मेरे मुहल्ले में एक अंकल की पान की दुकान है मैं अक्सर वहां सिगरेट के लिए जाता रहता हूं। उनकी उम्र 65 के करीब होगी। मेरे काम की छुट्टी थी तो यहां- वहां की खड़ा होकर बतियाने लगा।
उन्होंने एक वाकया बताया जिसे सुनकर मैं सोच में पड़ गया। उनकी 12 साल की एक बेटी करीबन 30 साल पहले बहुत बीमार हो गई। हुआ कुछ खास नहीं था बस अचानक से दांत भींच ले और मुंह ही न खोले, इतनी ताकत लगाती थी कि आप चाहे जितना कोशिश कर लो अपना मुंह नहीं खोलती थी। उसे न जाने कितने डॉक्टर को दिखाया गया पर महीनों ठीक ही नहीं हुई।
उन्होंने ये बात अपने एक दोस्त को बताई। दोस्त जान गया कि मामला कुछ और है।
दोस्त ने बोला फिकर मत करो रात को 10 बजे तैयार रहना और बिटिया को भी रेडी रखना, कहीं चलना है।
वे लोग शहर से करीबन 3 km दूर नदी किनारे एक जगह पहुंचे जहां पर एक दरवेश अकेले रहते थे एक कच्ची सी कुटिया बनाकर।
बाबा ने गुस्से में पूछा ' क्या मामला है इतनी रात में क्यूं आए हो इस फकीर के पास?'
तो उन्हें पूरी बात बताई गई।
बाबा ने बोला ठीक है मगर आज नहीं कल आना और काले पन्ने पर व्हाइट पेंसिल से उर्दू में एक वर्ड लिखा- ' दालचित '।
ये लोग घर वापिस चले आए।
सुबह दोनों फिर मिले और सोचने लगे ये दालचित है क्या?
बाबा के पास पूछने से रहे बाबा तो और जलाली। वे लोग बाजार गए उन्होंने बाजार के बुजुर्गों से पता किया तो मालूम पड़ा कि ये एक आयुर्वेदिक औषधि है लेकिन जल्दी मिलती नहीं।
दोनों लोग शहर की सबसे बड़ी आयुर्वेदिक दुकान पर पहुंचे दवा मांगी दुकानदार ने अजीब सी नजरों से देखा और भगा दिया बोला ऐसी कोई जड़ीबूटी मेरे पास नहीं।
उसी रात वो दोनों फिर बाबा के पास गए और बताया कि बाबा ये जड़ीबूटी मिल नहीं रही जहां भी जाओ लोग मना कर रहे हैं और भगा दे रहे हैं।
बाबा बोले "ठीक है वो चश्मा उठाओ"।
कुटिया में एक टूटा फूटा सा चश्मा रखा हुआ था उसपर उन्होंने कुछ पढ़कर दम किया और कहा "इसे लगाकर मांगना"।
अगली सुबह दोनों बाजार पहुंचे पान वाले अंकल ने वहीं दुकान पर पहुंचकर चश्मा लगाया और कॉन्फिडेंस के साथ बोला "दालचित चाहिए" और दुकानदार ने तुरंत एक पुड़िया निकालकर थमा दी।
ये लोग बड़े अचरज में पड़ गए।
बहरहाल ये रात में बिटिया को लेकर बाबा के यहां पहुंचे बाबा तब नमाज पढ़ रहे थे। बाबा नमाज पर नमाज पढ़ रहे थे। 1 घंटे से ज़्यादा हो गया। जब बाबा नमाज से फारिग हुए बोले "दालचित लाए हो"।
बोले "हां लाए हैं"।
बाबा ने दालचित लेकर अपने कुटिया में रखे पानी से उसे भिगोया और कहा इसे बिटिया को चटा दो।
जैसे ही चटाया गया लड़की खड़ी खड़ी बेहोश हो गई, 2- 4 मिनट बाद जब उठी फिर ठीक हो चुकी थी।
इन लोगों ने बाबा का शुक्रिया अदा किया और वहां से विदा ली।
कुछ दिन बाद जब पान वाले अंकल उन्हें एक प्रोग्राम की दावत देने गए तो मालूम पड़ा कि उन्होंने ये शहर छोड़ दिया है कहीं और चले गए हैं।
मुझे तो ये कहानी सच्ची लगी बाकी आप बताओ आपको यकीन है?
कुल मिलाकर अगर देखो तो इस दुनिया में बहुत सी ऐसी चीजें हैं जिनका साइंस के पास कोई जवाब नहीं।
BREAKING 🚨: Akhilesh Yadav did a phone call to MP Congress chief Jitu Patwari
Akhilesh –– Jitu, do you need any help from me in upcoming Datia bypoll?
Jitu –– It would be nice if you can do one rally for Congress candidate
Akhilesh 🔥 –– "I will try but if i don't get time due to Parliament session, i will send other Samajwadi leaders. Don't worry, i am with you in fight against BJP"
This is revealed by Jitu Patwari himself in election rally
Lesson : Never doubt or insult Akhilesh Yadav, he's kindest as an ally ❤️
मैं पहले दिन से इस बात पर कायम हूं कि CJP को BJP ने ही बनाया है.
पहले दिन से प्लान था कि विपक्ष को डिस्क्रेडिट करके, अपने हिसाब का विपक्ष तैयार कर दिया जाए.
एयरपोर्ट पर परमिशन देना हो, या जंतर-मंतर पर धरना चलते देना हो. सब कुछ प्लान के हिसाब से था.
मैं ये गारंटी के साथ कह सकता हूं- 20 तारीख से पहले मोदी सरकार चाह देती तो 1 घंटे धरना ना चल पाता, लेकिन सरकार ने स्क्रिप्ट के हिसाब से चलने दिया.
वांगचुक जिन्हें खुद अमित शाह ने जेल से निकाला था, उनका भूख हड़ताल करना, और अचानक से एक सुबह उन्हें उठा लेना. सब कुछ स्क्रिप्ट के हिसाब से था.
बस 20 तारीख को जो हुआ, वो ना BJP को पता था, ना ही CJP को अंदाजा. बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच गए.
यहां से सब कुछ स्क्रिप्ट के बाहर चला गया. इसलीए CJP की पूरी टीम ही मौके से गायब हो गई. किसी को एक लाठी नहीं पड़ी.
देश भर से आए बच्चों ने सब कुछ झेला, और उसके बाद ये मामला बहुत बड़ा हो गया. जो अब BJP और CJP के कंट्रोल से बाहर था.
स्क्रिप्ट का अंत करीब-करीब ऐसा ही था, जिसमें सरकार संवेदनशील लगे और विपक्ष के नाम पर कुछ लोग खड़े कर दिए जाएं, जो सरकार के हिसाब से हों.
क्योंकि विपक्ष पिछले 3 साल में बहुत ज्यादा मजबूत हो गया था. खासकर युवाओं के बीच में अपनी पहुंच मजबूत की थी. इसी बात को तोड़ने के लिए CJP का नाटक किया गया.
जब 20 तारीख के बाद मामला स्क्रिप्ट के बाहर गया तो पहले कुछ वक्त इंतजार हुआ. फिर वांगचुक को खुद सरकार ने सूप पिलाकर मामला खत्म किया.
और आखिर में धमेंद्र का इस्तीफा हो गया.
इस्तीफे के बाद जिस तरह से सरकार के मंत्री बता रहे हैं कि धरना तत्काल खत्म किया जाए, वो बताता है कि इसे कौन चला रहा था.
आप खुद सोचिए, ये जितने सेलिब्रेटी हैं, ये अचानक से कैसे बोलने लगे. एक जैसी टीशर्ट पहनकर, कॉओर्डिनेटेड तरीक से. जिनके लिए पैसा ही सब कुछ है, वो देश की चिंता क्यों करने लगे, वो भी अचानक.
अब लोगों के बीच ये भ्रम पैदा हो गया कि CJP की सरकार सुन रही है, विपक्ष वही है. सरकार यही भ्रम लोगों में बनाए रखना चाहती है. और स्क्रिप्ट के हिसाब से ये बात लोगों में चली गई.
सरकार को अपने हिसाब का विपक्ष मिल गया, जिसे वो अपने हिसाब से चला सकती है. जो भी इस भ्रम जाल में फंस रहा है, वो अपना और देश का नुकसान कर रहा है.
इस पूरे आंदोलन में लेफ्ट के जितने भी छात्र संगठन, कांग्रेस के छात्र और युवा संगठन और बाकी विपक्ष के छात्र संगठन शामिल हैं, उनकी मंशा साफ थी. वो असल में विपक्ष का काम कर रहे थे.
इस आंदोलन में जितने भी युवा थे, जो देश के अलग-अलग कोनों से जुड़े, सबकी मंशा साफ थी.
बस CJP का मामला अलग है, जिसपर बहुत संदेह है. इसे लेकर सावधान रहना ठीक.
@dudeitsokay You are concerned that the image of this government has gone drastically down. You have no sympathy for Pradhan, you think this will become a trend. How come GenZ do that to my Modiji?
No one cares about Pradhan. He already have achieved much in life compared to 99.8% Indians
BREAKING 🚨:
Rahul Gandhi is just unstoppable at the moment belting BJP's propaganda
"Dharmendra Pradhan has to be removed, nothing less than his resignation is acceptable. I can't tolerate lathi charge on students" 🔥
Look at his body language 🗿
Mr. Modi, our students are demanding Dharmendra Pradhan’s resignation.
Don’t insult their intelligence with this pathetic midnight video.
1. Sack Pradhan.
2. Punish those who beat students.
3. Apologise
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
THIS IS ABSOLUTE COURAGE 🗿
Journalist –– What will you say the way you were dragged on ground at protest?
Rahul Gandhi 🔥 –– "You can treat me five times worse than that. I am not bothered about myself. My focus are students"
How can you even hate this man?
JOURNALIST –– Rahul Gandhi was seen bleeding and injured. How's he now?
PRIYANKA 🔥 –– "My brother is very strong, he will tolerate any kind of pain. But we won't tolerate what happened with students"
00% victim cards, 00% crying, 100% courage 🗿
🚨If the protest site’s been cleared and you need somewhere to sleep tonight- Gurudwara Bangla Sahib, Rakab Ganj Sahib, Sis Ganj Sahib and other gurdwaras across Delhi have their doors open.
No questions asked. We have never once turned a person away at the door.
We have marched to PM Modi’s house to demand answers from him for the brutalities against young students yesterday.
The Government doesn’t want to take any accountability or does it want to have a debate on it in Parliament.
PM and HM must resign for destroying the future of India’s youth.