हमीरपुर में पुलिस को शिवराज सिंह को उठाना था
तो दूसरे शिवराज सिंह को उठा लिया और उसको मार मार के बतख बना दिया🤡
दरियादिली ये दिखाई की उसको अस्पताल में भर्ती कराया।
आप ही बताइए आजकल कितने ही लोग आपको असपताल भर्ती कराते हैं???
>ब्रो का नाम Angomcha Bimol Akoijam है
>ब्रो इनर मणिपुर से सांसद है
>ब्रो कॉंग्रेस पार्टी का हीरो है
>ब्रो ने MLADS से एम्बुलेंस का बिल लगाया
>ब्रो ने इमेज प्रूफ की जगह OLX से फोटो डाउनलोड करके लगा दी
>ब्रो खुद को कूल समझता है
>लेकिन ब्रो खुर पेंच टीम के हाथों पकड़ा गया
निशिकांत दुबे जी के बेटे विदेश में हैं। तुम लोगों के लिए 2-3 पुरानी एम्बुलेंस क्या दे दीं, तुम्हें लगने लगा कि उनका पूरा परिवार इसी एम्बुलेंस के सहारे बैठा है।
मूर्ख आदमी!
एक तरफ़ बेटी पढ़ाओ के नारे,
दूसरी तरफ़ एक बिटिया को पढ़ने से रोका जा रहा है।
आइए इस आवाज़ को वहाँ तक पहुँचाएँ जहाँ से न्याय मिल सके।
देखते हैं पहले जिला प्रशासन पहुँचता है या कोई सेलिब्रिटी!!
>ब्रो का नाम अजीत कुमार हरिजन
>ब्रो बिहार के छपरा में DPO माध्यमिक शिक्षा के पद पर है
>ब्रो का काम शिक्षा के लिए काम करना है
>लेकिन ब्रो अपने लिए काम करता है
>ब्रो ने टेन्डर दिलवाने के लिए 12 लाख की घूंस माँगी
>ठेकेदार ने घूंस डिजिटल माध्यम से परिवार के सदस्यों के खाते में दे भी दी,
>लेकिन ब्रो ने ठेकेदार को काम नहीं दिलवाया,
>ठेकेदार ने शिकायत कर दी
>जाँच बैठी और पाया गया ब्रो ने 33 महीने की नौकरी में करोड़ों का घर,6 बीघा जमीन और खातों में 2.5 करोड़ जमा कर रखे
>33 महीने में ब्रो को सरकारी वेतन 27 लाख मिला,
>अब ब्रो की गिरफ्तारी होनी है,
योगी जी के रामराज्य में स्वास्थ्य सेवाएं इतनी मजबूत हो गई हैं कि,
झांसी में दो मासूम बच्चियां ही वार्डबॉय भी बनीं और अटेंडेंट भी
अब बस डॉक्टर की डिग्री भी इन्हीं के नाम कर दीजि
अभी अगर ये इंडिया में होता तो बस खड़ी रहती सायरन बजता रहता और जब तक बच्ची रोड क्रॉस ना कर लेती तब तक सड़क ब्लॉक रहती।
अच्छा हुआ ये बांग्लादेश में हो रहा है।
वरना हमारे यहाँ अब तक तो प्रोटेस्ट शुरू हो गए होते।
मध्य प्रदेश का छिंदवाड़ा इतना आत्मनिर्भर हो गया है कि,
अमरवाड़ा के हथोड़ा में एक गर्भवती महिला की हालत बिगड़ी तो सरकार को परेशान करने की जरूरत ही नहीं पड़ी
ग्रामीणों ने खटिया को एंबुलेंस बनाया नदी को रास्ता बनाया और बाइक को अस्पताल सेवा बना दिया
टुंडला रेलवे स्टेशन पे पहुँचे बहुत भारी आर्किटेक्ट,
जहाँ मोबाइल कैमरा ऑन करके इन्होंने ग्रेनाइट लगाने की विधि को बखूबी समझाया।
साथ में भ्रष्टाचार, लापरवाही, घूसखोरी जैसे बड़े शब्दों का मसाला भी लगाया।
थैंक्स फॉर लिसनिंग गाइज💀