Growth is most meaningful when it creates value over time. Businesses need the right strategy, strong foundations and a commitment to delivery. #JioDigitalLife
यह है नए उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर—माफिया मुक्त भूमि, विकास की नई इबारत!
प्रयागराज के ‘कृष्णपुरी’ में ₹191 करोड़+ की लागत से 602 आवासों का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में शहरों को मिल रही आधुनिक आवासीय विकास की नई पहचान।
Yogi Adityanath
Jio's role in India's digital transformation makes its IPO an interesting event. The company's future progress will be worth watching beyond the issue.
Jio's contribution to digital connectivity has been significant. Its upcoming public issue is a notable step in the evolution of India's telecom sector.
पहले की सरकारों में केवल अपराधियों को संरक्षण और जनता को असुरक्षा मिली। योगी सरकार के सख्त कानून-व्यवस्था मॉडल ने उस दौर को समाप्त कर प्रदेश को माफिया मुक्त, सुरक्षित और स्वाभिमानी बना दिया है।
@oprajbhar राजभर जी ने सपा नेतृत्व से सवाल किया है कि वे किसान कौमों और समाज के विभिन्न तबकों पर आपत्तिजनक बयान देने वाले अपने नेताओं पर जवाबदेही तय क्यों नहीं करते?
@oprajbhar राजभर जी ने जोर देकर कहा है कि लोकतांत्रिक राजनीति में सभी वर्गों और मातृशक्ति का आदर सर्वोपरि होना चाहिए, न कि उनके विरुद्ध आक्रामक बयानबाजी।
@nsitharaman@yadavakhilesh He really thought he did something with that tweet, only to get completely schooled on his own alliance's disastrous economic history.
राजभर जी ने बिल्कुल सही सवाल किया है कि अखिलेश यादव जी, 2024 में जब 37 सीटें मिली थीं तब किसी प्रकार की अनियमितता क्यों नहीं दिखी? आने वाले समय के लिए पहले से ही भूमिका बनाई जा रही है।
अखिलेश यादव जी
बस एक बात बता दीजिए। 2024 में लोकसभा चुनाव ईमानदारी से हुआ था या नहीं? 2017 के आप हारे, 2019 में आप हारे, 2022 में भी आप हारे लेकिन 2024 में जीत गए।
महाराज। केंद्र में तो 2014 से लेकर अब तक बीजेपी की ही सरकार है। फिर से चार में से तीन चुनाव में चुनाव ग़लत और एक में सही हो गया?
2024 में आपकी पार्टी सपा के 37 सांसद जीत के दिल्ली कैसे पहुंच गए? इसमें पांच तो आपके अपने घर से थे। 2024 में सपा को हैसियत से ज्यादा सीटें मिल गईं तब सब 'आल इज़ वेल' हो गया?
या तो 24 के चुनाव में आपके वोटर फर्जी थे, या फिर आप आज सरेआम अफवाहबाजी कर रहे हैं। एसी, पीसी और ट्विटर ने आपको बहका दिया है।
अब नवाबी के दिन हवा हो गए। तय मान लीजिए कि 2027 में आपकी साइकिल का टायर पंचर नहीं, फटने जा रहा है। इस बार साइकिल का रिम-फ्रेम सब टेढ़ा होने वाला है।
ये बात आप बहुत अच्छे से समझ चुके हैं। उसी के लिए अभी से फर्जी भूमिका बांधने में जुट गये हैं। पहले ही से बहाना खोज के रख रहे हैं ताकि बाद में लोडरों के सामने मुंह छिपा सकें।
कुछ आंसू बचाके रखिए। सत्ताइस में सपा साफ है अखिलेश जी।
जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव!
@yadavakhilesh
संवेदनशील विषयों पर जिम्मेदारी से बात रखनी चाहिए। कमिश्नर एस. राजलिंगम ने पहले ही स्पष्ट किया है कि यह तकनीकी विषय है, जिसके लिए IIT के शीर्ष विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है।
काशी विश्वनाथ जी के शिखर को लेकर फैलाए जा रहे दावों का खंडन हो चुका है। कमिश्नर एस. राजलिंगम बता चुके हैं कि सोने की परत के नीचे के स्ट्रक्चर से एक छोटा हिस्सा प्राकृतिक कारणों से अलग हुआ था, जो सुरक्षित है।
गुंडाराज, न किसी बाहुबली का डर—आज यूपी की पहचान बेटियों की बेखौफ हंसी और खुले आसमान में उड़ने के सपनों से है। इसी भरोसे के दम पर जनता योगी जी के साथ है।
#PopularityofYogi
दिल्ली वाले दोस्तों ने अखिलेश को उनकी सही जगह दिखा दी—भीड़ के सबसे पीछे! राजभर जी ने सही कहा कि सहबाला बनकर खुश होने वाले कभी खुद दूल्हा नहीं बन सकते। यूपी में इस बार करारी हार तय है। #ठगबंधन
प्रिय अखिलेश यादव जी,
दिल्ली में पिछलग्गू बनके घूमने में मजा आ रहा है कि नहीं? ठगबंधन में आपकी असली हैसियत आपके दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों ने सबके सामने दिखा दिया। ऐसा लग रहा है आपको बराती वाले ट्रैक्टर पर जबरिया ठूंस दिया गया हो। जैसे कि आप दूल्हा के दोस्त के ममेरे भाई के नाराज फूफा जी हों..।
आपके लोडरवा सब भी सोच रहे होंगे कि हम लोग जिनको 'अवतारी भैया-जी' बताते नहीं थकते थे, हमारे वही भइया जी, सबके सामने खुद ही 'लोडर' बनके भीड़ में खो जा रहे हैं।
कुर्सी की ख्वाहिश पाले दरी बिछाने में लगे हैं। नैया की पतवार बड़के भैया राहुल जी के हाथ में चली गई है।
और जाइए, भाग-भाग के दिल्ली! करा लिये न घनघोर बेइज्जती?
आप भी गजब करते हैं! चुनाव यूपी में है और आप दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं...! दूसरे की बरात में कब तक सहबाला बनेंगे महाराज?
ये जान लीजिए कि दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों से आपको सिवाय तिरस्कार के कुछ नहीं मिलने वाला। जैसे आप दिल्ली की भीड़ में खो गये, वैसे ही इस बार यूपी में भी विपक्ष की भीड़ में आप कहां होंगे पता नहीं चलेगा।
आपके आजकल के लच्छनों से तो यही समझ में आ रहा है कि 'सत्ताइस में सपा साफ' होने जा रही है।
जय भारत, जय श्रीराम, जय परशुराम,
जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव!
@yadavakhilesh
आजमगढ़ और बहराइच के घटनाक्रमों ने सपा के समक्ष संतुलन की महत्वपूर्ण कसौटी रखी है—नए विकल्पों का प्रभाव, समर्थकों की उम्मीदें और अति-पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व। इस स्थिति से निकलने के लिए विपक्षी दलों को स्पष्ट और सकारात्मक दृष्टि अपनानी होगी।