एक किसान बता दो जिससे एथनॉल खरीदा गया हो । किसानो ने एथनॉल की फैक्ट्री कब से चालू कर दी है ।
किसानो को तो गन्ने का पेमेंट भी टाइम से नहीं मिलता
जो सरकार किसानो के लिए जहर देने को तैयार बैठी रहती है उसके मुँह से किसानो की चिंता की बात शोभा नहीं देती
आज भारत दुनिया के सबसे सस्ते पेट्रोल उपलब्ध कराने वाले देशों में शामिल है, तो इसके पीछे एक बड़ा कारण इथेनॉल मिश्रण भी है।
जब दुनिया कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से परेशान होती है, तब भारत के पास अपने किसानों से खरीदा गया इथेनॉल होता है, जिसकी कीमत पूरे वर्ष के लिए तय रहती है।
आपकी बात कोई नहीं सुनेगा बस मन की बात सुनो
लोग कह रहे है कि एथनॉल का विपक्ष विरोध नहीं कर रहा है ।
जनता ने विपक्ष छोड़ा ही कहां है जो विरोध करे ।
जनता की चुनी हुई सरकार है, जनता की बात सरकार जरूर सुनेगी । वरना मन की बात सुनो और कृष्ण रहो
'अगर इथेनॉल मिश्रण न होता, तो भारत को 310 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल की आवश्यकता और पड़ती।'- E-20 पेट्रोल पर बोले केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी
@HardeepSPuri#E20#Petrol#HardeepSinghPuri
@MediaHarshVT धिक्कार है पार्टी के पुराने नेता और कार्यकर्ताओं पर जिनकी औक़ात दरी बिछाने से ज़्यादा नहीं है ।
आप भी पार्टी की इस ख़ूबसूरती,फ़र्ज़ी राष्ट्रवाद और स्वयंभू धर्म के ठेकेदारों के ग़ुलाम हो पंडित जी
एक किसान बताओ जिसे लाभ हुआ हों
एथनॉल किसान नहीं चीनी लॉबी बनाती है
गन्ना का मूल्य बढ़ा नहीं जबकि उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है
गन्ना किसानो का पिछले वर्ष का पेमेंट अब तक नहीं हुआ
माइलेज में गिरावट से ईंधन की खपत भी बढ़ेगी
किसान के शुभचिंतक तो किसानो की मौत पर जश्न मनाते है
अगर इथेनॉल मिश्रण न होता, तो भारत को 310 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल की आवश्यकता और पड़ती।
इस कार्यक्रम ने ₹1.90 लाख करोड़ से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाई है। इससे ₹1.60 लाख करोड़+ की किसानों की अतिरिक्त आय हुई है।
इथेनॉल केवल पेट्रोल में मिलाया जाने वाला ईंधन नहीं है, यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा का कवच, किसानों की समृद्धि का माध्यम और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है।
जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें बताना चाहिए कि उन्हें किसानों की बढ़ती आय, विदेशी मुद्रा की बचत और भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता से आखिर परेशानी क्या है?
@HardeepSPuri रुपये को मजबूत बनाते तो भी कच्चे तेल के आयात पर होने वाला खर्चा कम ही सकता था।
एक किसान बताओ जिसको एथनॉल से लाभ मिला हो। चीनी मिलो की लॉबी के हाथ बिक चुके लोगो के मुंह से ये बात शोभा नहीं देती।
एथनॉल मिश्रण से कम होने वाला माइलेज क्या ईंधन की खपत में बढ़ोतरी नहीं करेगा
@umashankarsingh@nitin_gadkari@tehseenp राष्ट्र का भला कर रहे है । क्रूड आयल का बिल कम कर रहे है।क्रूड आयल का बिल तो रुपया मजबूत होने पर ख़ुद ही कम हो जाएगा । लुढ़कते रुपये को नहीं संभालना भी राष्ट्रवाद है शायद।
जनता का नुक़सान कैसे राष्ट्र का भला हो सकता है
मतलब साफ़ है, जो राजा कहे वो ही सही । जनता कीड़ा मकोड़े है
गड़करी जी
देश में एक किसान बता दो जिसको एथनॉल से आमदनी हुई हो
किसान तो सरकार को फूटी आँख नहीं सुहाता ।
300 किसानो की जान लेने वालो के मुँह से ये बात शोभा नहीं देती
बेशर्म
कितना बलिदान लोगे सरकार
E20
मिलावट
कम नाप से चोरी
टोल की लूट
सड़को के गड्ढे
10 साल में वाहन स्क्रैप
महंगी होती गाड़िया
तेल कंपनियों की फलती फूलती बैलेंस शीट
E20 से देश का फ़ायदा बताने वालो से एक सवाल:
जिससे जनता का नुक़सान होता हो वो देश के लिए फायदेमंद कैसे हो सकता है ।
मूर्खों देश गडकरी की संतान से नहीं बनता, देश बनता है जनता से
@nitin_gadkari जी सड़को के गड्ढे ख़त्म करने पर ध्यान दो
सड़क ख़राब होने की वजह से टोल वसूली रोकी है आपने आज तक किसी टोल वाले की
लूट बराबर चलेगी लेकिन सड़के नहीं सुधारनी
Ground water level Is already reducing. One litre ethanol consume around 3000 litre of water.
Not only Your vehicles will die u will also die of thrust
@umashankarsingh इंतिजार करो,सब्र रखो।एथनॉल compliance गाड़ियो के नाम पर लूट जल्दी ही शुरू होगीं
इस खेल में सब शामिल है।
गडकरी के बच्चे, तेल कंपनियो को मुनाफा और गाड़ी निर्माताओं को लाभ।
सब मौज काट रहे है और जनता कट रही है ।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट नाम की चिड़िया ग़ायब इसी लिए की है की गाड़ी बिके