ये हैं राजेंद्र दादाबी जी...
ये जिस इमारत की तरफ इशारा कर रहे हैं, वह नेपाल की भयावह बाढ़ में ध्वस्त हुई एक स्कूल की इमारत है।
जब आपदा आई, इस स्कूल में कुल 1643 बच्चे मौजूद थे।
हेडमास्टर राजेंद्र जी के पास आपदा से कुछ ही मिनट पहले ऊपरी इलाके में रह रहे उनके एक मित्र का फोन आया और उन्हें बाढ़ की सूचना मिली।
राजेंद्र जी ने बेहद त्वरित निर्णय लिया और कार्रवाई की... एक सेकंड बर्बाद किए बिना उन्होंने स्कूल के हर बच्चे को बेहद सूझबूझ से बाहर निकाला और उन्हें ऊँचे स्थान पर ले गए। बड़े बच्चों व अन्य शिक्षकों ने छोटे बच्चों को गोद में उठाकर ऊंचाई पर पहुँचाया।
एक-एक बच्चे व साथी को स्कूल से निकालकर राजेंद्र जी खुद वहाँ से हटे।
राजेंद्र जी ने सिर्फ 1643 बच्चों का जीवन ही नहीं बचाया... बल्कि वो नेपाल के भविष्य की एक पीढ़ी को बचाने वाले हीरो हैं।
सैल्यूट राजेंद्र दादाबी जी!