बहुत भारी मन से कुछ लिख रहा हूँ 😘पर रोक नही पा रहा हूँ ।
मुझे विश्वास है कि आप सूपड़ा साफ़ होने से पहले हिम्मत नहीं हारोगे, मैं सच्च में क़ायल हूँ आपकी हार पचाने की क्षमता का, और तो और, जो आपके साथ आता है उसका भी कल्याण कर देते हो 😘
धन्य हो आप धन्य हो 🙏💐
पाकिस्तान के बाद दुनिया में अगर किसी का सबसे बड़ा “Identity crisis” यानी पहचान का संकट है, तो वह भारत के अंबेडकरवादी हैं।
एक पल वे सम्राट चंद्रगुप्त और सम्राट अशोक के वंशज होते हैं, और अगले ही पल खुद को 5000 साल से शोषित-वंचित बताते हैं, जिन्हें 5000 साल तक पानी तक नहीं पीने दिया गया।
एक पल वे 85% हैं, जो फूंक मारकर 3% ब्राह्मणों को उड़ा देंगे, और अगले ही पल उन्हें सुरक्षा के लिए SC ST एक्ट और यूजीसी जैसे कानूनों का रक्षा-कवच चाहिए।
एक तरफ ये अंबेडकरवादी भीमा-कोरेगांव में अंग्रेजों की जीत का जश्न मनाते हैं, तो दूसरी तरफ ��न्हीं अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते बलिदान होने वाले ज���ेऊधारी ब्राह्मण क्रांतिकारियों का बलिदान दिवस भी मनाते हैं।
एक पल कहते हैं कि ब्राह्मण भीखमंगा है, मंदिर के दान पर जीता है। मंदिर जाना बंद कर दो, दान देना बंद कर दो तो वह भूखों मर जाएगा। फिर दूसरे ही पल यह रोना रोते हैं कि हर क्षेत्र में 90% पदों पर वही कब्जा किए बैठे हैं।
ये इतना ज्ञान लाते कहां से हैं?
दो दिन बहस चली खूब पिछड़ा, अति पिछड़ा और ओबीसी की बात हुई, और अन्त में विधेयक ध्वस्त हो गया।
हमको क्या हम तो सवर्ण हैं, टैक्स देते हैं तो ये सभी जीते हैं।
आज @IPL का मैच RR VS RCB का हैं मतलब राजस्थान और बंगलौर, और मैच करवा रहें हैं आसाम में, वैसा ही RR VS MI में किए थे। इतने बड़े चुटिया कोई कैसे हो सकता है?
आरक्षण किसके पास? सारा भ्रम दूर हो जायेगा...
गहना बनाने का आरक्षण--सुनार
हथियार बनाने का आरक्षण--लोहार
पत्तल बनाने का आरक्षण--बारी
सूप बनाने का आरक्षण--धरिकार
नाव चलाने का आरक्षण--मल्लाह
बर्तन बनाने का आरक्षण--ठठेरा
कपड़े सिलने का आरक्षण--दर्जी
फर्नीचर बनाने का आरक्षण--बढ़ई
बाल काटने का आरक्षण--नाई
ईंट बनाने का आरक्षण--प्रजापति
मूर्ति बनाने का आरक्षण--शिल्पकार
घर बनाने का आरक्षण--राजमिस्त्री
तेल पेरने का आरक्षण--तेली
पान बेचने का आरक्षण--बरई
दूध बेचने का आरक्षण--ग्वाला
मांस बेचने का आरक्षण--खटिक
जूता बनाने का आरक्षण--चर्मकार
माला बनाने का आरक्षण--माली
मिठाई बनाने का आरक्षण--हलवाई
टेक्सटाइल का आरक्षण--दर्जी
चूड़ी का आरक्षण--मनिहार
रियल सेक्टर का आरक्षण--कुम्हार
क्या हजार साल से किसी सुनार ने लोहार
को दामाद बनाकर उसको अपने आरक्षित
व्यवसाय में घुसने दिया❓
तो फिर आखिर आरक्षण का असली आनन्द
किसने लिया❓
जब हजारों साल इन्हीं पेशे से रोजगार लिया
किसी को घुसने नही दिया, तो आज इस पेशे
के कारण ��ुद को पिछड़ा क्यों कहते हो❓
इन सारे सम्मानित व्यवसाइयों को आज
संविधान ने पिछड़ा और अछूत बना दिया है।
सनातन धर्म में जब सरकारी नौकरी नहीं
होती थी, तब सबको रोजगार दिया गया, फिर
अन्याय कहाँ❓
क्षत्रियों का आरक्षण क्या था--जवानी में
बलिदान होकर उनकी औरतों का विधवा
होना, बच्चों का अनाथ होना, जो कोई भी
नही करना चाहेगा, लेकिन उन्होंने स्वीकार
किया।
जाति मंदिरों में नहीं पूछी जाती है, लेक��न
संविधान में पूछी जाती है, सरकारी नौकरी में
पूछी जाती हैं, राशन, स्कालरशिप और हर
संस्थानों में पूछी जाती है।
पहले के जमाने में कमाने खाने के लिए
सरकारी नौकरी तो होती नही थी।
ब्राह्मणों ने अपने लिए भिक्षा माँगना और
अध्यापन रखा, यह सब व्यवसाय जिससे
भारत पूरी दुनिया में सोने की चिड़िया था।
भारत को सोने की चिड़िया बनाने वाले
पिछड़े कैसे❓
ब्राह्मणों ने क्षत्रियों के हिस्से में बलिदान दिया
और स्वयं ब्राह्मणों ने कई बार क्षत्रियों के
साथ मिलकर बलिदान और त्या�� किया।
फिर भी अपने हिस्से में भिक्षाटन रखा, तो
फिर उन्होंने जाति व्यवस्था में अन्याय कैसे
किया..!!!❓
*🙏🚩कोई बताएगा..❓*