भ्रमण — 290 विधानसभा श्रावस्ती
रात का अंधेरा हो या धूप की तपिश,
जनता के बीच मसूद आलम ख़ान हर वक्त खड़ा है।
न थकेंगे, न रुकेंगे,
गाँव-गाँव जाएंगे, घर-घर दस्तक देंगे।
जनता की आवाज़ सुनेंगे और उनके हक़ की लड़ाई पूरी मजबूती से
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मुस्लिम नेता बेवजह राज्य में मुस्लिम इशू बना रहे हैं।
अखिलेश यादव को अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है।
और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काम कम हो रहा है।
अगर उत्तर प्रदेश में कोई भी मुस्लिम कांग्रेसी नेता यह सोचता है कि विधानसभा चुनाव में सपा से ज्यादा मुस्लिम उसका साथ देंगे तो वह या तो खुद बेवकूफ है या कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं को बनाने की कोशिश कर रहा है।
लोकसभा में मुस्लिम अलग तरह से सोच सकता है लेकिन विधानसभा में उसे मालूम है कि राज्य में अगर कोई भाजपा से लड़ सकता है या लड़ रहा है तो वह अखिलेश यादव है।
और अखिलेश यादव को दूसरे वर्गों में जहां उन्हें काम करने की ज्यादा जरूरत है वहां से समय निकालकर मुस्लिम नेताओं को समझाने बुझाने में देना पड़ रहा है।
अभी सहारनपुर गए थे। वहां इमरान मसूद के दामाद उनके साथ हवाई जहाज में बैठकर गए मगर यह सब खेल उन्हें जिस वजह से करना पड़ रहा है उसकी वजह खुद इमरान मसूद ही हैं जो रोज उन्हें चैलेंज कर रहे हैं।
और इमरान मसूद अकेले नहीं है। पुराने नेताओं में से सलमान खुर्शीद जिन्होंने सबसे ज्यादा मुस्लिम को कांग्रेस से दूर किया है मगर दावा मुस्लिम नेता होने का ही करते हैं से लेकर तमाम वह नेता जो हाई कमान के नजदीक होने का फायदा उठाते हैं केवल कैमरे के सामने खुद का चेहरा चमकाने के लिए उत्तर प्रदेश में बेवजह मुसलमानों को सवाल बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी तो चाहते हैं कि यही एक सवाल बना रहे और चुनाव इसी पर हो जाए।
लेकिन अखिलेश और राहुल इससे हटकर जनता की वास्तविक समस्याओं पर चुनाव को लाना चाहते हैं।
अखिलेश राहुल को जीतने के लिए वोट चाहिए दलित का। यादव का पूरा। ओबीसी का बड़ा हिस्सा। ब्राह्मण का साथ।
बड़े समीकरण तय करना है।
मुस्लिम को राहत तो अपने आप मिलेगी।
लेकिन मुख्य मुद्दा बनने से दूर रहना सबसे जरूरी है।
ओवैसी बीजेपी की इच्छा के अनुरूप मुसलमान को मुख्य चर्चा में लाएंगे।
फायदा किसको होगा बीजेपी को।
ओवेसी को लगाया ही इसी काम पर जाता है।
लेकिन उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं को समझना चाहिए और अगर नहीं समझते तो हाई कमान को बहुत सख्ती से समझना चाहिए की अपना मुंह बंद रखें।
उत्तर प्रदेश देश की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है।
अखिलेश मुकाबला भी बहुत हिम्मत और समझदारी से कर रहे हैं।
नान स्ट्राइकिंग बैट्समैन को उनका लगातार हौसला बढ़ाते रहने की जरूरत है।
अननेसेसरी काॅल से उन्हें रन आउट करने की कोशिश ना करें।
आप मैच नहीं जीत सकते। मैच अखिलेश ही जिताएंगे।
"अभी तक आप (मुस्लिम) जिस भी पार्टी में थे, आप किरायेदार की हैसियत से थे लेकिन समाजवादी पार्टी में आप मकान मालिक हैं, यह बात मैं दावे के साथ कह सकता हूँ"
: आ. नसीमुद्दीन सिद्दीकी जी
"AIMIM में रहने के बाद हमको जमीन पर कभी लगा ही नहीं कि हम बीजेपी को हराने के लिए लड़ रहे है!
हम कभी सपा से लड़ रहे है कभी कांग्रेस से लड़ रहे हैं"
~ सैयद आसिम वकार साहब (पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता, AIMIM)
"भविष्य में समाजवादी पार्टी अपने मैनिफेस्टो में लाएगी कि गरीब कोगंभीर बीमारी में कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा।"
• माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी