@RajSampark@RajCMO
कुछ भी नहीं होता इस सरकार में। एक धेले का काम नहीं होता। केवल गलत आंकड़े दिखाए जाते हैं। शिकायतों के बिना समाधान के ही डिस्पोज कर देते हैं। इस पोर्टल को बंद कर दो भाई। क्या जरूरत है। क्यों पब्लिक को परेशान करते हो। पब्लिक का टाइम खराब करते हो?
@sharmabhi@RajSampark CMO भी कहां ध्यान देते हैं। उनको कई बार मेल से लिखा पर कोई जवाब नहीं है। यहां इस प्लेटफ़ॉर्म पर लिखते हैं तो भी कोई जवाब नहीं। इन अधिकारियों की कोई जवाबदेही नहीं है बल्कि ऊपर से भी इनको पोषण मिलता है। एक धेले का काम नहीं करते ये लोग। पब्लिक के टैक्स के धन से ऐश करते हैं। @RajCMO
@RajSampark और कुछ नहीं, बल्कि "आंकड़ों की बाजीगरी" (Data Manipulation) है। सरकारी बाबू अपनी कुर्सियां बचाने और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को खुश करने के लिए "Disposal" (निस्तारण) का प्रतिशत तो 90-100% दिखा देते हैं, लेकिन असल में वह निस्तारण नहीं, बल्कि शिकायतों की "कागजी हत्या" है।
@RajSampark और कुछ नहीं, बल्कि "आंकड़ों की बाजीगरी" (Data Manipulation) है। सरकारी बाबू अपनी कुर्सियां बचाने और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को खुश करने के लिए "Disposal" (निस्तारण) का प्रतिशत तो 90-100% दिखा देते हैं, लेकिन असल में वह निस्तारण नहीं, बल्कि शिकायतों की "कागजी हत्या" है।
@RajSampark और कुछ नहीं, बल्कि "आंकड़ों की बाजीगरी" (Data Manipulation) है। सरकारी बाबू अपनी कुर्सियां बचाने और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को खुश करने के लिए "Disposal" (निस्तारण) का प्रतिशत तो 90-100% दिखा देते हैं, लेकिन असल में वह निस्तारण नहीं, बल्कि शिकायतों की "कागजी हत्या" है।
@RajSampark और कुछ नहीं, बल्कि "आंकड़ों की बाजीगरी" (Data Manipulation) है। सरकारी बाबू अपनी कुर्सियां बचाने और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को खुश करने के लिए "Disposal" (निस्तारण) का प्रतिशत तो 90-100% दिखा देते हैं, लेकिन असल में वह निस्तारण नहीं, बल्कि शिकायतों की "कागजी हत्या" है।
@RajSampark और कुछ नहीं, बल्कि "आंकड़ों की बाजीगरी" (Data Manipulation) है। सरकारी बाबू अपनी कुर्सियां बचाने और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को खुश करने के लिए "Disposal" (निस्तारण) का प्रतिशत तो 90-100% दिखा देते हैं, लेकिन असल में वह निस्तारण नहीं, बल्कि शिकायतों की "कागजी हत्या" है।
@RajSampark और कुछ नहीं, बल्कि "आंकड़ों की बाजीगरी" (Data Manipulation) है। सरकारी बाबू अपनी कुर्सियां बचाने और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को खुश करने के लिए "Disposal" (निस्तारण) का प्रतिशत तो 90-100% दिखा देते हैं, लेकिन असल में वह निस्तारण नहीं, बल्कि शिकायतों की "कागजी हत्या" है।
@RajSampark और कुछ नहीं, बल्कि "आंकड़ों की बाजीगरी" (Data Manipulation) है। सरकारी बाबू अपनी कुर्सियां बचाने और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को खुश करने के लिए "Disposal" (निस्तारण) का प्रतिशत तो 90-100% दिखा देते हैं, लेकिन असल में वह निस्तारण नहीं, बल्कि शिकायतों की "कागजी हत्या" है।