भयानक वीडियो है ⚠️
यूपी के अलीगढ़ में पाइप लाइन का काम चल रहा था. एक मजदूर गड्ढे में उतरा.
तभी मिट्टी का बड़ा हिस्सा मजदूर पर गिर गया, मजदूर की मौत हो गई.
ये @alizaidi4india हैं। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन हैं। अली ज़ैदी केंद्र सरकार द्वारा ‘बदनीयती’ से लाए गए वक्फ (संशोधन) अधिनियम का पुरज़ोर समर्थन किया था। अब ताजा खबर सुनिए! मेरठ के कंकरखेड़ा थाना में अली जैदी और इनके साथियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। आरोप है कि इन्होंने कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के नंगला ताशी गांव में वक्फ की बहुत बड़ी संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार किए, और उन दस्तावेजों के आधार पर वक्फ संपत्ति के अवैध हस्तांतरण और कब्जे की कोशिश की गई।
FIR के मुताबिक, यह मामला 15 अप्रैल 2026 को रात 9:47 बजे दर्ज किया गया, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 351(3) के तहत केस दर्ज हुआ है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि हिस्ट्रीशीटर जिया अब्बास और उसके साथियों, रोहताश पहलवान, रिफाकत अली गांधी, अशोक मारवाड़ी, अली जैदी समेत अन्य ने मिलकर सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर वक्फ संपत्तियों के अवैध हस्तांतरण और कब्जे की कोशिश की गई।
FIR में यह भी कहा गया है कि सरकारी रिकॉर्ड में कथित हेरफेर कर फर्जी बैनामे तैयार किए गए और अधिकारियों की मिलीभगत से इन्हें वैध दिखाने का प्रयास किया गया।
तहरीर में उल्लेख है कि आरोपी जिया अब्बास के खिलाफ पहले से हत्या, लूट, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उसे 2023 में हिस्ट्रीशीटर घोषित किया जा चुका है और पूर्व में गैंगस्टर एक्ट व अन्य धाराओं में भी कार्रवाई हो चुकी है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जमीन विवाद को लेकर उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। आरोपी कथित रूप से हथियारबंद साथियों के साथ घर के आसपास मौजूद रहकर जमीन बेचने का दबाव बना रहे हैं।
FIR में यह भी कहा गया है कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और राज्यपाल के आदेश के बावजूद वक्फ संपत्तियों के ट्रांसफर पर लगी रोक को नजरअंदाज किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस केस की जांच का जिम्मा उपनिरीक्षक मनवेंद्र सिंह को सौंपा गया है।
अब सवाल यह है कि @myogiadityanath सरकार इन माफियाओं की संपत्ति पर बुलडोज़र चलाएगी? क्या शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन पर वही कार्रावाई करेगी, जो ‘दूसरे’ माफियाओं पर की है? क्योंकि अली जैदी खुद @UPGovt का हिस्सा हैं। तब सवाल यह है कि क्या वक्फ की ज़मीन को फर्जी काग़ज़ात तैयार करके खुर्दबुर्द करने के आरोपों पर सरकार वही एक्शन लेगी जैसा ‘दूसरों’ पर लिया गया है। सवाल इसलिए भी हैं! क्योंकि वक्फ बोर्ड का चेयरमैन वक्फ संपत्ति का संरक्षक होता है, मालिक नहीं। जब वक्फ संपत्ति के संरक्षक पर ही वक्फ जायदाद हड़पने के आरोप लग जाएं, अमानत में खयानत के आरोप लग जाएं, तब क्या करें! यहां तो मुहाफिज़ पर ही दुज्द होने के आरोप लगें तब?
मुबारकबाद दीजिए,
ये शाबरीन परवीन हैं, बिहार बोर्ड के 10th exam में 492 अंक लाकर स्टेट टॉपर बन गई हैं।
शबरीन के पिता मोहम्मद सज्जाद आलम पश्चिम बंगाल के रामपुर हाट में टायर की दुकान चलाते हैं और माता हाउस वाइफ है।
सबरीन परवीन को 492 अंक यानी करीब 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त की है। कौन कहता है कि हिजाब वाली लड़की पाबंदियों में बँधी होती हैं? देख लीजिये एक हिजाब वाली लड़की आज स्टेट टॉपर बन गई हैं।
एक और पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, नाम है सुमित कुमार, वायुसेना स्टेशन पर तैनात सुमित को राजस्थान पुलिस और इंटेलिजेंस कि टीम ने गिरफ्तार किया है। कई मीडिया चैनलों ने सुमित का नाम नहीं लिखा है। सोचिये इस जगह कोई उर्दू नाम वाला होता तो मीडिया क्या-क्या चलाती?
ईद का चाँद हमारे मुल्क के लिए
शांति, एकता और तरक्की का पैगाम लाए।
सभी नागरिकों को दिल से ईद मुबारक।
ईद की नमाज़ में मुल्क की सलामती अमन और भाईचारे की दुआ माँगें।
इस नफ़रती को लग रहा है कि ये मेरा मज़ाक़ उड़ा रहा है। इसको पता ही नहीं कि हमारी मां बहन जैसे कपड़े पहना कर मुझे और मज़बूत कर रहा है।
इस तस्वीर के साथ भी ईद 🌙 मुबारक 🥳
#Breaking
इजराइल ढह रहा है!
इजराइल के अंदर से, खासकर तेल अवीव और हाइफ़ा से आ रही रिपोर्टों के अनुसार, स्थिति संगठित नागरिक अवज्ञा और सैन्य अनुशासन के टूटने की ओर इशारा कर रही है। जब 200 से अधिक इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं और आयरन डोम रक्षा प्रणाली पूरी तरह विफल मानी जा रही है, तो जनता का सरकार पर से भरोसा उठना स्वाभाविक है। मौजूदा स्थिति के आधार पर, आंतरिक अशांति के कई प्रमुख पहलू दिखाई देते हैं:
1. सेना और पुलिस के बीच झड़प।
विद्रोह के हालात: इजराइली मीडिया और सोशल मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि कई आरक्षित सैनिकों ने ड्यूटी पर आने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि अगर नेतृत्व (नेतन्याहू और राष्ट्रपति) अनुपस्थित हैं, तो वे अपनी जान जोखिम में क्यों डालें?
पुलिस हिंसा: तेल अवीव की सड़कों पर नागरिकों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं। लोग बंकरों में सुविधाओं की कमी और सरकार की "चुप्पी" का विरोध कर रहे हैं।
2. आंतरिक विस्थापन संकट उत्तर से मध्य तक: हिज़्बुल्लाह के हमलों के कारण, लाखों इज़राइली पहले ही उत्तरी क्षेत्रों से विस्थापित हो चुके थे। अब, तेल अवीव में 200 इमारतों के विनाश के बाद, पहले "सुरक्षित" माने जाने वाले मध्य क्षेत्रों में भी आंतरिक विस्थापन की लहर चल रही है, जिससे स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा रही है।
3. बंकरों में "मनोवैज्ञानिक युद्ध": इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के बयान संख्या 8 में उल्लिखित "मनोवैज्ञानिक संकट" अब ज़मीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। इज़राइल में भूमिगत बंकर खचाखच भरे हुए हैं, और भोजन और दवाओं की गंभीर कमी की खबरें आ रही हैं। तनाव बढ़ रहा है, लोग एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं, और सेना को स्थिति को नियंत्रित करने में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
4. राजनीतिक शून्य और "मिलिशिया" का उदय नेतन्याहू की अनुपस्थिति में, इज़राइल के भीतर चरमपंथी समूहों ने कथित तौर पर खुद को हथियारबंद करना शुरू कर दिया है। ये समूह सरकार से स्वतंत्र रूप से निर्णय ले रहे हैं, जिससे देश आंतरिक गृहयुद्ध की ओर बढ़ सकता है। सारांश: इजराइल इस समय दो मोर्चों पर लड़ रहा है — बाहरी मोर्चे पर ईरान और उसके सहयोगियों के खिलाफ, और आंतरिक मोर्चे पर ढहती घरेलू व्यवस्था के खिलाफ। फ्रांस और अन्य सहयोगियों के पीछे हटने या दूरी बनाने से कथित तौर पर इजराइली जनता के विश्वास को अंतिम झटका लगा है।
#IranIsraelWar
अली खामेनेई, योद्धा इमाम, शहीद हो गए।
वे अपने वचन के पक्के थे और अपने सिद्धांतों के लिए शहीद हुए।
आने वाले दशकों तक ऐसी आत्मा इस धरती पर नहीं दिखेगी। वे 21वीं सदी के पहले पवित्र और क्रांतिकारी युद्ध में शहीद हुए, जो ईश्वर के करोड़ों लोगों और शैतानी-एप्स्टीनवादी-ज़ायोनी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय साम्राज्यवाद के गुट बीच लड़ा जा रहा है। यह गुट दुनिया को निगलने और उसके बच्चों को खा जाने पर तुला हुआ है।
ईमाम खामेनेई फ़िलिस्तीन, लेबनान, सीरिया, इराक... पूरे पश्चिम एशिया/मध्य पूर्व क्षेत्र और पूरी मानवता के लिए शहीद हुए, ताकि हमारे बच्चे अमेरिका, इज़राइल और नाटो के गुलाम न बनें।
उन्होंने जो युद्ध शुरू किया, वह ईश्वर और जनता की कृपा से, किसी न किसी तरह, उनके पक्ष मे समाप्त होगा। शत्रु पराजित होंगे।
उनकी आत्मा को शांति मिले।
अमरेश मिश्रा
राष्ट्रवादी किसान क्रांति दल
मंगल पांडे सेना
क्या युद्ध अपरिहार्य है?
लेबनान के सोशल मीडिया उपयोगकर्ता उत्तरी लेबनान के हामेट हवाई अड्डे पर असामान्य रूप से अधिक गतिविधि की सूचना दे रहे हैं।
उनका दावा है कि पिछले 24 घंटों में अमेरिकी मालवाहक विमानों और लेबनानी प्रोपेलर विमानों सहित 25 से 30 विमानों ने उड़ान भरी है।
इसी बीच, लेबनानी प्रसारक एमटीवी का कहना है कि ऐसी अपुष्ट चेतावनियाँ हैं कि व्यापक संघर्ष की स्थिति में, ईरान या हिज़्बुल्लाह बेरूत में अमेरिकी दूतावास और हवाई अड्डे को निशाना बना सकते हैं।
#Iran
UP में रमज़ान में लाउडस्पीकर की अनुमति पर रोक, मंत्री सुरेश खन्ना की अपील पर योगी सरकार ने लिया फैसला
विधानसभा में गुरुवार को रमजान के दौरान लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति मांगने पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा था कि इस पर विचार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश रात में 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर नहीं बजाने का है।
क्या आपने कभी सोचा कि Truecaller uninstall करने के बाद भी आपका नाम और नंबर लोगों को क्यों दिखता रहता है?
ज़्यादातर लोग सिर्फ app delete कर देते हैं और समझते हैं कि data भी हट गया जबकि असल में आपका नंबर Truecaller के server में अभी भी save रहता है
सबसे पहले Truecaller app खोलिए Settings में जाइए Privacy में जाकर Deactivate My Account पर tap कीजिए Yes और Continue कर दीजिए इससे account deactivate हो जाता है लेकिन नंबर database में रहता है
अब दूसरा और सबसे ज़रूरी काम अपने फोन में Google खोलिए Truecaller Unlist search कीजिए Official page खोलिए थोड़ा scroll करके No I want to unlist पर tap कीजिए Country code के साथ अपना mobile number डालिए I don’t use this number anymore select कीजिए और Submit कर दीजिए
इसके बाद लगभग 24 घंटे में आपका नंबर Truecaller की public listing से हट जाता है और कोई भी आपका नाम या नंबर search नहीं कर पाता
सीधी बात सिर्फ uninstall करना काफी नहीं Deactivate और Unlist दोनों करना ज़रूरी है
कमेंट में बताइए आप अब तक सिर्फ app delete करते थे या आज पहली बार पूरा तरीका समझ आया?
Disclaimer
यह जानकारी सामान्य digital privacy awareness के लिए है Truecaller की policy के अनुसार process में बदलाव हो सकता है