@talk2anuradha He is becoming “new Kejriwal” with fix setting with BJP.
After Ministry reshuffle ( very soon Dharmendra pradhan transfer ) he will claim win and it will be highlighted and echoed by all media channels.
It is a strategy to divide opposition.
महाराष्ट्र के लोगों का जमीर मर गया है क्या ? वैसे तो बड़ी बड़ी हांकते हो भाषा के नाम पर।
अब जब तुम्हारे लिय एक व्यक्ति लड़ रहा है तो उसके समर्थन में क्यों आ रहे हो ?
देखो कैसे भाजपा की सरकार एक ईमानदार व्यक्ति को परेशान कर रही है? शर्मनाक है ये।
Everyone gave Chirag Paswan the benefit of the doubt and supported him.
He has now shown himself to be just another politician shamelessly exploiting caste for votes.
बड़ी खबर-
कानून और संविधान को रौंदकर सत्ता की नज़रों में चमकने के लिए बेकरार इंदिरापुरम का ACP सूर्यबली मौर्या बुरी तरह फँसा।
दिल्ली के पूर्व मेयर फरहाद सूरी ने सारे सबूतों के साथ सुप्रीम कोर्ट में रिट की।
राम मंदिर ख़ुलासे से बौखलाई योगी आदित्यनाथ की सरकार को प्रसन्न करने की खातिर,
मुझे एक ‘प्लांटेड’ केस में किसी भी क़ीमत पर गिरफ्तार करने को बेकरार इस ACP ने,
बिना सर्च वारंट के ही ग़ाज़ियाबाद से दिल्ली जाकर,
5 सब इंस्पेक्टरों, भारी पुलिस बल व 15-16 गाड़ियों के साथ रेड की।
पहले रेड मारी। रेड के क़रीब 25 मिनट बाद दिल्ली पुलिस के रजिस्टर में आमद दर्ज की।
यानि सत्ता के गुरूर में दिल्ली पुलिस को आमद दर्ज कराए बगैर ही रेड कर दी।
रेड के दौरान जमकर तांडव किया। यहां तक कि याची के जान-माल को खतरे में डालने की कोशिश की।
फरहाद सूरी ने अपनी रिट में दिल्ली के निज़ामुद्दीन थाने के आमद रजिस्टर का पन्ना भी अटैच किया।
ग़ाज़ियाबाद पुलिस के पांचों सब इंस्पेक्टरों के नाम सामने आए।
फरहाद सूरी ने साथ ही दिल्ली के पुलिस कमिश्नर का acknowledgement भी अटैच किया है।
ग़ाज़ियाबाद के इंदिरापुरम थाने का ACP सूर्यबली मौर्या मुझे गिरफ़्तार करने की खातिर कानून और संविधान की सारी सीमाएं तोड़ता गया,
और आखिर में बुरी तरह फँस गया।
सारे सबूत मय टाइमलाइन के सुप्रीम अदालत के सामने हैं।
फरहाद सूरी ने अपनी याचिका में इस ACP के साथ ही ग़ाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नर, यूपी डीजीपी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को भी पार्टी बनाया है।
ग़ाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर नियम-कायदों व संविधान को लगातार ताक पर रखती पुलिस को अपनी एक-एक हरकत का जवाबदेह होना पड़ेगा।
योगी आदित्यनाथ की नज़रों में चमक कर पोस्टिंग, प्रमोशन और सम्मान की भूख में संविधान की हत्या को उतारू पुलिस को,
संविधान की किताब ही अंजाम तक पहुँचाएगी।
अब सामान्य सीटों पर भी OBC उम्मीदवार खड़े कर रहे हैं!
चलो ठीक है, लेकिन फिर सामान्य वर्ग को हिंदू एकता का चूरन मत चाटने बोलिये!
और जो अनारक्षित सीट से जाते हैं, वो अनारक्षित वर्ग का representation क्यों नहीं कर रहे?
आज सामान्य वर्ग का representation कहाँ है, कौन सी policy उनके लिए बन रही है?
@sanjayjourno@HarishD_BJP पत्रकार का सवाल- बीकानेर नगर निगम चुनाव में भाजपा ने सामान्य सीटों पर लगभग दो दर्जन ओबीसी उम्मीदवार उतारे है,
क्या भाजपा के पास सामान्य वर्ग के उम्मीदवार नहीं थे ?
भाजपा ने मेघवाल व OBC नेताओं के सामने सरेंडर कर रखा है। ब्राह्मण व बनिया सलाहकारो को साइडलाइन कर दिया गया है।
@Subhashgarg1960 It’s not easy to counter govt claim. As govt powered with machinery, media houses, money, ministers,
etc etc.
I appreciate your attitude during debates. Cool, smiling face but firm backed with Data.
Many things to learn from you.
बहुत बड़ी ख़बर-
मुझे तलाशने के लिए दिल्ली के पूर्व मेयर फरहाद सूरी के घर घुस गई थी गाजियाबाद पुलिस।
फरहाद सूरी के घर जमकर बवाल काटा गाजियाबाद पुलिस ने।
फरहाद सूरी ने गाजियाबाद पुलिस के खिलाफ एफआईआर के लिए दिल्ली पुलिस को तहरीर दी।
फरहाद सूरी ने पूरा कहानी आजतक के दिल्ली चैनल 'दिल्ली आजतक' पर बयां की है।
साथ में प्रमाण के तौर पर उस रात का वीडियो भी डाला है।
आप इस कहानी को सुनेंगे तो दंग रह जाएंगे।
ये कहानी 22-23 अगस्त की दरम्यानी रात की है।
फरहाद सूरी के बनाए उस रात के इस वीडियो में गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने का ACP सूर्यबली मौर्या साफ तौर पर पुलिस टीम को लीड करता साफ दिख रहा है।
ये वही सूर्यबली मौर्या है,
जिसने मेरे घर रात के करीब 11 बजे दर्जन भर पुलिस वाले भेज दिए थे और अगले दिन बिना नोटिस मेरी कार उठवा ली।
योगी आदित्यनाथ की नज़रों में आने के लिए ये इस कदर बेचैन था,
कि किसी भी कीमत पर मुझे गिरफ्तार करने की खातिर सारे नियम कानून तोड़ता गया।
फरहाद सूरी बताते हैं कि इसने उस रात उन्हें भी गुमराह किया।
उनसे बोला कि हम डबल मर्डर के आरोपी को तलाशने आए हैं।
जबकि निजामुद्दीन थाने की आमद में साफ तौर पर दर्ज था कि ये मेरे मामले में आया हुआ है।
फरहाद सूरी बताते हैं कि इस आदमी ने निजामुद्दीन थाने के SHO तक को गुमराह किया।
एंट्री में कुछ और लिखा और उनको बताया कि ये डबल मर्डर के आरोपी को तलाशने आया है।
फरहाद सूरी के मुताबिक इस वीडियो में यूपी के करीब 6 जिलों की पुलिस दिख रही थी।
इसमें नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, बरेली और मुजफ्फरनगर पुलिस की गाडि़यां शामिल थीं।
ये सबकी सब मेरी तलाश में दिल्ली में छापा मारने आईं थीं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के खुलासे से बौखलाए योगी आदित्यनाथ को एक रोड रेज़ के फर्जी मामले में,
जिसका मेरे लाख मांगने पर भी गाजियाबाद पुलिस आज तक सीसीटीवी जारी नहीं कर सकी है,
किसी भी सूरत में मेरी गिरफ्तारी चाहिए थी।
मगर वो अंग्रेजी की मशहूर कहावत है न कि Man proposes God disposes
सो ‘कथित’ रोड रेज के मामले में,
X के कैलीफोर्निया दफ्तर को मेरे मोबाइल की लोकेशन, लॉग्स, मोबाइल का IMEI नंबर पता करने के लिए 'Most important' चिट्ठी लिखने वाली यूपी पुलिस ने,
उस रोज़ मुझे गिरफ्तार करने के लिए पूरी ताकत लगा दी।
फरहाद सूरी बताते हैं कि ये ACP छह जिलों की पुलिस साथ लेकर गिरफ्तार करने दिल्ली पहुंचा था।
अब आप खुद सोचिए,
कि इस दौर में यूपी पुलिस किस तरह से योगी आदित्यनाथ की प्राइवेट आर्मी में तब्दील हो चुकी है,
जो उनके खिलाफ लिखने बोलने वालों का मुंह बंद करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
ये तो मेरे गुरुदेव आचार्य श्रीराम शर्मा का साक्षात आशीर्वाद है कि संविधान की हत्या करके व्यक्तिगत दुश्मनी निकालती इस मदाक्रांत सत्ता की सारी चालें फेल हो गईं।
संविधान की हत्या पर उतारू बड़ी से बड़ी सत्ता का एक रोज़ महापतन हुआ है।
वक्त सबका आएगा। प्रतीक्षा कीजिए।
@DelhiPolice@ghaziabadpolice@Uppolice@dgpup
प्रिय ग़ाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नर महोदय,
मैंने BNS Section 248 के तहत झूठी एफआईआर, Criminal trespass , Criminal conspiracy/abetment, fabrication/ manipulation of evidence, समेत कई गंभीर धाराओं में,
आपके व आपके अधीनस्थ ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के लिए तहरीर दे दी है।
मुझे उम्मीद है कि आप कानून व संविधान के दायरे में एफआईआर लिखकर मुझे शीघ्रातिशीघ्र सूचित करेंगे।
सादर
अभिषेक
@ghaziabadpolice@dgpup@Uppolice@myogiadityanath
@ThusSpokeDharma अभी given पाइंट्स sufficient है।
मेक स्योर करे की ज़्यादा विचारो से भटकाव ना हो !
एकता बने, ज़्यादा लोग जुड़े।
संगठन का मेसेज गाँव गाँव तक पहुँचे
हर ह्वाट्सऐप ग्रुप पे परिवार में डिस्कशन का हिसा हो।
कॉलेज यूनिवर्सिटी में डिबेट चालू हो।
इसको करने से आंदोलन मजबूत होगा।
@ThusSpokeDharma Need to outreach to more organisations.
1) सेंकड़ो ब्राह्मण संगठन जैसे विप्र इत्यादि।
२) सेंकड़ो माहेश्वरी, अग्रवाल बनिया संगठन
३) हजारों युवा या महिला संगठन
४) जिला स्तर पे, गाँव, शहर स्तर पे संगठन, इत्यादि!
किसान छोटा कर्ज़ न चुका पाए तो नाम और पोस्टर लगाकर बदनाम किया जाता है, वहीं ₹100 करोड़ से ऊपर के लोन डिफॉल्टरों के नाम ‘privacy’ के नाम पर छिपाए जा रहे हैं।
बात सिर्फ़ सुभाष चंद्रा के ₹22,000 करोड़ के कर्ज़ को ₹6.5 करोड़ में निपटाने की नहीं है। जिनका हिसाब हमें मिलना चाहिए, वही खबर गायब है।
#LoanWriteOff #HairCut