A Pygmy can spend double Nehru's time as PM but still remain a dwarf.
All he can do is hypnotise morons (however qualified or not — in terms of education) with Crony Capital financed propaganda and spineless bought over media.
मोदी इस जन्म में तो नेहरु से बड़े नहीं हो सकते . चाहे मंत्रियों को मंदिर भेजकर पूजा अर्चना करवा लें . चाहे NDA नेताओं से वंदना करवा लें . चाहे भक्तों से तालियां बजवा लें . चाहे मीडिया से चौबीसों घंटे चाटुकारिता करवा लें .
नेहरु होने के लिए सालों - साल जेल में गुजारने होते हैं . आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लेना होता है .Glimpses of world history और Discovery of india जैसी कालजयी रचनाएं लिखनी होती है . नफ़रत मुक्त राजनीति
करते हुए देश के लिए बड़े - बड़े संस्थान गढ़ने होते हैं. विपक्ष का सम्मान करना होता है . पादुका पूजकों का समूह और अंध भक्तों की फौज मोदी को नेहरु नहीं बना सकती .
नेहरु का रिकॉर्ड साल , महीने और दिन गिनकर नहीं तोड़ा जा सकता. नेहरु ने अपने कालखंड में जो किया और देश को जो दिया , उससे इन 12 सालों की तुलना ही नहीं की जा सकती . समाज में नफ़रत और ज़हर का घोल नेहरु ने नहीं घोला था . नेहरु ने बड़े -बड़े संस्थान तब बनाए थे , जब देश गुलामी से आज़ाद हुआ था . हज़ार तरह की चुनौतियां थी. आर्थिक तौर भारत बहुत कमज़ोर था. अंग्रेज गरीबी और तंगी हमारे हिस्से में छोड़ गए थे . वैश्विक पटल भी भारत एक आज़ाद मुल्क के तौर पर अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहा था . तब भी नेहरु ने ऐसे राष्ट्र की कल्पना को साकार करने की कोशिश की थी , जिसमें भाईचारा हो , मोहब्बत हो .धर्म आधारित राजनीति न हो , सांप्रदायिकता न हो .
नेहरु ने तरक्की की ऐसी बुनियाद रखी थी , जिसमें नफ़रत और साम्प्रदायिकता की कोई जगह नहीं थी . और आज ?
मीडिया को गुलाम बनाकर अपनी चाटुकारिता करवा लेने से कोई नेहरु नहीं बन सकता .
@anjanaomkashyap Shameless bootlicking, unscrupulous, godiya, people hate you..just leave already dalaal aurat! You have done enough damage..sab ki haye lagegi thujhe..
Fathers vote for bulldozer, lynch!ng etc
Mothers vote for 10k in bank account
Children fight paper leaks, answer sheet exchange etc on social media
Repeat
सपनों का सौदागर हूं और जुमलों से बहलाऊंगा
आज की रोटी छोड़ दो, कल चांद दिखलाऊंगा
ये है 2047 विकसित भारत की हकीकत।
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही कहा, मुझे 60 दिन दे दो, फिर 60 हफ्ते मांगे, फिर 60 महीने।
जब कुछ नहीं हुआ तो कहा- 2022 तक सबके सिर पर छत होगी, किसानों की आय दोगुनी होगी, 2 करोड़ रोजगार हर साल दूंगा, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
अब नरेंद्र मोदी 2047 की बात कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी 2047 की बात कर अपने 2-3 साल शांति से गुजारना चाहते हैं, लेकिन ये हो नहीं पाएगा।
क्योंकि ये परीक्षा ठीक से करा नहीं पा रहे, तेल दे नहीं पा रहे। अब देश को इनके 2047 वाले लॉलीपॉप में कोई इंट्रेस्ट नहीं है।
नरेंद्र मोदी की विदेश नीति देखें तो विदेशों में कोई आपका दोस्त ही नहीं बचा। ईरान से दुश्मनी ले ली और गैस का संकट खड़ा हो गया।
हमारा निवेदन है कि एक अच्छा सलाहकार लाइए, जो आपको अगले 2-3 साल तक मार्गदर्शन दे सके या फिर खुद मार्गदर्शन मंडल में शामिल हो जाइए।
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
There is a form of liberal punditry about the BJP which goes “you have to hand it to them…” You don’t. When you tip your hat to a poisonous majoritarianism, you amplify its aura. When you give the devil his due, you join his baggage train.