ऊँचे ऊँचे दरबारो से क्या लेना..
नंगे भूके बेचारों से क्या लेना...
अपना मालिक अपना खालिक़ अफ़ज़ल है..
आती जाती सरकारों से क्या लेना...!!
राहत इंदौरी साहब
अस्तग़्फिरुल्लाह अस्तग़्फिरुल्लाह
अस्तग़्फिरुल्लाह
क्या यह आला हजरत की पोती है.?
कहते हैं कि ये औरत मर्दों को गले लगाती है तो उसकी सारी परेशानी दूर हो जाती है!
इन सब प्रोडक्ट का मालिक एक ही है जिसको अहमद रज़ा खान बरेलवी कहते!
आला हजरत की फैक्ट्री है.!!
देखो अहमद रज़ा के फैक्ट्री से निकलने वाला प्रोडक्ट को.!
कितना घटिया झूठ बोल रहा है!
कहता है कि मौत के वक्त सांसें रूकने लगती है तो सरकार गौसे आज़म अपने मुरीद को कलमा पढ़ाने आ जाते है!!
अस्तग़्फिरुल्लाह
लानत हो ऐसे फैक्ट्री के प्रोडक्ट्स पर जो अल्लाह के वली पर झूठ बांध रहा है।
बरेलवी ख़तीब कुछ नही कहता कोई कार्रवाई नही करता तो हम क्या समझें.?
आला हजरत की फैक्ट्री का प्रोडक्ट ही न?
तुम जितनी चाहे शिकायत दर्ज कराओ,
जो चाहो करो,
मै तुम गुमराहियों से डरने वाली नही हूं,
जेल तो दूर, मुझे जान से मा،र भी देगा तो भी नही रुकूंगी,
तुम्हारी हक़ीक़त बताती रहूंगी।
क्या ये बरेलवी नहीं है.?
क्या इसका तआल्लुक अहमद रज़ा से नहीं है.?
अगर इसका तआल्लुक अहमद रज़ा से नहीं है तो इसके खिलाफ बरेलवी मोल्वि कार्रवाई क्यों नहीं किया.?
क्या इससे इस्लाम में गुमराही नहीं फैल रही.?
क्या इस गुमराहियों का दरवाज़ा अहमद रज़ा ने नहीं खोला पक्की क़ब्र बनाकर.?
जिस बात का मौलाना को अंदेशा लग रहा है कि क़ौम के नौजवानों को अल्लाह की बजाय पीर बाबा के तरफ़ मोड़ दिया जाएगा!
वही हो रहा है मगर हरा,मजादो को इस पर हस्सास होना चाहिए उसे रोकने की कोशिश करनी चाहिए,तो उल्टा सच बोलने वालो पर टूट पड़ता है!
अब इस ख़तीब को देवबंदी वहाबी कह रहा है बरेलवी