भूपेश सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार ने राज्य के युवाओं का भविष्य चौपट हो गया था ।
कोर्ट में मामला होने के कारण देरी हुई । मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री @vishnudsai एवं गृह मंत्री श्री @vijaysharmacg जी से आग्रह करता हूँ कि इस मामले का जल्द पटापेक्ष किया जाये ।
नयी भर्तियाँ भी निकाली जायें ताकि युवाओं के साथ न्याय हो ।
@RajeshJangade3@DkHatkeshwar@Sheetal47569564@Deepaksingh1793 मित्र @Sheetal47569564 resultआएगा नही आएगा भर्ती रद्द होगी नही होगी इस संबंध में मैं न कोई बाद विवाद करूंगा न कुछ बोलूंगा क्योंकि वो समय आने पर पता चल ही जाएगा पर आप न्यायालय में ये बताने के लिए जरूर तैयार रहे की मैंने कब और किसको 25 लाख दिया है और सारे स्क्रीनशॉट मेरे पास है
@ujjwaldeepak गड़बड़ी – गड़बड़ी
विसंगति – विसंगति
रद्द करो – रद्द करो
घोटाला – घोटाला
भ्रटाचार – भ्रटाचार
ये सब चिल्लाने से कुछ नही होता
पहले तो किसी भी महानुभाव ने राजपत्र और नोटिफिकेशन ठीक से पढ़ा नही है और महाधिवक्ता की बातों से एक चीज तो समझ आ गया है कि भर्ती नियमानुसार हुई है। जय हिन्द ।
@ujjwaldeepak they misguiding you sir...AG sir clearly said thai "नियम के अनुसार एक भी बच्चे को अब अंदर नहीं लिया जा सकता है, लेकिन कोर्ट जो निर्देश करेगी हम उसको मानेंगे" wait for the court order सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।
@ujjwaldeepak सर सरकार के वकील मतलब महाधिवक्ता ने साफ कहा है की भर्ती नियम के अनुसार हुई है,
इन लोग आधा ���धूरा क्लिप दिखाकर लोगों को बहका रहे है,
जजमेंट कुछ ही दिनों में आ जाएगा तब सब साफ हो जाएगा।
UGC के नए ड्राफ्ट में उच्च शिक्षा संस्थानों में SC, ST और OBC वर्ग को मिलने वाले आरक्षण को ख़त्म करने की साजिश हो रही है।
आज 45 केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में लगभग 7,000 आरक्षित पदों में से 3,000 रिक्त हैं, और जिनमें सिर्फ 7.1% दलित, 1.6% आदिवासी और 4.5% पिछड़े वर्ग के Professor हैं।
आरक्षण की स���ीक्षा तक की बात कर चुकी BJP-RSS अब ऐसे उच्च शिक्षा संस्थानों में से वंचित वर्ग के हिस्से की नौकरियां छीनना चाहती है।
यह सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करने वाले नायकों के सपनों की हत्या और वंचित वर्गों की भागीदारी ख़त्म करने का प्रयास है।
यही ‘सांकेतिक राजनीति’ और ‘वास्त��िक न्याय’ के बीच का फर्क है और यही है भाजपा का चरित्र।
कांग्रेस ये कभी होने नहीं देगी - हम सामाजिक न्याय के लिए लड़ते रहेंगे और इन रिक्त पदों की पूर्ति आरक्षित वर्गों के योग्य उम्मीदवारों से ही कराएंगे।