@GovindDotasra शिक्षकों का पे प्रोटेक्शन वापस लेने के आदेश में उन्हें वापस अपने मूल पद पर लौटने का विकल्प भी दिया जाना चाहिए क्योंकि उन्हें विद्यमान वेतन पर नियुक्ति दी गई थी और इसी शर्त पर उन्होने पूर्व पद से कार्यमुक्त होकर नये पद पर कार्यग्रहण किया था
@RajCMO@BhajanlalBjp शिक्षकों का पे प्रोटेक्शन वापस लेने के आदेश में उन्हें वापस अपने मूल पद पर लौटने का विकल्प भी दिया जाना चाहिए क्योंकि उन्हें विद्यमान वेतन पर नियुक्ति दी गई थी और इसी शर्त पर उन्होने पूर्व पद से कार्यमुक्त होकर नये पद पर कार्यग्रहण किया था
पे प्रोटेक्शन रिकवरी मामले में संगठन के प्रयासों से फील्ड के अधिकारी अपने आदेश वापस लेने लगे।
साथियों, किसी भी जिले में कोई भी फील्ड ऑफिसर विभागाध्यक्ष के आदेशों की अवहेलना कर रिकवरी आदेश करे तो अवगत करवाएं, ये मनमर्जी नहीं चलने दी जाएगी।
निदेशक महोदय जी का आभार
जय संगठन जय रेसला
पे प्रोटेक्शन रिकवरी मामले में संगठन की मांग पर निदेशक महोदय जी द्वारा शिक्षक को प्रारंभिक शिक्षा विभाग का कार्मिक मानते हुए शासन से मार्गदर्शन मांगा गया था इसके बावजूद निदेशक महोदय जी के आदेशों की अवहेलना कर कुछ जिलों में रिकवरी आदेश निकाले जा रहे थे जिस पर संगठन ने निदेशक महोदय जी को इन अधिकारियों की मनमर्जी से अवगत करवाकर इस पर रोक लगवाने का आग्रह किया।
निदेशक महोदय जी के निर्देशानुसार निकाले गए रिकवरी आदेश वापस लेने के फील्ड कार्यालयों आदेश जारी किए जाने हो गए हैं।
कोई सीबीईओ डीईओ यदि मनमर्जी करे तो अवगत करवाए।
निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीताराम जी जाट का आभार धन्यवाद।
जय संगठन जय रेसला।
सादर गिरधारी गोदारा प्रदेश अध्यक्ष रेसला
@saten_08
साथियों,
रिकवरी मामले में निदेशक महोदय जी द्वारा शासन से स्पष्टीकरण मांगने व स्पष्टीकरण का प्रत्युत्तर आने से पूर्व ही अजमेर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा रिकवरी आदेश निकाला जाना निदेशक महोदय जी के आदेशों की अवेलना है के संबंध में निदेशक महोदय माध्यमिक शिक्षा व वित्तीय सलाहकार महोदय जी से वार्ता की।
दोनों ने इसे गलत माना और इस प्रकार के आदेशों पर रोक लगवाने का भरोसा दिया।
निदेशक महोदय जी का आभार धन्यवाद
@RajCMO@BhajanlalBjp@madandilawar@KumariDiya@RajSampark@saten_08
@PRESIDENTBKN2 अगर पे प्रोटेक्शन नहीं देना था तो विद्यमान वेतन पर नियुक्ति देकर धोखे से शिक्षकों से उनकी पूर्व पद की बरसों की सेवा क्यों छीनी। इसलिए शिक्षकों का पे प्रोटेक्शन यथावत रखा जाए अथवा उन्हें वापस अपने मूल पद पर लौटने का विकल्प दिया जाए ताकि उनका भविष्य बर्बाद होने से बच सके
@BJP4Rajasthan@madanrrathore अगर पे प्रोटेक्शन नहीं देना था तो विद्यमान वेतन पर नियुक्ति देकर धोखे से शिक्षकों से उनकी पूर्व पद की बरसों की सेवा क्यों छीनी? इसलिए शिक्षकों का पे प्रोटेक्शन यथावत रखा जाए अथवा उन्हें वापस अपने मूल पद पर लौटने का विकल्प दिया जाए
पे प्रोटेक्शन देना पड़ेगा।
मर्जी से नियम विरुद्ध निकाले गए आदेश रद्दी में जाते हैं।
संविधान निर्माताओं ने संविधान इसलिए ही बनाया था कि जब सताएं नहीं सुने तो संविधान उन्हें हक दिला सकेगा।
@NarpatdanArang3 अगर पे प्रोटेक्शन नहीं देना था तो विद्यमान वेतन पर नियुक्ति देकर धोखे से शिक्षकों से उनकी पूर्व पद की बरसों की सेवा क्यों छीनी? इसलिए शिक्षकों का पे प्रोटेक्शन यथावत रखा जाए अथवा उन्हें वापस अपने मूल पद पर लौटने का विकल्प दिया जाए