WhatsApp पर आई एक file आपकी पूरी chat history और contacts को scammers तक पहुँचा सकती है
Cybercriminals अब .exe और .dll files के ज़रिए WhatsApp Web sessions को hijack करने की कोशिश कर रहे हैं
क्या दूसरी जाति में शादी करना गलत है? | Sadhguru on Inter-Caste Marriage
सद्गुरु भारत के सामाजिक ताने-बाने के संदर्भ में अंतरजातीय विवाह पर बात कर रहे हैं।
#Sadhguru#SadhguruHindi
🍁धर्म कोई बाहरी क्रियाकांड नहीं,
दृष्टि का परिवर्तन है।
इतना आसान मत समझ लेना कि
हम मंदिर चले जाते हैं तो धार्मिक हो जाएंगे।
धर्म को हमने एक बाह्य उपचार बनाया इसीलिए
पृथ्वी पर धर्म पैदा नहीं हो सका।
धर्म है आंतरिक चित्त की दशा।
धर्म है मनःस्थिति।
🌼 अंतर की खोज
#ओशो 🪷
🔹शांति है जीवन का सम्यक दृष्टिकोण, राइट एटिटयूड।
प्रतिक्षण देखते, जागते, समझते, धीरे-धीरे वह दृष्टि जो भीतर छिपी है प्रकट होने लगती है।
और तब सब बदल जाता है।
तब नहीं दिखाई पड़ते कांटे, बल्कि जब दृष्टि पूरी उपलब्ध होती है तो हर कांटा फूल में परिवर्तित हो जाता है।
धर्म है एटिटयूड,
धर्म है भीतर के देखने का ढंग।
धार्मिकता चित्त की एक दशा है।
यह चित्त की दशा निरंतर जागरूक,
होश से भरे रह कर जीने से पैदा होती है।
न तो यह प्रार्थनाओं से पैदा होती है,
न पूजाओं से, यह तो चित्त की सरलतम
भावनाओं से उपलब्ध होती है।
🌼 अंतर की खोज
#ओशो 🪷
LEARNING means:
Commit as many mistakes as you want, but only commit one mistake once.
Committing mistakes is not bad that is the way of learning;
you have to do mistakes.
But don’t commit the same mistake, otherwise you will be in a vicious circle.
🌼ICELEBRATEMYSELF
#OSHO 🪷
अरे तू लड़का होकर रो रहा है!
यह क्या लड़कियों जैसी बात!
दुगुने पुरुष आत्महत्याएं करते हैं,
दुगुने पुरुष पागल होते हैं, स्त्रियों की बजाय।
और उनमें से एक कारण,
बहुत कारणों में एक कारण यह है कि
पुरुष रोना भूल गया है।
🌼पद घूंघरू बांध4
#ओशो 🪷
(जब मन दुखी हो खूब दिल खोलकर रो लो)
कहते हैं कि तुलसीदास को जब वृंदावन में कृष्ण के मंदिर में ले जाया गया तो उन्होंने झुकने से इनकार कर दिया।
कृष्ण की मूर्ति के सामने राम का भक्त कैसे झुके? हद्द संकीर्णता है!
कहते हैं कि उन्होंने कहा कि जब तक धनुष-बाण हाथ न लोगे, तब तक मैं झुकनेवाला नहीं।
यह भी खूब मजे की बात हुई!
जिसने राम को पहचान लिया...।
राम से मेरा मतलब और मलूकदास का भी मतलब दशरथ-पुत्र राम से नहीं है।
जिसने राम को पहचान लिया...।
राम यानी इस विराट में छिपी हुई जो ऊर्जा है, ये जो तरंगें उठ रही हैं जिस ऊर्जा से, उसको जिसने पहचा लिया, वह तो सभी जगह झुका है।