इस डॉक्टर ने ज्वाइनिंग के पहले ही दिन नौकर�� छोड़ दी। कारण- ऐसे मरीजों को ICU में भर्ती करने का दबाव, जिन्हें चिकित्सकीय रूप से इसकी आवश्यकता नहीं थी।
क्या मरीज अब एक मरीज है, या वह धीरे धीरे पैकेज’और बिल में बदल रहा है ? ICU जीवन बचाने के लिए है या अस्पताल का राजस्व बढ़ाने के लिए ?
पुरानी सी टी-शर्ट पहने, गले में गमछा डाले.. ये कौन था जो इस प्रोटेस्ट में आया और अपनी आत्मा की गहरा�� से, भावनाओं में बहे बगैर देश के लोकतन्त्र और उसमें हिस्सेदारी का दावा पेश कर गया.
अभिव्यक्ति की आजादी का मौका मिला था इसे जंतर-मंतर पर. कह रहा है दौड़कर आया हूं. नीरज ने जो लिखा, वो जीवन की हकीकत है. उसी हकीकत को करीब से..बेहद करीब से देखा और चला आया. लाखों की भीड़ में जहां Gen-Z को लफंडर लिखा गया, दिखाया गया. वहां यह नौजवान सरकार को आईना दिखा गया. Gen-Z ही था, शायद किसी ने ठीक से इसे देखा नही. मंच पर क्यों नही बोलने दिया इसे, थोड़ा सा भगतसिंह और बाहर आता. इस देश के युवाओं को थोड़ा और जोश भर जाता. बता जाता कि मौका मिले तो खुद को इस दुनियां के सामने उड़ेल कर रख दो. बता दो सरकारों को संवाद के बिना कोई रास्ता नही है. हिंदू-मुस्लिम और जातियों में बंट चुकी सियासत और देश में ऐसे ही युवा इस लोकतंत्र को जिंदा रखे है.
किसी को इसका नाम पता चले तो जरूर बताना. इसका स्वागत करना है, इसे एक फूलों का हार पहनाना है.
@TheLallantop
सवाल था - बीजेपी अगर कला- संस्कृति की बात करने लगे तो अशोक वाजपेयी बीजेपी का समर्थन करने लगेंगे❓
अशोक वाजपेयी - नहीं, कभी नहीं...
मैं बीजेपी, हिंदु्त्व और RSS को हिंदू धर्म का सबसे बड़ा दुश्मन मानता हूं...
(आखिर में गौर करने लायक बात कही है)
मैं कश्मीरी बहुसंख्यक लोगों से अपील करता हूं कि वह कश्मीरी पंडित को अप���े हमारे यहां दोबारा बुलाकर स्थापित करें यह अपनी गलती पर शर्मिंदा होने और इंसानियत का तकाजा है
बाबा साहेब अम्बेडकर कहते थे कि मेरे जाने के बाद ये मत समझना कि मैं मर गया,जब तक संविधान जिंदा है,मैं जिंदा हूँ,बस संविधान को मत मरने देना।
हम बाबा साहेब को मरने नही देंगे। हम संविधान की आखिरी सांस तक रक्षा करेंगे। हम 20 दिसंबर जामा मस्जिद से ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत करेंगे।