@Balvinder_RJKM सर जी आप पूर्वाग्रह छोड़ दे @WamanCMeshram ही है जो असल मे डॉ बाबासाहेब आंबेडकर जी के विचारधारा को देशभर मे फैलाई है.
जय भीम जय मूलनिवासी
ये प्रेवश शुक्ला है जिसने आदिवासी युवक पर पेशाब किया और ये मप्र के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा। सत्ता के संरक्षण में अपराध हो रहा है। #ArrestPraveshShukla
प्रिय @ChouhanShivraj जी
सीधी पेशाब कांड में 4 कार्रवाई ज़रूरी है।
1. पीड़ित को सरकारी सुरक्षा और शहर में उसके लिए एक सरकारी आवास। उसका मनोवैज्ञानिक उपचार क्योंकि सदमा गहरा है।
2. पीड़ित को सरकारी नौकरी और ₹50 लाख मुआवज़ा
3. अपराधी को लंबे समय तक जेल में रखने का बंदोबस्त। प्रशासनिक लापरवाही हुई है तो अधिकारी की बर्ख़ास्तगी।
4 आपको चाहिए कि आप जाकर पीड़ित को गले लगाएँ। आश्वस्त करें कि शासन उसके साथ हैं।
मोदी जी ने मणिपुर के आदिवासियों को अपने हाल पर छोड़ दिया है। जहां आप वीडियो में देख रहे है कुकी आदिवासी महिलाए सड़क पर घुटने के बल जीवन रक्षा की दुआएं कर रही है। वहीं देश का मीडिया जो खाता भारत का है लेकिन गाता फ्रांस व पाक का है और मणिपुर पर चुप हो जाता है। #SaveManipurTribals
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री, श्री अखिलेश यादव जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।
@yadavakhilesh@samajwadiparty
समाजवादी पार्टी महिला सभा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सदस्य, विधानपरिषद श्रीमती लीलावती कुशवाहा तथा उनकी दोनो बेटियों पर किया गया जानलेवा हमला अत्यंत निंदनीय है। अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए इस कायराने हमले की घोर भर्तस्ना करता हूँ, अभी-अभी दो दिन पहले भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर हुआ हमला, उसके पूर्व देश की महा. राष्ट्रपति, द्रोपदी मुर्मू जी को भी आदिवासी समाज मे पैदा होने के फलस्वरूप दिल्ली जगन्नाथ मंदिर में जातीय अपमान के कड़वे घूंट पीने पड़े। डबल इंजन की भाजपा सरकार इसे रामराज्य कहेगी या जंगलराज।
गीता प्रेस ने प्रधानमंत्री की तेली जाति के बारे में इतना गंदा छापा, फिर भी प्रधानमंत्री ने गीता प्रेस को शांति पुरस्कार के लिए चुना।
हमारे प्रधानमंत्री @narendramodi का दिल 💓 कितना बड़ा है। सीखो गीता प्रेस, सीखो।
अगले एडिशन में हटा देना।
मणिपुर जल रहा है। सैकड़ों जानें जा चुकी है। घर जल चुके है। 50 हजार लोग अपना घर छोड़ चुके है। राज्य में मानवाधिकारों का उल्लंघन और आदिवासियों के साथ क्रूरता जारी है। पीएम अभी भी चुप है और विदेश जा चुके है। तात्कालिक शांति के लिए राष्ट्रपति शासन एकमात्र समाधान है। #ManipurBurning