जोधपुर डिपो से संबंधित सभी क्षेत्रों में पेट्रोल डीजल की आपूर्ति को निर्बाध कर दिया गया है, किंतु राशनिंग के दिशानिर्देश अभी भी जारी रहेंगे ।
ऐसे में आप सभी से अनुरोध है की आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल डीजल की मांग करें और आवश्यक खरीद से बचें। अगर आज भी अनावश्यक खरीद जारी रही तो आज शाम तक फिर सभी पेट्रोल पंप ड्राई हो सकते हैं।
साथ में यह भी ध्यान रखें कि पेट्रोल और डीजल दोनों ज्वलनशील पदार्थ है जिसके कारण अनावश्यक भंडारण से बचें।
अच्छा कदम है। छात्रों, कामकाजी युवाओं और प्रवासी श्रमिकों को ध्यान में रखते हुए अगर इस संकट के समय सरकार 5 लीटर वाला सिलेंडर सुचारू रूप से उपलब्ध कराती है, तो यह बहुत अच्छा होगा। बशर्ते कि यह आसानी से मिले।
अगर आप घर से दूर रहते हैं, आपके पास स्थायी पता नहीं है, और एलपीजी कनेक्शन लेने में कठिनाई हो रही है, तो अब इसका एक आसान समाधान है।
इंडेन ‘छोटू’ — 5 किलोग्राम का फ्री-ट्रेड एलपीजी सिलेंडर।
छोटा, सुविधाजनक और आसानी से उपलब्ध, यह विशेष रूप से छात्रों और प्रवासी कामगारों के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें बिना देरी के एक विश्वसनीय खाना पकाने का समाधान चाहिए।
#SafeLPG #EnergyForAll #IndianOil #StayAware #CleanEnergy #StayCalmIndia
@HardeepSPuri@PetroleumMin@Secretary_MoPNG@neerajmittalias@ChairmanIOCL@sahneyas
यह स्पष्ट किया जाता है कि 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा प्रवासी श्रमिकों को वैध पहचान पत्र के आधार पर लगातार उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उनकी पहुँच और वितरण में आसानी सुनिश्चित हो सके।
पर्याप्त व्यवस्थाएँ की गई हैं ताकि आपूर्ति लगातार बनी रहे और किसी प्रकार की कोई बाधा न हो। इसलिए किसी भी प्रकार की चिंता या घबराहट की आवश्यकता नहीं है । स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा रहा है।
It is clarified that 5 kg FTL cylinders are being continuously supplied by Oil Marketing companies (OMCs) to migrant labourers against valid ID proof to ensure accessibility and ease of distribution. Adequate arrangements have been made to maintain steady availability, and there is no disruption in supplies. Hence, there is no need for any concern or panic, as the situation is being closely monitored and managed to meet the requirements effectively.
#StayCalmIndia #IndianOil #NationFirst #NoRumours
@HardeepSPuri@PetroleumMin@neerajmittalias@secretary_moPNG@ChairmanIOCL@sahneyas
एक विद्यालयी छात्रा द्वारा कितना गंभीर उद्बोधन दिया गया है...,🔥
सगाई से लेकर शादी तक की हकीकत से रूबरू करवा दिया ..!!
बहन में आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हु ❣️
Telecom Companies ऐसे Recharge Plans offer करती हैं जिनमें ‘Daily Data Limits’ जैसे 1.5GB, 2GB या 3GB per day होती हैं, जो हर 24 hours में reset हो जाती हैं। बचा हुआ data midnight पर expire हो जाता है, जबकि उसके पूरे पैसे पहले ही दिए जा चुके होते हैं।
आपको 2GB के लिए charge किया जाता है। आप 1.5GB use करते हैं। बचा हुआ 0.5GB दिन खत्म होते ही गायब हो जाता है। कोई refund नहीं। कोई rollover नहीं।
मैंने आज यह मुद्दा Parliament में उठाया की जिस data के लिए हमने पूरी payment की है, वो दिन समाप्त होने पर Expire नहीं होना चाहिए।
बचा हुआ data अगले दिन की data limit में carry forward होना चाहिए, ताकि users Data इस्तेमाल कर सकें जिसके लिए उन्होंने पहले ही pay किया है।
संसद में आज मेरी demands हैं -
1.सभी users के लिए Data carry-forward / Data rollover की सुविधा दी जाए। जो data दिन के अंत तक use नहीं होता, उसे अगले दिन की limit में add किया जाए, न कि validity खत्म होते ही ख़त्म कर दिया जाए।
2.अगले महीने के recharge amount में unused data का adjustment का option दिया जाए। अगर कोई user लगातार अपना data under-utilise करता है, तो अगले monthly recharge में उस value का adjustment या discount मिलना चाहिए। users को बार-बार उस लिमिट के लिए pay नहीं करना चाहिए जो वे use ही नहीं करते।
3.Unused data को relatives और friends को transfer करने का option दिया जाए। Unused data को user की digital property माना जाना चाहिए। उपभोक्ता को अपने daily data limit से unused data दूसरों को transfer करने की permission होनी चाहिए, बिल्कुल उसी तरह जैसे पैसे transfer किए जा सकते हैं।
आज मोबाइल डेटा कोई luxury नहीं, Digital oxygen बन चुका है। टेलीकॉम कंपनियों की ये लूट बंद होनी चाहिए।
REET 2016 और 2018 की भर्ती प्रक्रियाओं में 70:30 (REET स्कोर : स्नातक अंक) के अनुपात ने वास्तव में एक ऐसा "लूपहोल" तैयार किया था, जिसका फायदा उठाकर कई लोगों ने बाहरी राज्यों या संदिग्ध विश्वविद्यालयों से फर्जी डिग्रियां हासिल कीं।
समस्या की जड़: 70/30 का वेटेज था उस समय चयन प्रक्रिया में स्नातक (Graduation) के अंकों को 30% वेटेज दिया गया था। इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि जिन अभ्यर्थियों के REET में कम अंक थे, उन्होंने फर्जी तरीके से स्नातक में 90% से अधिक अंक वाली डिग्रियां बनवाईं और वास्तविक रूप से योग्य उम्मीदवारों को मेरिट से बाहर कर दिया।
पारदर्शिता के लिए आवश्यक कदम
सरकार और शिक्षा विभाग को इस दिशा में निम्नलिखित कड़े कदम उठाने चाहिए।
सभी चयनित अभ्यर्थियों की स्नातक की अंकतालिकाएं और विश्वविद्यालय का नाम एक सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड किया जाना चाहिए। इससे 'सोशल ऑडिट' संभव हो सकेगा।
बाहरी राज्यों की डिग्रियों का गहन सत्यापन: राजस्थान से बाहर की यूनिवर्सिटीज, विशेषकर जो 'ब्लैकलिस्टेड' या संदिग्ध रही हैं, उनकी डिग्रियों की जांच के लिए विशेष टीमों को फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाए।
DEO स्तर पर सख्त निर्देश देकर प्रत्येक जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को पाबंद किया जाए कि वे अपने जिले में कार्यरत शिक्षकों के दस्तावेजों की पुनः जांच करें और संदिग्ध पाए जाने पर तुरंत FIR दर्ज कराएं।
जब तक डिग्रियां सार्वजनिक नहीं होंगी, तब तक फर्जीवाड़ा पकड़ना मुश्किल है। यदि सरकार इन आंकड़ों को सार्वजनिक करती है, तो स्थानीय स्तर पर लोग पहचान पाएंगे कि किस व्यक्ति ने कभी कॉलेज देखे बिना ही डिग्री हासिल कर ली।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता केवल एक सिस्टम नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं का हक है जो दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व वाली सरकार से यह उम्मीद की जाती है कि वे "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाते हुए इन पुरानी भर्तियों की भी जांच कराएंगे या इन सबकी डिग्रियां सार्वजनिक करवा दो सब समझ में आ जाएंगे।
फर्जी डिग्री धारकों को सेवा से बाहर करना न केवल न्याय होगा, बल्कि भविष्य में ऐसी जालसाजी करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश भी होगा।
@BhajanlalBjp
REET 2016/2018 में रीट के अंक और डिग्री के अंक का अनुपात 70/30 रखने पर बहुत सारे फर्जी लोगों ने इन फर्जी यूनिवर्सिटी से डिग्रियां ली थी जो आज भी नौकरी कर रहे हैं।। सरकार को इन सब की डिग्रियां जांच करनी चाहिए तथा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे कि इनकी डिग्रियां सार्वजनिक करनी चाहिए तथा जिससे युवा इनकी डिग्री देख सके।।
@BhajanlalBjp@RPS_DharmaGila
मुझे आज भी याद है JRA की भर्ती , जिसमे 24 SUBJECT होने के बाद भी कट ऑफ इतनी गयी थी,जो पेपर टीचर से सॉल्व नही हो रहा था, वो बच्चो ने 3 HR मे सॉल्व कर दिया जबकि वो उस SUBJECT से कभी पहले जुड़े हुए भी नही थे , दम है तो JRA भर्ती की जाच करवाओ, वरना यह पाखंड बंद करो 🙏😡
@alokrajRSSB
Today for next 30 mins, you may ask question by providing your Date time and place of birth here. Will try to answer or give a one-liner prediction based on horoscope.
Kindly RT so that i can check out.
#astrosumitbajaj#Astrology
🚨 🇮🇳 #Tejas ने अब तक 10,000+ टेस्ट और ऑपरेशनल सॉर्टीज़ पूरी की हैं और वह भी बिना एक भी टेक्निकल-फेलियर क्रैश के।
अगर फिर भी किसी को शक है, तो समस्या तेजस में नहीं बल्कि उस सोच में है जो डेटा को दरकिनार कर हादसे में डूबा हुआ है।
और हाँ,
🔴 भ्रमित पाकिस्तानियों के लिए बस इतना कहना है की
पहले जाकर अपने JF-17 का क्रैश रिकॉर्ड देखो फिर बात करना।
#Tejas भारत का गौरव है #IndianAirForce 🇮🇳✈️
10 रूपये के नोट की गड्डी Vs भ्रष्टाचार .
एक समय था जब बैंक में जाकर शादी का कार्ड दिखाने पर 2-4 दस व बीस रूपये के नए नोटों की गड्डी आराम से मिल जाया करती थी। लेकिन अब जो गड्डी पहले आम शादी ब्याह का कार्ड दिखाने से मिल जाती थी, वो बड़ी सिफारिश लगवाने से भी नहीं मिलती। सबसे हैरानी की बात ये नहीं है कि गड्डी नहीं मिलती, बल्कि ये है कि 400-500 अधिक देने पर वही गड्डीयां कितनी ही ले लो।
इस भ्रष्टाचार ने साधारण से साधारण चीजों को आम आदमी से बहुत दूर पहुचा दिया हैं।
#ब्याह_शादी में लोग मजबूर होते है ब्लैक में लेने के लिए। लेकिन हैरानी की बात है कि जो चीज बैंकों में नहीं वो फिर बाहर कैसे मिल जाती है।
बैंक वालों ने ऐसा नेक्सस बना दिया है कि रिजर्व बैंक से नोट आते ही सीधे बाजार में ब्लैक कर दिये जाते हैं। भले सरकार ने हरियाणा में भी ₹10 के सिक्कों के प्रचलन पर जोर दिया हो लेकिन ब्याह शादी में तो 10 के नोटों का ही प्रयोग होता है
पेपर कप में चाय पीने से 15 मिनट में 25,000 माइक्रोप्लास्टिक निकलते हैं—IIT खड़गपुर की स्टडी में ऐसा दावा है।
रोज लाखों लोग ऐसे कप इस्तेमाल कर रहे हैं , तो क्या लोग कैंसर अपने अंदर भर रहे?
FSSAI, हेल्थ मिनिस्ट्री और स्टेट फूड डिपार्टमेंट अब तक क्या कर रहे थे ??