झूठइ लेना झूठइ देना। झूठइ भोजन झूठ चबेना॥
झूठ की बुनियाद पर बनाई गई छवि कितने दिन टिकी रहेगी? अब जनता खुद सच्चाई समझ रही है। एक तरफ सेवा, समर्पण और जनकल्याण का लंबा रिकॉर्ड है। दूसरी तरफ, झूठ का गुब्बारा है जिसे अकूत धन और मीडिया के सहारे फुलाया गया है। मुद्दों की सूई चुभते ही यह गुब्बारा फुस्स हो जाता है।
सत्यमेव जयते!
लेकिन होता भूडोल, बवंडर उठते हैं,
जनता जब कोपाकुल हो भृकुटि चढ़ाती है।
दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो,
सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।
पूरे देश में INDIA की जबरदस्त लहर है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से त्रस्त जनता उठ खड़ी हुई है। 4 जून का नतीजा तय हो चुका है। जनता भारी बहुमत से INDIA की सरकार बनाने जा रही है।
कांग्रेस एहसान नहीं जताती, जनता को अधिकार देती है!
भोजन का अधिकार कांग्रेस पार्टी और UPA की सरकार ले कर आई।
और, अब हम आपको BJP से दोगुना अनाज देंगे - वो 5 किलो देते हैं, हम 10 किलो देंगे!
रायबरेली जाते वक्त मैं और प्रियंका कुछ देर के लिए बचपन की गलियों से भी होकर गुज़रे।
बहुत सी खट्टी-मीठी यादें हैं, दादी का ज्ञान, पापा की पसंदीदा जलेबियां, प्रियंका के बनाए केक, ऐसा लगता है जैसे सब कल की ही बात हो।
बचपन से हमारा राजनीति से गहरा रिश्ता रहा है, पर राजनीति कभी हमारे रिश्तों के बीच नहीं आई।
रायबरेली और अमेठी हमारे लिए सिर्फ चुनाव क्षेत्र नहीं, हमारी कर्मभूमि है, जिसका कोना कोना पीढ़ियों की यादें संजोए हुए है।
मां के साथ पुरानी तस्वीरें देखकर पापा और दादी की याद भी आ गयी, जिनकी शुरू की गयी सेवा की परंपरा मैंने और मां ने आगे बढ़ाई।
प्रेम और विश्वास की बुनियाद पर खड़े 100 वर्षों से भी पुराने इस रिश्ते ने हमें सब कुछ दिया है।
अमेठी और रायबरेली जब भी हमें पुकारेंगे, हम वहां मिलेंगे।
जनता को राशन मिलता है क्योंकि इस देश में हर नागरिक को भोजन का अधिकार मिला हुआ है। अनाज किसानों का उगाया हुआ, वितरण में खर्च होने वाला धन जनता का, क्या भाजपा सरकार जनता का थोड़ा सा धन जनता पर खर्च करके उसे ही बंधक बनाना चाहती है? इन पुलिसकर्मियों को यह हिम्मत कहां से मिली कि वे भाजपा के लठैत की तरह बर्ताव करें और हमारे दलित भाई पर इस तरह क्रूरता बरतें?