मैं नाले से गैस बनाने वाला बड़ा प्लांट डालने का सोच रहा क्योंकि आत्मनिर्भर बनना चाहता हूं,
इस टेक्नोलॉजी पर बिजनेस करने के लिए कौन सी बैंक मुझे लोन देगी ?
मेरा मानना है कि अमेरिका लंबे समय से खुद को दुनिया से ऊपर समझता रहा है। आज दुनिया भर में ईरान से जुड़ी जंग और तनाव से जो अस्थिरता पैदा हो रही है, उसकी जड़ में भी काफी हद तक अमेरिका की नीतियां और दखलअंदाजी जिम्मेदार हैं। दुनिया को ताकत की राजनीति नहीं, संतुलन और शांति की जरूरत है।
ईरान-इज़राइल के बीच बढ़ते संघर्ष ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है।
इस तेज़ी से फैल रहे युद्ध में सैकड़ों आम लोग प्रभावित हो रहे हैं, और वैश्विक तनाव बढ़ रहा है। 🌍💔
हम सबकी दुआ है कि जल्द से जल्द शांति की राह निकले। 🕊️ #IranIsraelWar#WorldPeace
रात दो बजे गुजरात पुलिस ने इस ट्वीट पर एक और नोटिस भेजा है ,
बात राजस्थान की हो रही और पेट में दर्द गुजरात पुलिस के हो रहा हैं ?
अरे गुजरात के डीजीपी साहब आप बताइए जब सब कुछ ठीक था तो जल शक्ति मंत्रालय का CTR पोर्टल बंद क्यों किया गया ? जिनकी जांच होनी चाहिए उनको अवॉर्ड मिल रहे , जो एक्सपोज कर रहे उनको नोटिस मिल रहे ,
आप JSJB CTR पोर्टल पब्लिक कर दीजिए हम जमीन पर हुए काम देखना चाहते हैं।
गोंडा मेडिकल कॉलेज में नई तकनीक का आविष्कार किया गया है,
जिसमे चूहों को मरीजों का ख्याल रखने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
आगे चलके ये सर्जरी करते पाये जायँ तो चौंकियेगा मत।
We know we are alone in this fight.
But we are not scared.
Mainstream media (except a few) refuses to cover MPLADS irregularities.
Every day, we receive emails from government departments asking us to delete our tweets.
And today, a politician sent us a ₹5 crore defamation notice just for exposing the truth.
Silence is what they want.
Accountability is what we demand. 🙏
अभी सचिन और सीमा हैदर का सातवां बच्चा हो जाएगा तो हर चैनल इसे प्राइम टाइम में चलाएगा,
सवाल पूछने पर एक सांसद डिफेमेशन नोटिस भेज रहा लेकिन पूरे मीडिया जगत के पेन की रिफिल खत्म हो गई है ।
दुनिया का सबसे बड़ा टायर कब्रिस्तान कुवैत में है।
यह आग सालों से जल रही है, अंतरिक्ष से भी दिखती है।
लेकिन जलवायु परिवर्तन के लिए दोष गायों को दिया जाता है।
खुरपेंची सूचना 🚨:
हमारी खुरपेंची टीम MPLADS पोर्टल से लगातार हर पार्टी के सांसदों के रिकार्ड खंगाल रही है और पोल खोल रही है।
कुछ सांसद गुस्से में धमकी दे रहे हैं, कुछ सांसद कह रहे कि उनके काम MPLADS पोर्टल पर नहीं GOOGLE पर खोजो और कुछ चुपचाप रजाई में दुबके हैं।
चूंकि पोर्टल सरकारी है, इसलिए उसे पर अपने कार्यों को अपडेट करवाने की जिम्मेदारी सांसदों और उनके अधीनस्थ कर्मचारियों की है ना की जनता की ।
जनता को अपने टैक्स के पैसे का हिसाब जानने का पूरा हक है और खुरपेंच @khurpenchh
हमारी खुरपेंची टीम जनता के लिए आवाज उठाती रहेगी।
जय हिंद 🇮🇳 🙏
CTR पोर्टल के बाद MPLADS का डेटा डिलीट ,चेंज और दोबारा से अपलोड होने लगा है,
पूरे देश के लोगों ने अपने अपने क्षेत्रों के सांसदों के काम खंगाले और उनको टैग करके ट्वीट किया ,
आप सभी का हमारे साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए धन्यवाद , हम इसी तरह मन लगा कर निस्वार्थ भाव से काम करते रहेंगे , सुधार आकर रहेगा , 2026 को नागरिकों का साल बना के रहना है ।
जय हिंद जय भारत ❣️
Khurpench is doing what a lot of media houses with tons of money and gazillions of supporters could not do… which is SPEAKING FOR THE PEOPLE 🫡
May you keep making this country better 🙏
यह सिर्फ़ एक पैकेट काजू का मामला नहीं है बल्कि यह पैकेज्ड फूड सिस्टम की सड़ी हुई सच्चाई है।
DMart जैसे बड़े रिटेलर और Pro V जैसे ब्रांडेड प्रोडक्ट में कीड़े मिलना कोई दुर्घटना नहीं, यह क्वालिटी कंट्रोल की खुली नाकामी है।
जब महंगे दाम लेकर बेचे जा रहे ड्राय फ्रूट्स में कीड़े निकलें तो यह साफ है कि स्टोरेज , सप्लाई चेन , पैकिंग और इन-हाउस चेक सब फेल हैं। ब्रांड नाम सिर्फ़ भरोसा बेचने के लिए है , जमीन पर निगरानी शून्य है।
सबसे बड़ा सवाल @fssaiindia कर क्या रहा है?
• क्या पैकिंग से पहले कोई वास्तविक इंस्पेक्शन होता है?
• क्या गोदामों की नियमित जांच होती है या सिर्फ़ कागज़ों में?
• क्या कंज़्यूमर शिकायतों पर सैंपल टेस्ट होते हैं या मामला दबा दिया जाता है?
• एक्सपायरी से पहले ही खराब हो चुके प्रोडक्ट्स बाज़ार में कैसे पहुँच रहे हैं?
• बड़े ब्रांड होने पर क्या कार्रवाई से छूट मिल जाती है?
पूरे देश में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति बचा होगा जिसने कैंसर जैसी बीमारी को नजदीक से न देखा हो , क्या नेता क्या अभिनेता कोई इससे बचा नहीं है,
इसके अलावा तमाम ऐसे डिसऑर्डर्स हैं जिनसे लोग डेली बेसिस में जूझ रहे हैं, डॉक्टर्स से आप कारण पूछेंगे तो वो आपको लाइफस्टाइल बोल कर आगे बढ़ जायेंगे,
आज के समय में हर कोई व्यक्ति स्वयं के लिए सारे सामान नहीं बना सकते , सुबह दांतों की सफाई से लेकर रात में कुल्ला करके सोने तक हम फैक्टरीज द्वारा बनाई गई पैकेज्ड चीजों पर निर्भर हैं और हर चीज पर सरकार द्वारा निर्धारित टैक्स दे रहे हैं,
हम इस भरोसे पर चल रहे हैं कि इतना टैक्स देने के बाद सरकार द्वारा संचालित एजेंसियां अपना काम बखूबी कर रही हैं और हम सही चीज़ें कंज्यूम कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं , हम इस मामले में पूरी दुनिया से काफी पीछे हैं,
पूरे देश में मिलावट चरम पर है, जो भी चीजें हम सुबह से शाम तक इस्तेमाल करते हैं ,उनमें प्रिजर्वेटिव्स से लेकर खराब और खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है, कुछ ब्रांडेड प्रोडक्ट्स को छोड़ दे तो हालत बहुत खराब है , ये काम धड़ल्ले से चल रहा है और रोज बढ़ रहा है ,
जहां दुनिया के कई देशों में एजेंसियां बहुत सजग होकर काम कर रही हैं, बेहतरीन से बेहतरीन गाइडलाइंस और पैरामीटर्स बना रही हैं और टेक्नोजिकली बहुत एडवांस्ड हैं,वहां FSSAI जैसी एजेंसियां केवल लाइसेंस देने में और भ्रष्टाचार में लिप्त हैं ,
आप और हम क्या बीमार होने का इंतजार कर रहे हैं?
इस मामले में हम सभी को मिलकर आवाज उठानी चाहिए , खुद बीमार होने का इंतजार न करें। @fssaiindia