हद है ये भी बोल सकते थे कवि महोदय, अगर किसी ने पूरी मेहनत की लेकिन सफलता नहीं मिली क्योंकि ऑपरच्युनिटी नहीं मिली तो भगवान नहीं याद आयेंगे याद आएगा कि हमने अपनी आवाज उठाई क्यों नहीं, रही बात गली की तो हम सब पम साहब को देख कर ही सिख रहे है।
🚨 कुमार विश्वास का करारा जवाब:
“अगर 76 साल के प्रधानमंत्री को गाली देने से तुम्हें कूल लगता है, तो दे दो। उन्होंने माफ भी कर दिया। लेकिन असली दुनिया की गर्मी में आओ।
5-6 ���ाल बाद जब नौकरी ढूंढोगे, घर का खर्च संभालोगे, ऑल्टो लेनी है या सेडान — तब घर के हर भगवान याद आएंगे।
‘हे हनुमान जी, रहम करो। हे मारुति ��ंदन, बचा लो।’”
आज तक के इस क्लिप में युवाओं पर ये बात खासी तीखी लग रही है।
बेशर्मो कुछ तो शर्म कर लीजिए..
आपका नेता 'राहुल गाँधी' 100 चुनाव हार गया है
उधर 'मोदी जी' अपनी ज़िंदगी में एक भी चुनाव नहीं हारे है और तुम लोग Vibe के ट्वीटस कर रहे हो। 😂
🤡 राहुल गांधी: “मेक इन इंडिया हो ही नहीं सकता।”
🤡 पी. चिदंबरम: “इंटरनेट के बिना UPI कैसे काम करेगा?”
🤡 ध्रुव राठी: “हर किसी के पास कार नहीं है, तो हमें हाईवे की जरूरत ही क्यों है?”
🤡 रघुराम राजन: “भारत सुपरपावर क्यों बनना चाहता है? जब सेमीकंडक्टर चिप्स आसानी से तस्करी करके लाई जा सकती हैं, तो भारत इन्हें क्यों बनाए?”
🤡 कन्हैया कुमार: “सड़कें पानी चोरी करने के लिए बनाई जा रही हैं।”
🤡 रवीश: “मेरठ से प्रयागराज 6 घंटे में? गंगा एक्सप्रेसवे ने 5 घंटे बचा लिए। लेकिन जल्दी पहुँचकर हम करेंगे क्या?”
#नाराज़_फूफा_सिंड्रोम 🤡
��ाहुल गांधी क्या करते हैं और क्या कहते हैं,
इसके लिए वह स्वयं अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल चुके हैं।
”जो तुम्हें दिख रहा है ना, वो मैं नहीं हूं”।
वो राहुल गांधी नहीं है।
एक पुराना गीत था,
“मुझे दुनिया वालों, शराबी ना समझो,
पीता नहीं हूं, पिलाई गई है।
जिधर बेखुदी में, कदम लड़खड़ाएं,
वही राह मुझे दिखाई गई है।”
मुझे दुनिया वालों, राहुल ना समझो।
कहता नहीं हूं, बताई गई है।
भारत में जिससे अराज���ता फैले,
वही स्क्रिप्ट मुझको, लिखाई गई है।
Base year बदलने से पुर���ने वर्षों की Nominal GDP केवल कीमतों के कारण नहीं बदलती, क्योंकि इसकी गणना प्रत्येक वर्ष की प्रचलित कीमतों पर की जाती है।
लेकिन base year बदलते समय नए surveys, बेहतर GST और company records, बेहतर economic coverage, updated ratios, अधिक व्यापक data तथा duplication हटाने जैसी उन्नत पद्धतियां अपनाई जाती हैं।
इन सुधारों के कारण पुराने वर्षों की Nominal GDP के अनुमानों को भी संशोधित किया जाता है।
#GDPQ1_7point8
We never expect from you, now I got it, you teachbyour student half truth...on what basis did you reduce 86 to 80, we are still waiting for answer, और चाचा नाराज फूफा जो है न घर बर्बाद कर देता है, ये फुआ से होकर अगर घर मैं दादा न हो और बाप बड़ा हो तो फिर उसको कोई बचा न सकता।
📢 जनहित में सूचना:
देश की GDP को घटाकर दिखाने वाल�� समस्त नाराज़ फूफाओं से सावधान!
प्रमुख लक्षण: आँकड़े अलग-अलग पैमानों के, निष्कर्ष हमेशा मनमाने!
#NarazFufa
Why are you so selective, why don't you do this for goverment, belive me you don't need to search for anything you will get all slogans from goverment tht could not get delivered
RAHUL, ITS DONE BRO 🥺
We’ve started our new initiative where we’ll fact check your every claim, right from the beginning of your political journey.
22 years of speeches, interviews, rallies and claims. Let’s fact check it all 🫵🏻
क्या मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अब इतना बड़ा अपराध हो गया है कि पत्रकार को पुलिस बेरहमी से पीटेगी?
आज दिल्ली में 4PM की पत्रकार शाहीन के साथ जो हुआ, वह बेहद गंभीर और डराने वाला है.
शाहीन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने की कोशिश कर रही थीं. शाहीन का आरोप है कि इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और मारते-पीटते थाने ले गई. उनका यह भी आरोप है कि जब पुलिसकर्मियों ने उनका नाम पूछा और नाम में ‘खान’ सुना, तो उनके साथ मारपीट और बढ़ गई.
अगर एक पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीटा जाता है क्योंकि वह मुख्यमंत्री से सवाल पूछ रही है, तो यह मामला सिर्फ शाहीन ��ा 4PM का नहीं है. यह देश की पूरी पत्रकारिता और प्रेस की आजादी का सवाल है.
पिछले दिनों 4PM ने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जुड़े मामलों पर लगातार गंभीर सवाल उठाए और खबरें प्रकाशित की थीं. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या आज की कार्रवाई का उन खबरों और सवालों से कोई संबंध है?
मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अपराध कब से हो गया?
पत्रकार का सवाल सत्ता के लिए इतना खतरनाक कब से हो गया?
और ��िसी पत्रकार के नाम में ‘खान’ होना क्या उसके साथ मारपीट की वजह बन सकता है?
दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए.
हम मांग करते हैं कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो. घटनास्थल और थाने के CCTV सहित उपलब्ध सभी वीडियो फुटेज तत्काल सुरक्षित किए जाएं. यदि किसी पुलिसकर्मी ने शाहीन के साथ मारपीट या उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर दुर्व्यवहार किया है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
4PM सवाल पूछता रहा है और सवाल पूछता रहेगा.
पुलिस की ताकत से पत्रकार की आवाज दबाई नहीं जा सकती.
#Shaheen #PressFreedom #DelhiPolice #RekhaGupta #4PMNews #JournalismIsNotACrime
@GouravVallabh Why don't you make this transperent, how much changes and how, what the area you considered to reach this figure, ita in your hand to reach even 10% gdp growth with out doing anything if need to declare only on paper..
कांग्रेस के कार्यकर्ता जिस व्यक्ति की बुरी तरह से पिटाई कर रहे हैं यह व्यक्ति कोई मामूली व्यक्ति नहीं है
यह व्यक्ति पूर्व आईपीएस रह चुका है और दलित है
इनका नाम मदन गोपाल मेघवाल है
यह बीकानेर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनके ऊपर टिकट बेचने का आरोप लगाकर उनकी बुरी तरह से पिटाई कर दी
अब राहुल गांधी अपने पार्टी के दलित नेता की इस पिटाई पर कुछ नहीं बोलेगा जबकि यह व्यक्ति आईपीएस अधिकारी रह चुका है
यह होती है कांग्रेस में दलितों की इज्जत
मतलब आप मान के बैठे है कि सबसे समझदार आप ही है बाकी सब अनपढ़ बेकार है, ये तो आपका काम के एरिया भी नहीं है, लेकिन सही है बीजेपी सरकार मै सब को अपना काम छोड़ के बाकी सब का काम आता है।।।