए।
बीमारी, पोषण और साफ पानी की कमी और चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था नन्हें बच्चों की जान ले रही है।
मिलावटी दवाइयां और जहरीली अवैध शराब सैकड़ों परिवारों को तबाह कर रही हैं।
मैं इंदौर आ रहा हूं और लगातार प्रदेश के छात्रों, युवाओं और आम लोगों से feedback ले रहा हूं। सामने आ रही भयावह घटनाएं बता रही हैं कि मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था आज देश भर में सबसे ज़्यादा बर्बाद है।
छात्र, बच्चे, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े या महिलाएं - हर वर्ग प्रताड़ित है, कोई खुश नहीं।
मध्य प्रदेश सरकार आज भारत की सबसे भ्रष्ट और सबसे कुशासित सरकार है - यही सच्चाई है।
भारत की जनता को यह क्रॉनोलॉजी जरूर समझनी चाहिए।
यही बात नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi बार-बार देशवासियों को समझा रहे हैं कि मोदी सरकार भारत की जनता की बजाय अमेरिका की सरकार के इशारों पर काम कर रही है। फायदा अमेरिका का और नुकसान भारत की जनता का, यह कैसा आत्मनिर्भर भारत है।
11 जून 2025- केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने खुद X पर पोस्ट कर कहा कि यूपीआई पर MDR चार्ज लगाने के दावे झूठे, बेबुनियाद और भ्रामक हैं, सरकार मुफ्त डिजिटल भुगतान के प्रति प्रतिबद्ध है।
मार्च 2026- अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय के अधीन काम करने वाली संस्था USTR (यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव) ने अपनी रिपोर्ट में भारत की यूपीआई नीति को वीजा-मास्टरकार्ड जैसी अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचाने वाली बताया।
सितंबर 2026- भारत सरकार ने 2000 रुपए से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत चार्ज लगाने का ऐलान कर दिया।
अमेरिकी सरकार और अमेरिकी कंपनियों के दबाव में कुछ ही महीनों बाद भारत सरकार ने अपना रुख बदल दिया। इस पूरे फैसले का नुकसान सीधे आम जनता और छोटे व्यापारियों को भरना पड़ेगा, जबकि फायदा वीजा-मास्टरकार्ड जैसी अमेरिकी कंपनियों को मिलेगा।
नरेंद्र मोदी जी.. राजस्थान के निकाय चुनावों में आपके कथित "प्रचंड बहुमत" की सच्चाई आज जयपुर की जनता ने फिर सामने रख दी।
जयपुर शहर के जिन चार वार्डों 9, 18, 25 और 34 में पुनर्मतदान कराया गया, वहां कांग्रेस ने चारों सीटें जीत लीं। कांग्रेस के विजयी पार्षदों को हार्दिक बधाई।
अब प्रधानमंत्री मोदी जी और मुख्यमंत्री भजनलाल जी को राजस्थान की जनता को जवाब देना चाहिए.. ये कैसा "प्रचंड बहुमत" है, जिसमें पुनर्मतदान में चारों पार्षद कांग्रेस के जीते। आपने मशीनों में तकनीकी खराबी बता कर पुनर्मतदान कराया, जिसमें भी जनता ने आपको नकार दिया। आपकी बेईमानी की सारी कलई खोल कर रख दी! असल में तकनीकी खराबी नहीं, आपकी नियत ही ख़राब थी।
निर्वाचन आयोग को पहले ही पता था कि कांग्रेस जीत रही है, इसलिए इन वार्डों में भाजपा सरकार के इशारे पर तकनीकी खराबी बता कर रिजल्ट घोषित नहीं किया, भाजपा ने जनादेश लूटने के लिए मशीनरी और सत्ता का दुरपयोग किया। निर्वाचन आयोग को कठपुतली बनाकर परिणाम बदलने की कोशिशें की, लेकिन पुनर्मतदान में साफ़ हो गया कि जनता ने पहले भी कांग्रेस ही वोट दिया था, और दोबारा भी कांग्रेस को ही चुना है।
पुनर्मतदान के परिणाम ने भाजपा के कथित प्रचंड बहुमत की पूरी तरह हवा निकाल दी। अब स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने सत्ता के दुरुपयोग प्रदेश में कई जगह-जगह बेईमानी से जनादेश लूटा है। मुख्यमंत्री जी.. क्या यही वो प्रचंड बहुमत है जिसके आधार पर लड्डू बांटकर अपनी ही पीठ थपथपा रहे हैं?
इतना ही नहीं.. और अब जब बोर्ड बनाने की बारी आई है, वहां भी जनता द्वारा नकारी गई भाजपा पुलिस-प्रशासन के इस्तेमाल और निर्वाचित पार्षदों पर दबाव बनाकर कुर्सी पर काबिज होना चाहती है।
मुख्यमंत्री जी.. जनादेश मशीनरी के दबाव से नहीं, जनता के वोट से तय होता है। आज जिस तरह से पुनर्मतदान में भाजपा की पोल खुली है, आने वाले पंचायत चुनावों में भी भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ेगा।
Zombie society.
A Sikh man went to distribute food to flood affected people in Bihar, but people rushed to grab and loot the items. They also put a female team member at risk. Just insane.
Why are some people so uncivilized? Sick.
पहले हिंदू मुस्लिम करके देश का बेड़ा गर्क किया।
अब हिंदू हिंदू लड़ रहा है तो इनके रोंगटे खड़े हो रहे है।
अब जैसा बोया वैसा ही काटना पड़ेगा बंधु।
भुगतो अब।
कॉस्ट प्राइड चरम पर है इस युग में।
इसे शिक्षित होना तो नहीं कहेंगे।
@Durgesh19956858@Uppolice@prayagraj_pol सबसे उत्तम विकल्प कांग्रेस सपा की सरकार है।
बसपा का भी हो जाता परंतु बहन जी मैदान में एक सभा तो करे।
बहन जी आ जाए तो पासा पलट सकता है।
इसीलिए ब्राह्मणों को और क्षत्रियों को सपा कांग्रेस को जीता देना चाहिए अगर गठबंधन होता है तो नहीं तो कांग्रेस सभी के लिए बेस्ट विकल्प है।
देश में लॉ एंड ऑर्डर भगवान भरोसे है।
पुलिस से लेकर नेता और अधिकारी सब भ्रष्ट हो चुके।
खाने में नकलीपन की भरमार है।
देखते है आगे कहा तक जाता है सिलसिला।
देश राज्य चलाना हर किसी के बस की बात नहीं।
@rajputr_itihas इनके हिसाब से जो वोट देगा उस हिसाब से कानून बनेगा।
अब कानून वोट के हिसाब से बनेंगे तो फिर इनकी बौद्धिक क्षमता पर संदेह है।
क्या हो गया है जनता के चरित्र को?
खुले आम नैतिक राजनीति तो कही नहीं रही।
इस देश को क्रांति को जरूरत है पर करेगा कौन जब जनता का ही पतन हो जाए।