क्या राजस्थानी भाषा के आंदोलन महज राजनीतिक गलियारों में पहचान बनाने का माध्यम है?
राजस्थानी भाषा को लेकर अनेक राजनेता, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता मुखर रूप से अपनी बात रखते रहे हैं। चाहे केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति–2020 हो या संविधान का संथाली भाषा में अनुवाद हर स्तर पर मातृभाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए ठोस पहल की जा रही है।
हम जिस प्रदेश राजस्थान से आते हैं, वहां भी राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए वर्षों से आंदोलन चल रहे हैं। किसी भी भाषा की आत्मा उसका शब्दकोश होता है। राजस्थानी भाषा के समृद्ध शब्दकोश का निर्माण साहित्यकार सीताराम लालस जी ने किया था।
आज सीताराम लालस जी की जन्मजयंती और पुण्यतिथि दोनों एक ही दिन हैं। जिस व्यक्ति ने सवा दो लाख से अधिक शब्दों का विशाल शब्द-भंडार संजोया, जिन्हें उनके अतुलनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया आज उनके स्मृति दिवस पर कोई उन्हें याद करता दिखाई नहीं देता।
मुख्यमंत्री से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय संस्कृति मंत्री और एक साधारण विधायक तक
किसी की भी ओर से श्रद्धांजलि का एक शब्द तक देखने को नहीं मिला। ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि क्या मातृभाषा के नाम पर होने वाले आंदोलन केवल औपचारिक राजनीतिक गलियारों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का माध्यम भर बनकर रह गए हैं?
प्रदेश के नेतृत्वकर्ता होने के नाते मुख्यमंत्री से तो कम से कम यह अपेक्षा की जाती है कि वे वर्ष में एक दिन ही सही, मातृभाषा की सशक्त आवाज को स्मरण करें। किंतु मातृभाषा के नाम पर ज्ञान-गंगा बहाने का दावा करने वालों के मुख आज मौन से बंद हैं।
राजस्थानी भाषा की आत्मा के सृजनकर्ता, शब्द-साधक सीताराम लालस जी को उनके स्मृति दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि 🙏
@PMOIndia
30 साल की उम्र में हादसे ने एक पूरा परिवार उजाड़ दिया। दो मासूम बच्चे, विधवा पत्नी और बुजुर्ग माता-पिता आज न्याय की प्रतीक्षा में हैं। हम चुप नहीं रह सकते। #सैणीदान_को_न्याय_दो
30 साल की उम्र में हादसे ने एक पूरा परिवार उजाड़ दिया। दो मासूम बच्चे, विधवा पत्नी और बुजुर्ग माता-पिता आज न्याय की प्रतीक्षा में हैं। हम चुप नहीं रह सकते। #सैणीदान_को_न्याय_दो
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जिस कंपनी में महीनों तक काम किया, आज वही कंपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, सिस्टम पर सवाल है। #सैणीदान_को_न्याय_दो#सैणीदान_को_न्याय_दो
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