Have Modi's tweets officially been included in the syllabus for BPSC Exam?
Or is this just a ploy to ensure only kattar Modi bhakts qualify? #Masterstroke 🫡
बताइए अभी सिर्फ़ SIT जांच का आदेश हुआ है,
और अभी से राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की तबीयत ख़राब होने लगी है!!
कहीं सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच का आदेश हो जाता,
तो फिर तो स्वास्थ्य लाभ की सर्जरी के वास्ते एनेस्थीसिया की ज़रूरत भी न पड़ती!!!
Super Exclusive-
विनय कटियार ने बता दिया ‘वो’ नाम!!
राम मंदिर चोरी पर विस्फोटक इंटरव्यू!!!
“ये टिन्नू चंपत राय का ड्राइवर बन गया साला!
चंपत राय, अनिल मिश्रा सब जांच के दायरे में!
चोरों को माफ़ नहीं करूँगा!
हथकड़ी लगवाकर जेल भेजूँगा!
राम मंदिर में पहले से ही चल रही थी चोरी!
बहुत दर्द हुआ है कलेजे में।”
हे राम!
इस राम राज्य में अभी क्या-क्या दिन देखने बाकी हैं?
दैनिक भास्कर लिख रहा है क्या राम मंदिर से 200 करोड़ का चढ़ावा चोरी हुआ?
50 कर्मचारी रडार पर!
2 करोड़ अब तक कैश मिला।
बावजूद इस सरकार ने अब तक नहीं दर्ज कराई कोई एफआईआर!
न कोई गिरफ़्तारी।
जिन पर गंभीर आरोप, वही करवा रहे जांच?
सच का जल गया चावल, इतनी तेज आँच!!!
132 फीट का टावर "चोरी" हो गया — यह खबर तो खूब चली।
लेकिन सच्चाई यह बताई जा रही है कि 2017 से 2022 तक भुगतान नहीं मिलने पर मालिक ने खुद ही टावर बेच दिया।
कभी-कभी हेडलाइन से ज्यादा दिलचस्प सच्चाई होती है। 🤔📰
क्या मोदी ने भारत को ट्रम्प का ग़ुलाम बना दिया है?
ये मोदी का नहीं पूरे भारत का अपमान है।
हमारे विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी सेना द्वारा तीन भारतीयों की हत्या पर अपना विरोध जताने के लिये मार्को रुबियो को फ़ोन किया रुबियो ने दुख जताने के बजाय उल्टा हमारे विदेश मंत्री को ही “डाँट” दिया।
बोला “अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन बर्दाश्त नही किया जायेगा”
कहाँ हो बेशर्म गोदी मीडिया?
कहाँ हो अंधभक्त?
कहाँ मर गई तुम्हारी देशभक्ति?
एकदम सही सवाल!
राम मंदिर के चढ़ावे में गबन का मामला।
आखिर अब तक क्यों नहीं दर्ज कराई एफआईआर?
क्या राम मंदिर ट्रस्ट के लोगों ने ख़ुद को ही भगवान समझ लिया है?
कि भगवान के ख़िलाफ़ एफआईआर कैसे हो सकती है?
या फिर संसद ने भगवान के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले उनके देवदूतों के लिए,
Divine Immunity का कोई नवा संविधान पास किया है?
सोचिए!
महाकुंभ के दौरान भी राम मंदिर में चल रही थी चंदे की छककर चोरी!
और इस सब के बावजूद राम मंदिर ट्रस्ट एक अदद एफआईआर तक दर्ज करने को नहीं तैयार!!!
किसको को बचा रही सरकार?
छोटी मछलियाँ तो पकड़ी ही जाएँगी!
पर ‘ब्लू व्हेल’ फिर से बच जाएगी इस बार?
लीजिए।
जो बात हम शुरू से कह रहे थे, उभर कर आ ही गई।
अमर उजाला लिखता है।
राम मंदिर दान राशि गबन मामला:
ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों पर भी संदेह,
संलिप्तता मिलने पर कम हो सकते हैं अधिकार।
पर हुज़ूर अधिकार कम क्यों होगा?
एफआईआर क्यों नहीं होगी?
गिरफ़्तारी क्यों नहीं होगी?
क्या ट्रस्ट के पदाधिकारी भगवान राम द्वारा नियुक्त इस पृथ्वी के राज्यपाल और राष्ट्रपति हैं,
कि उन पर पद पर रहते हुए मुक़दमा नहीं चल सकता?
We don't care whether the government wants to push E27, E85, or even E100.
What we do care about is getting the right fuel for the vehicles we own.
Stop forcing E0 and E10-compatible vehicles to run on fuels their engines were never designed to handle.
Consumers are not a testing ground for policy experiments, nor should they be forced to bear the cost of reduced compatibility, performance issues, or long-term engine damage.
Fuel choice should be based on vehicle compatibility, not government mandates.