क्या
#पाटलिपुत्र में जो हुआ, उसके लिए @RailMinIndia ज़िम्मेदार नहीं?
वह
कौन सा राज्य है जहां बल्कि #वंदे_भारत सहित वह कौन सी ट्रेन है, जो लेट ना होती हो, क्या देशवासियों के समय का यही मूल्य है कि उन पर डंडे बरसा कर बात आई गई कर दी जाए।
एक नेरेटिव सैट किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोई छुट्टी नहीं ली। सवाल यह है कि छुट्टी किसलिए ली जाती है? छुट्टी लेकर आदमी क्या करता है? सैर सपाटे पर निकलता है! दोस्तों के साथ हिल स्टेशन पर घूमने निकल जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा कौनसा काम नहीं किया जो ‘छुट्टी’ लेकर किया जाता है।
सरकारी आंकड़ों बताते हैं कि 2014 से 2026 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर कुल लगभग 815 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं अकेले 2021 से 2025 के दौरान किए गए दौरों पर ₹462.58 करोड़ खर्च हुए, जिसमें 43 देशों की यात्राएं शामिल थीं। सबसे महंगा दौरा फ्रांस का था। फरवरी 2025 में फ्रांस की यात्रा पर सबसे अधिक लगभग ₹25.5 करोड़ का खर्च आया था।
अब यह सवाल भी कीजिए कि इन दौरों से देश को क्या हासिल हुआ? भारत में कितना निवेश आया? जिस विदेश नीति का ढोल पीटा जाता है, उसकी हालत यह है कि शाम को प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति को धन्यवाद कहते हैं, और अगले रोज़ वही अमेरिका भारत के जहाज़ों पर हमला करके भारतीयों की जान ले लेता है, और प्रधानमंत्री उसकी निंदा तक नहीं कर पाते।
लेकिन प्रचारित ऐसा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने छुट्टी नहीं ली 18-18 घंटे काम किया है। दिन में कई बार कपड़े बदलना, जंगल, समुद्र, पहाड़ सब जगह टहलना! यह भी ‘काम’ ही था! यह काम बिना छुट्टी लिए संभव था? और पिछले दिनों मेलोडी गिफ्ट करना भी प्रधानमंत्री की ड्यूटी का ही हिस्सा था? लेकिन भाजपा आधारित झूठी कहानियों को देश में स्थापित करने में लगे हैं। चूंकि मदर ऑफ डेमोक्रेसी में तमाम मीडिया ‘सरकारी’ हो चुका है तो इसलिए कोई सवाल भी नहीं कर पाएगा।
जो
यूपी में हुआ, वही प्रेक्टिस अब #राजस्थान में करने की कोशिश की जा रही है,
कीजिए साहब!
हो सकता है इन छोटे-छोटे प्रयोगों से गिरता रूपया कंट्रोल हो और अपराध तथा पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों का कोई उपाय निकल आए।
Instrgram पर एक नया कैंपेन जोर पकड़ चुका है।
लोग भाजपा अकाउंट को unfollow करके Block कर रहे हैं और वीडियो बना कर रील पोस्ट कर रहे हैं।
अगर कैंपेन स्पीडअप हुआ तो भाजपा को सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स का नुकसान हो जाएगा।
#UnFollowBJP#BlockBJP
NEET पेपर लीक :
Raghav Chadha - 0 पोस्ट
Narendra Modi - 0 पोस्ट
शिक्षा मंत्री - 0 पोस्ट
Amit Shah - 0 पोस्ट
NTA अध्यक्ष - 0 पोस्ट
BJP नेता - 0 पोस्ट
तथाकथित राष्ट्रवादी - 0 पोस्ट
Anjana Om Kashyap - 0 पोस्ट
Rubika Liyaquat - 0 पोस्ट
Chitra Tripathi - 1 पोस्ट
Sudhir Chaudhary - 0 पोस्ट
Smita Prakash - 0 पोस्ट
Republic Bharat - 1 डिबेट
नए भारत में आपका स्वागत है,
जहाँ अब शिक्षा और छात्रों का भविष्य
शायद कोई मुद्दा ही नहीं रह गया है।
पश्चिमी यूपी की एक विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार ने प्रचार का अनोखा तरीका ईज़ाद किया था। वो अपने कुछ ‘चेलों’ को टोपी पहनाकर आगे खड़ा कर देते थे। फिर वो भाषण देने आते, और आकर बस इतना ही कहते कि मुझे तुम लोगों का वोट नहीं चाहिए, यहां से जाइए। इतना सुनकर वो “चेले” उठकर चले जाते, वहां मौजूद कुंठित झुंड खिल-खिलाता! ठहाके लगाता, और उस नेता जी के ज़िंदाबाद के नारे लगाता। उस नेता का काम बन गया, वो इसी तरकीब से दो बार विधायक बन गया।
अब ग़ाज़ियाबाद के इस हिस्ट्रीशीटर के देखिए! इसने भंडारा लगाया हुआ था। लेकिन कोई इसे पूछ नहीं रहा था। हिंदुओं का रक्षक होने का दंभ भरने वाला यह “पिंकी” गाजियाबाद सीट पर हुए उप-चुनाव में ज़मानत नहीं बचा पाया था। खैर! इसने भंडारा लगाया तो उसे प्रचार भी मिलना था। तो इसने भी यही तरकीब निकाली, अपने भंडारे में किसी अपने ही ‘चेले’ को ‘मुल्ला’ बनाकर खड़ा कर दिया और कहा “मुल्ला न आवे हमारे पास, कोई मुल्ला खाना न खाए”। फिर उसके हाथ से प्लेट छीन ली। भंडारा हिट हो गया। इन जैसे तमाम ‘हिंदू रक्षकों’ की सारी दुकान ही मुल्ला-मुल्ला कहकर चल रही है। यह मात्र दो महीने मुल्ला-मुल्ला कहना बंद कर दे तो खुद किसी भंडारे में पत्तल चाटता नज़र आएंगे। लेकिन असल सवाल हिंदू समुदाय की नैतिकता, सहिष्णुता का है। ऐसे लोग उनके रक्षक बनने का झंडा उठाए हुए हैं, जो धर्म का रत्ती भर भी पालन नहीं करते। इस बारे में खुद हिंदू समुदाय को सोचना होगा।
ईद, बकरीद और रमज़ान – ये सब इबादत, दान और भाईचारे के त्योहार हैं। अगर कभी तनाव होता है तो वह राजनीतिक उकसावे और अफवाहों का परिणाम होता है, न कि त्योहारों का।
इस्लाम जातिवाद को नकारता है और सभी इंसानों को बराबर मानता है। कई दलित और पिछड़े मुसलमान बने क्योंकि उन्हें बराबरी और सम्मान मिला। जाति-व्यवस्था भारतीय सामाजिक संरचना की देन है, इस्लाम की नहीं।
ये दो तस्वीरें आज की हैं
पहली तस्वीर में जो शख्स हैं वो 160 वर्ग किलोमीटर में फैले वर्षावन को कटने से बचाने के लिए अंडमान निकोबार में हैं।
दूसरी तस्वीर में जो शख्स हैं वो पिछले 12 साल से यही कर रहे हैं कहीं वोट पड़ते और ये पहुँच जाते हैं किसी मंदिर और लोग इसी में खुश हैं…
फैक्ट चेक: मुस्लिम बुजुर्ग फेरीवाले के साथ मारपीट का वायरल वीडियो स्क्रिप्टेड है
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दाढ़ी वाला एक बुजुर्ग व्यक्ति दिखाई देता है, जिसके साथ दो युवक अभद्र व्यवहार करते हुए उसका खाना सड़क पर फेंक देते हैं। इसके बाद बुजुर्ग बीच सड़क पर रोते और गिड़गिड़ाते हुए नजर आता है। वायरल वीडियो के हवाले से दावा किया जा रहा है कि दो हिंदू युवकों ने एक मुस्लिम फेरीवाले की रोज़ी-रोटी छीन ली और उसके साथ मारपीट की। (1/2)
السلام عليكم ورحمة الله وبركاته ✨
आज से #IslamicFactCheck की शुरुआत 🌙
मक़सद: इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ फैलाई जाने वाली फेक न्यूज़, झूठे प्रोपेगेंडा और गलत जानकारी को बेनकाब करना।
📖 हर बात होगी तहक़ीक़ और सही source के साथ।
💚 Follow • Share • Support
आप असदुद्दीन ओवैसी कि राजनीति या रणनीतियों से असहमत हो सकते हैं, लेकिन उनकी पार्टी को इस तरह सांप्रदायिक कहना निराशाजनक और चिंताजनक है। जमीयत द्वारा AIMIM को साम्प्रदायिक कहने @shujaatQuadri