अगर ये भोंपू लगाएंगे तो आपको हनुमान चालीसा सुननी पड़ेगी पांच टाइम हम क्यों सुने
तेरा अल्लाह तेरी नमाज तू सुन अपने घर में चला मेरे कानों में क्यों डाल रहा है इस अजान को
सीधी बात नो बकवास🔥
@ashokshera94 आपने खुद की विकट परिस्थितियों की याद दिला ही दी तो आपके विकट परिस्थितियों में हनुमान बेनीवाल जी आपके साथ अग्रिम पंक्ति में थे और मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अब भी अगर आपके ऊपर विकट परिस्थितियां आती है हनुमान बेनीवाल जी आपके साथ खड़े होंगे 🙏
#कांग्रेस_का_टॉर्चर सिर्फ ATS कस्टडी तक ही नहीं मेरेजीवन भर के लिए मृत्यु दाई कष्ट का कारण हो गएl ब्रेन में सूजन,आँखों से कम दिखना,कानो से कम सुनना बोलने में असंतुलन स्टेरॉयड और न्यूरो की दवाओंसे पूरे शरीर में सूजन एक हॉस्पिटल में उपचार चल रहा हैl जिंदा रही तो कोर्ट अवश्य जाउंगीl
@ashokshera94@RajCMO आपसी लेनदेन के मामले को दो समाजों का मामला नहीं बनाना चाहिए जिससे भाईचारा बिगड़े रिश्तों में खटास हो थार की अपणायत कायम रहनी चाहिए जोधपुर की अपनी अपनायत की मिसाल दी जाती है अनिता के साथ मे 100% भाई चारा रहा है थार की अपणायत रहे इसलिए अनिता ने अपने 6 टू क डे कराये मुउले से
जब आपको इतना सब क्लियर हैं और इस शिक्षक पर पहले भी पोक्सो जैसे कैस दर्ज है तो क्यों ना एसे गंदी नाली के कीड़ों को परमानेंटली सस्पेंड कर के आजीवन कारावास दिया जाए। क्योंकि इससे गंदा कार्य कोई हो ही नहीं सकता। और माननीय शिक्षा मंत्री जी अगर आप शिक्षा विभाग के लिए कुछ कर सको तो यह👆
बाड़मेर के सरकारी विद्यालय में हेडमास्टर द्वारा अवैध संबंध की घटित यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना अत्यंत निंदनीय एवं शर्मनाक है। इस प्रकार का कृत्य विद्यालय जैसे पवित्र शैक्षणिक संस्थान में किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए दूरभाष के माध्यम से उच्च अधिकारियों से विस्तृत वार्तालाप कर त्वरित जांच एवं कड़ी कार्रवाई हेतु उन्हें निर्देशित किया गया है।
बाड़मेर के विद्यालय में घटित यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना अत्यंत निंदनीय एवं शर्मनाक है। इस प्रकार का कृत्य विद्यालय जैसे पवित्र शैक्षणिक संस्थान में किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। @Barmer_Police
अमरीका में वोट डालना आसान है।
उसके लिए आपको नागरिक होना जरूरी नही।
बस आपके पास किसी का वोटर रजिस्ट्रेशन होना चाहिए जो वहां का नागरिक है।
अब आप जानते हैं कि चुनाव में 60% वोट भी नही पड़ते।
अब मान लो किसी सरकार ने चुनाव जीतने को 80% वोटरों का रजिस्ट्रेशन करा दिया उसके डॉक्युमेंट्स लगाकर और उन सबको रजिस्ट्रेशन स्लिप दे दी।
और जब वोटिंग की बारी आई तो इन 80% में से 20% का रजिस्ट्रेशन उनसे किसी भी पैसे या कुछ अन्य देकर ले लिया तो उस सरकार के पास 20% वोटर के रजिस्ट्रेशन हैं।
अब वो उस स्लिप को आपको दे देगा और कुछ डॉलर देकर कहेगा कि इसे पोलिंग बूथ में ले जा और वोट दे आ।
अब यहां पर जरूरत पड़ती है वोटर फ़ोटो ID चेक करने की तो कई अमरीकी राज्यों में ये अनिवार्य है ही नहीं।
तो आप पोलिंग बूथ में जाएंगे और कहँगे कि ये मेरा रजिस्ट्रेशन है और मेरे पास कोई ID प्रूफ नही, मैं घर भूल गया और पोलिंग बूथ में जो ऑफिसर होगा उसे उस रजिस्ट्रेशन को चेक कर आपको वोट देने देना होगा।
और इसी की लड़ाई ट्रम्प से लेकर मस्क लड़ रहा है कि पोलिंग बूथ पर वोटर फ़ोटो ID कम्पलसरी की जाए और फिर रजिस्ट्रेशन में भी वोटर की लेटेस्ट फ़ोटो अपलोड की जाए, जिन दोनों का मिलान हो और तब वोटिंग करने को दिया जाए।
लेकिन डेमोक्रेट्स कह रहे कि हम ये नही होने देंगे। कमला तो ये तक कह रही कि अमरीका के कई इलाके इतने पिछड़े हैं कि वहां ज़ेरॉक्स मशीन तक नही और तुम्हे वोटर फ़ोटो ID चाहिये, कहाँ से लाएंगे बेचारे गरीब।
और इसी का फायदा उठाया जा रहा और इलीगल लोगों से वोट कराए जा रहे जो वहां के किसी रियल वोटर के नाम पर वोट कर रहा है।
और इस वजह से ट्रम्प के समर्थक हर पोल बूथ पर नजर रखे हैं ताकि पहचान सकें कि ये तो हमारे इलाके का है ही नहीं, कोई इलीगल है।
लेकिन फिर भी कितने ही फर्जी तो भीड़ में वोट डालकर आ ही जायेंगे।
एक समय यही भारत मे चलता था।
आपको पर्ची दे दी जाती थी और लाइन में खड़ा कर दिया जाता था।
आपको बता दिया जाता था कि तेरा नाम फलाना कुमार है और आप पोलिंग बूथ पर जाकर अधिकारी से कहते थे कि मेरा नाम फलाना कुमार है, जो उस लिस्ट में सच मे होता था।
अधिकारी नाम और पर्ची का मिलान कर खानापूर्ति कर देता था और आपको वोट देने देता था।
लेकिन हमने अपना चुनाव प्रोसेस डेवलप कर दिया।
बूथ जो लूट लिए जाते थे उनकी जगह EVM आ गयी।
वोटर ID से मिलान फुलप्रूफ होने लगा।
पूरी शक्ल चेक होती है।
यहां तक कि जब उन्हें शक हो तो बूथ एजेंट या लाइन में खड़े लोग ही बता देते हैं कि अपने ही मोहल्ले का है।
स्याही तक लगने लगी।
लेकिन दुनिया की "महान" डेमोक्रेसी में अभी भी फर्जीवाड़ा चल रहा है।
और इसी तरह इन्होंने पिछली बार भी ट्रम्प को हरवाया था जिसके बाद 1 महीने तक उपद्रव हुआ अमरीका में।
और इस बार भी ये ट्रम्प को इसी तरह हराना चाहते हैं, वरना ट्रम्प कल भी जीत रहा था और आज भी जीत रहा है, फिर ये मीडिया से लेकर सर्वे में कितना ही ट्रम्प को पीछे बताते रहें क्योंकि सब डेमोक्रेट्स के खरीदे पालतू पिल्ले हैं।।
बाकी देखो क्या होता है। 5 नवम्बर को फाइनल वोटिंग है।
अभी अर्ली वोटिंग चल रही है क्योंकि कुछ लाडसाहब वोटिंग वाले दिन बड़े बिजी रहते हैं तो उन्हें अमरीका में अर्ली वोटिंग की सुविधा दे रखी होती है।
लेकिन उधर तो उनकी डिजिटल EVM भी फर्जीवाड़ा कर रही हैं।
पिछली पोस्ट में ऐसा ही वीडियो डाला है मैंने कि उधर की EVM और भारत की EVM का क्या अंतर है।
@ashokshera94 आनिता चौधरी के गाव मे सेकुलर का इतना बाडा कीड़ा था की आखिर मे एक मुल्ले गुल मोह्बद ओर उसकी पत्नी से आपने शरीर के 6टुकडे करवा कर मानी
चमचो सुधर जावो आभी भी वक्त है थुले आपनी सगी बहन के भाई नही होते है ओर यह आपनी चौधरण थुले के घर राखी बाधने जाति थी गजब के लोग है
@SupriyaShrinate@RahulGandhi मोदी हैं तो मुमकिन हैं
जो प्रभु राम काल्पनिक हैं कहते थे
जो राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के लिए नहीं गए
जो अयोध्या राम मंदिर अभी भी नहीं गए, वो दीपावली मना रहें हैं ?
वाह रे चुनावी हिंदू