चैप्टर 6 10(13) है यदि *रिमाइंडर* के बाद भी हलफनामे के सभी कॉलम नहीं भरे जाते, तो अधूरा हलफनामा नामांकन पत्र खारिज करने का आधार बन सकता है,ये जुड़ा 10(12) जो कहता है कि अगर निर्धारित हलफनामा बिल्कुल नहीं भरा गया है, या हलफनामा दोषपूर्ण या गलत जानकारी वाला माना गया है, तो सिर्फ इसी आधार पर नामांकन खारिज नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन रिमाइंडर दिया कब? @GargiRawat
स्वास्थ्य मंत्री का मुख्य फोकस देश के लोगों की हेल्थ के लिए होना चाहिए,
हॉस्पिटल्स में दवाएं मंहगी क्यों हैं
नकली दवाएं क्यों बिक रही हैं
गरीब आदमी को इलाज नहीं मिल पा रहा है
ये सब करने के लिए पार्टी के लोग होते हैं,
बाबा साहब का सम्मान दिखावा नहीं है।
खुद के देश में मंहगाई से गरीब लोग खत्म होते जा रहे हैं लेकिन इनको ईरान की पड़ी है।
>मजदूर वर्ग 300 रुपए किलो गैस खरीद रहा है,
>लोकल कन्वेंस दोगुना हो गया है
>खाना पीना मंहगा हो गया है
>रूम रेंट मंहगा हो गया है
पंडा पुजारी लोग कैसे मंदिर में दान के पैसों की चोरी करते हैं आप देख सकते हैं, जनेऊ धारी पुजारी को देखिए कैसे शातिर तरीके से चोरी को अंजाम दे रहा है 🔥🔥🔥
सबसे बड़े नास्तिक लोग तो यह पुजारी स्वयं होते हैं यह जानते हैं ईश्वर नहीं है तभी उनकी आंखों के सामने चोरी करते हैं 🔥🔥
विदेशी मीडिया -
देश में पेपर लीक के विरोध में विपक्ष का जोरदार विरोध प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े।
भारतीय मीडिया -
शाम को देखा तो मजार थी, सुबह बगिया गुलजार थी!
अमेठी के इन नवयुवकों ने नवनिर्मित खराब क्वालिटी की सड़क से ठेकेदार को एक्सपोज किया,
इनको डराने के लिए FIR की गयी है, इनका तरीका गलत हो सकता है, लेकिन अच्छी सड़क किसको नहीं चाहिए? ये अधिकारी और नेता योगी जी की बदनामी कराने में लगे है।
पन्ना में कुछ गरीब लोग मरीज को सरकारी अस्पताल लेके पहुँच गए और फिर कह रहे मरीज को 3 घंटे तक इलाज नहीं मिला,
फिर क्या मर गया बेचारा!
खैर मुझे क्या करना गरीब जाने उनका काम जाने!!
ऊर्जी मंत्री के सामने ही कटी बिजली
मोदी की उपलब्धि टॉर्च से गिनाई
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जयपुर में मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर उसकी उपलब्धियां गिना रहे थे. कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री भी मौजूद थे. इसी दौरान मंत्री के सामने महज 15 मिनट में तीन बार बिजली चली गई.
बिजली गुल होने के बावजूद कार्यक्रम जारी रहा. मोबाइल की टॉर्च और कैमरे की लाइट की मदद से मोदी सरकार की 12 साल की उपलब्धियां गिनाई गईं. देखिए वीडियो...
बिजली मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिजली का अता पता नहीं है,
अश्विनी वैष्णव जी ने अपनी सफाई में कहा है कि कश्मीरी पुलाव में कश्मीर भी तो नहीं होता है।
मामला भारतीय राजनयिक देवयानी के साथ अमेरिका में हुई बदसलूकी का था।
एक अमेरिका प्रतिनिधिमंडल भारत आया था। यूपीए की सरकार थी। विदेश मंत्री सलमान ख़ुर्शीद मिले क्योंकि नाराज़गी जतानी थी। बदसलूकी के विरोध स्वरूप लोकसभा स्पीकर, गृह मंत्री समेत तमाम नेताओं ने मिलने से मना कर दिया। खुद गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी, जो कि तब तक बीजेपी की तरफ़ से पीएम कैंडिडेट घोषित हो चुके थे, उन्होंने भी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल मिलने से मना कर दिया।
ये ख़बर देख कर सोचता हूँ कि तीन भारतीयों के मारे जाने के बाद भी क्या आज के समय में मोदी सरकार में कोई किसी अमेरिकी से मिलने से मना कर सकता है?!