@yati_Official1 Even after apology video, she shared a reel in which she is driving a bullet without helmet, she has no regret at all, just trying to escape the consequences of her act by showing herself victim.
she is not a miner, she must face law in court.
स्वागत तो मुंबई हमले के बाद छुट्टी बिता कर आये राहुल गांधी का भी हुआ था, तब किसी अजीत अंजुम ने कुछ ट्वीट नहीं किया था। निर्लज्जों की फौज कांग्रेसियों की है, जिन्होंने हजारों सिखों को मारने के बाद भी हत्यारों को कांग्रेस में बनाये रखा, और बेशर्मों की तरह दांत चियारते हुए कहा कि पेड़ गिरता है तो जमीन हिल जाती है।
@chaiwaleka_beta listening what?
should we listen 'Bas Naam rahega Allah kaa"
or
"Seeta ka Pati, Neeta ka pati"
or
"Abusing Indian Army"
or
"PM ko goli maar do"
or
"Sansad Bhawan Ukhad dunga"
Have life you cockroaches...
@RahulGandhi विदेश में जाकर भारत के लोकतंत्र और देश को बदनाम करने वाला छात्रों की मांग सुनने का ढोंग भले ही दिखा ले, लेकिन सच्चाई यही है कि इस पूरे परिवार ने कभी देश हित को प्राथमिकता नहीं दी, इनकी वरीयता पहले सत्ता और फिर परिवार रहा है।
@SupriyaShrinate तुम्हारी वीरता देखी थी जब दादी ने आपातकाल लगाया, पिता ने सिखों का नरसंहार कराया, माँ ने सरकार को कंट्रोल कर पीएम को उंगलियों पर नचाया।
सोशल मीडिया का हर वो इन्फ्लुएंसर जो अचानक से हिंदू धर्म का भक्त बन गया है, जो सनातन आस्था के तथ्यों को इधर उधर से पढ़कर रील बना रहा है, जिसकी बातों में सनातन संस्कृति से ज्यादा उसके चेहरे पर थोपा गया मेकअप हो, ध्यान रखना वो धीरे धीरे दिमाग को पॉल्यूट करने वाला व्यक्ति है।
ये सनातन की बातें इसलिये कर रहे हैं क्योंकि इन्हें व्यू चाहियें, फॉलोअर्स चाहिये, जैसे ही इन्हें लगेगा कि सनातन की जगह वामपंथी, लिबरल या फिर कॉकरोच से ज्यादा व्यू आ जायेंगे, ये रंग बदलने में देर नहीं लगायेंगे।
इन्हें अनफॉलो कीजिये, इनकी ऊर्जा का स्रोत इनके ऊपर दिये हमारे रिएक्शन और लाइक हैं, इस ऑक्सीजन सप्लाई को काटिये।
वो सफ़ेद कपड़ा लेकर गये जंतर-मंतर
हम काला कपड़ा लेकर पहुँचे ‘संसद’!
देश के बच्चों, उनके माता-पिता और उनके शुभचिंतकों के साथ-साथ विपक्ष के सांसदों के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ है, वो अति निंदनीय है। भाजपा का अमृतकाल, उनके दु-शासन के ‘काले’ काल में बदल जाएगा। भाजपा और उनके संगी-साथियों का इतिहास कोयले तक से भी नहीं लिखा जाएगा। भाजपा के शासनकाल को इतिहास जगह ही नहीं देगा, जिससे कि कोई कभी भी पढ़कर उसका दोहराव न करे।
समझौता नहीं; संघर्ष होगा!
वामपंथियों का सांगठनिक और वैचारिक स्तर पर अस्तित्व खत्म हो चुका है इसलिये अब वो कभी नास्तिक बनकर, कभी उदारवादी बनकर, कभी सेक्युलर बनकर संजीवनी पाने की कोशिश कर रहे हैं।
बांग्लादेश और नेपाल की क्रांति ने इन्हें एक आशा दी है और खत्म होने से पहले इनका दीया फड़फड़ाने लगा है, इसलिये अब ये तिलचट्टे बनकर ऑक्सीजन पाने की कोशिश कर रहे हैं।
आपातकाल में विपक्ष के साथ क्या हुआ था, चुनी हुई सरकारें इसी कांग्रेस ने बर्खास्त की थी, लोगों के बदन पर टायर रख कर उन्हें कांग्रेसियों ने जलाया गया था, और आज योगेंद्र यादव को लगता है कि कांग्रेस ने तो कभी कुछ नहीं किया, क्योंकि योगेंद्र यादव जैसे लोगों को सत्ता की मलाई मिलना बंद हो गया है।
आपातकाल में विपक्ष के साथ क्या हुआ था, चुनी हुई सरकारें इसी कांग्रेस ने बर्खास्त की थी, लोगों के बदन पर टायर रख कर उन्हें कांग्रेसियों ने जलाया गया था, और आज योगेंद्र यादव को लगता है कि कांग्रेस ने तो कभी कुछ नहीं किया, क्योंकि योगेंद्र यादव जैसे लोगों को सत्ता की मलाई मिलना बंद हो गया है।
आज से 5 साल बाद NEET में पास हुए बच्चे डॉक्टर बन कर निकलेंगे, रोगियों की सेवा कर रहे होंगे, समाज में अपना योगदान दे रहे होंगे, और इनके नाम पर अस्थिरता पैदा करने की इच्छा रखने वाले तिलचट्टे तब भी बेरोजगार की तरह विदेशी सरकारों द्वारा फैंके गए टुकड़ों पर जी रहे होंगे। #संसद_मार्च #cjp_ही_aap_है
1984 के सिख नरसंहार का हिसाब दिया तुमने? तुम्हारे पुरखों की वजह से विभाजन हुआ, देश की जमीन चीन पाकिस्तान ने कब्जाई, आतंकवाद और नक्सलवाद उभरा, और तुम आज गाल बजाते खुद को देश का स्वयंभू हितैषी बता रहे हो?
हम छात्रों के खून का हिसाब मांगने प्रधानमंत्री के घर आए हैं - युवाओं की गुनहगार मोदी सरकार जवाबदेही और संसद में चर्चा से भाग नहीं सकती।
देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने, और उनके ख़िलाफ क्रूरता के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।