Cricket legend Imran Khan is rotting to death in a tiny jail cell in Pakistan. It's time Britain used its influence to help free him
https://t.co/Yf5eCx2fAi
युवा पत्रकारों की एक पूरी फौज खड़ी हो गई है, जो बिना डरे कड़े सवाल पूछ रही है।
मैं कल पटना में देख रहा था—जिस वक्त प्रधानमंत्री के जन्मदिन का जलसा आयोजित किया जा रहा था, उसी वक्त कई युवा पत्रकारों ने बेहद तीखे सवाल उठाए। उन्होंने पूछा—जब प्रधानमंत्री खुद तेल बचाने की अपील करते हैं, तो फिर यहां इस तरह तेल क्यों जलाया जा रहा है? जब करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, तब इस तरह के भव्य जलसे का क्या मतलब है?
इन युवा पत्रकारों ने यह सवाल भी उठाया कि सरकारी पैसे से इतने बड़े आयोजन क्यों किए जा रहे हैं।
और यह सिर्फ बिहार की बात नहीं है। देश के तमाम हिस्सों में युवा, खासकर जेन-Z पत्रकार, लगातार सवाल उठा रहे हैं। उन्हें डराने के लिए एफआईआर की धमकी दी जाती है, उनके परिवारों पर दबाव डालने की कोशिश होती है, लेकिन इसके बावजूद वे रुक नहीं रहे हैं।
वे सही को सही और गलत को गलत कहने की कोशिश कर रहे हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन पत्रकारों का एक बड़ा हिस्सा हिंदू-मुसलमान या जाति के एजेंडे में उलझने के बजाय मुद्दों पर बात कर रहा है।
वे पूछ रहे हैं—स्कूल ठीक क्यों नहीं हैं? अस्पतालों की हालत खराब क्यों है? सरकार अपने प्रचार और विज्ञापनों पर इतना पैसा क्यों खर्च कर रही है? आम आदमी की जिंदगी से जुड़े इन सवालों के जवाब क्यों नहीं दिए जाते?
लोकतंत्र में ये सवाल पूछना जरूरी है। और इन सवालों के जवाब अगर सरकार की तरफ से आते हैं, तो उसका फायदा आखिरकार आम लोगों को ही होगा।
आज पत्रकारिता के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी है कि कुछ बड़े मीडिया संस्थान खुद को इवेंट कवरेज तक सीमित करते दिखाई देते हैं। लेकिन दूसरी तरफ ऐसे युवा पत्रकार हैं जिनकी कमाई पांच-दस हजार रुपये भी नहीं है। कई ऐसे हैं जिनके चैनल से अभी एक रुपये की भी कमाई नहीं हो रही है।
फिर भी उनके अंदर हिम्मत है। हौसला है। और सवाल पूछने की जिद है।
मेरी अपील है—ऐसे युवा पत्रकारों को आप जरूर फॉलो कीजिए, उनके चैनल सब्सक्राइब कीजिए और उनके काम को आगे बढ़ाइए।
और जो बड़े और स्थापित पत्रकार हैं, उनसे भी मेरी अपील है—हर दिन कम से कम दो-तीन ऐसे युवा कंटेंट क्रिएटर्स और पत्रकारों को अपने वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रमोट कीजिए।
क्योंकि अगर इनकी आवाज ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी, तो इन्हें अपना काम और मजबूती से करने का मौका मिलेगा।
लोकतंत्र सिर्फ चुनाव से नहीं चलता। लोकतंत्र सवालों से भी चलता है।
और सवाल पूछने वाली इस नई पीढ़ी को सुना जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश पुलिस जिला मुरादाबाद क्षेत्र के अंतर्गत थाना मूढ़ापांडे के खानपुर गाँव मुस्लिम परिवार के घर घुसकर महिलाओं से अभद्रता करते हुए घर में तोड़फोड़ की तथा घर में CCTV के कैमरों के DVR को निकाल कर ले गई है।
योगी सरकार के UP पुलिस मिशन शक्ति 05 को मुस्लिम घर में घुसकर तोड़फोड़ कर DVR ले जाकर पूरा करती हुई
@myogiadityanath@dgpup@Rajeevkrishna69@digmoradabad@NCWIndia@India_NHRC
Michael H. Hart – American Historian wrote
“The most influential person in history is Muhammad ﷺ. He is the only man who was supremely successful in both the religious and secular realms.”
(The 100: A Ranking of the Most Influential Persons in History)
फिलिस्तीन के सपोर्ट में आवाज़ उठाने के लिए एक "इंसान" होना ज़रूरी है!
फिल्म निर्माता तो देश में कई है, पर एक अच्छा इंसान बहुत कम मिलेंगे!
ये है अनुपर्णा रॉय, जिन्होंने वेनिस फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डायरेक्टर का पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया है!
अवार्ड लेते वक्त इन्होंने फिलिस्तीन को याद किया और भावुक हो गई!
अनुपर्णा रॉय ने कहा–
"हर बच्चे को अमन और आज़ादी के साथ जीने का हक़ है!
और इंसानियत के लिए फिलिस्तीन के साथ खड़ा होना ज़रूरी है"
पांच साल से गुलशिफा बिना ट्रायल के जेल में बंद है सिर्फ इसलिए कि वो मुसलमान हैं.!
CAA NRC के खिलाफ लड़ने वाले आज जेल में हैं और हम लोग उनकी आवाज भी नहीं उठा सकते..?
गजा में दुनिया का सबसे छोटा
जुमा खुतबा दिया गया ,,😢💔
इमाम ने कहा "हे लोग! मैं भूखा हूं बोलने की ताकत नहीं, तुम भी भूखे हो, सुनने की ताकत नहीं होगी, नमाज़ पढ़ो , और मिम्बर से उतर कर नमाज़ पढ़ा दी #GazaGenocide#FreePalestine
मुसलमानों के सामने एक-दो नहीं, बल्कि कई मसले हैं।
आज़ादी के बाद सांप्रदायिक सोच को मौका मिला और मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाया गया।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद सबसे पहले इन ताक़तों के ख़िलाफ़ सामने आई थी।
हम सड़कों पर लड़ाई नहीं करेंगे, क्योंकि ये देश के लिए नुकसानदायक है।
हमारी लड़ाई उन लोगों से है जो सत्ता में रहकर इन सांप्रदायिक ताक़तों को खुला छोड़ रहे हैं।
"भारत में मुसलमान हज़ार साल से ज़्यादा वक़्त से रह रहे हैं।
केरल से कश्मीर तक, हर बिरादरी में हिंदू भी हैं और मुसलमान भी।
हमारा इतिहास किसी से कम नहीं है।"
इस देश की तरक़्क़ी तभी मुमकिन है जब आपसी भाईचारा और मेल-जोल बना रहे।
#ArshadMadani
हा विद्रोही तुकारामांचा महाराष्ट्र आहे.इथ बंडाचा आवाज दाबता येईल,या आविर्भावात इथल्या सरकारने राहू नये..! आम्ही षंढ नाहीं आहोत.शिव, शाहू,फुले,आंबेडकरांचा वारसा आम्हाला लाभलेला आहे.आम्ही लढत राहू...सत्याचा विजय होईपर्यंत..!
गाजा को इजराइल ने मलबे में बदल दिया।
हिटलर ने यहूदियों के साथ जो कुछ किया था, वही आज यहूदी बाकी दुनिया के साथ करना चाहते हैं।
बच्चों, बुजुर्गों, औरतों का नरसंहार किस तर्क से किया गया? भोजन लेने की लाइन में लगे असहाय लोगों का नरसंहार हुआ। ऐसा तो पौराणिक कथाओं में सिर्फ राक्षस करते हैं।
इजराइल इस धरती पर ऐसी शैतानी शक्ति है जिससे समूची मानवता को खतरा है।
Heartiest congratulations to Hon. Supriya Tai on being honoured with the special award for ‘Consistent and Effective Contribution to Parliamentary Democracy’ 🏆
Her dedication, vision, and tireless efforts in the service of the people continue to inspire us all.
Proud moment for all of us!
#SupriyaSule #ParliamentaryExcellence