सूचना छुपाने में BPSC का तो ये हाल है कि अपनी Annual Report तक नहीं डालते, कुछ साल पहले तक BPSC से जुड़े मुकदमों की सूची भी थी वो भी अब दिख नहीं रही, इनके चाय नाश्ते और यात्राओं का खर्च तो कभी public domain में आया ही नहीं, BPSC से अपील है कि RTI की धारा 4(1) (b) के अंतर्गत आने वाली सारी सूचना सार्वजनिक किया जाए,केवल सफल छात्रों से video डलवाकर अपनी महानता का प्रचार ना करें.....
माननीय मुख्यमंत्री जी सादर निवेदन है कि 70 वीं BPSC के ongoing training को माननीय उच्च न्यायालय के जज द्वारा होने वाले जाँच की विषयवस्तु होने के कारण तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए, जाँच और ट्रेनिंग साथ साथ नहीं चल सकती साथ ही जाँच के terms and refrence में CBI की मदद ली जाए ताकि OSM के तकनीकी logs को जाँचा जाए एवम 67 वीं Mains की तरह candidates के copy के content एवम handwritigs को भी देखा जाए....
यें महज संयोग हैं या प्रयोग,कल ही इस मुद्दे को लोग उठा रहा था और आज splashgain के वेबसाइट से Bpsc का logo हटा दिया गया हैं❗
आखिर Bpsc अपने वेबसाइट पर टेंडर और एजेंसी की जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं करती हैं,आखिर ऐसी भी क्या मज़बूरी हैं Bpsc की जो वो बिहार के छात्रों को यें नहीं बता रहीं हैं कि किस किस एजेंसी की परीक्षा सम्पन कराने में कितनी भूमिका हैं❗
पुरे देश नें AEDO की परीक्षा में एजेंसी की भूमिका को देख लिया हैं उधर बगल के ही राज्य झारखंड में भी Tdpl एजेंसी की भूमिका को पुरे देश नें देखा हैं। अभी तो यहीं देखने को मिल रहा हैं कि जिस भी परीक्षा में धांधली की शिकायत मिलती हैं, जाँच होने पर सीधे रूप से एजेंसी की मिलीभगत दिख रहीं हैं। ऐसे में कोई आयोग जो टेंडर और एजेंसी को गोपनीय रख रहा हैं तो यें बहुत गंभीर मसला हैं❗
कहाँ तो Bpsc सफल छात्रों से PR करवा कर, सरकारी विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफार्म से PR करवा के दुनिया में ढ़ोल बजा बजा के बता रहीं हैं कि मैं निष्पक्ष हूँ, मैं ईमानदारी से अपना काम करता हूँ, मेरी प्रक्रिया बेहद निष्पक्ष और पारदर्शी हैं❗
हमारे बुजुर्ग एक कहावत कहते थे कि चोर बोले जोर से, यें कहावत आज Bpsc जैसे संस्थान पर सटीक बैठ रहीं हैं, Bpsc जैसे संस्थान को PR करने का नौबत आ जाये तो छात्र यें समझ लें कि तुम्हारा संस्थान खतरे में हैं लाडले❗
#70thbpsc_रद्द_करो
मीडिया में छपी खबर है अंकित कुमार की।
लेकिन कुछ लोगों को चुलबुली मची रहती है। भाई अंकित मेंस दे रहा , मेंटली परेशान हो सकता है। यदि वाकई मे अंकित मेहनती व मेघावी है तो परीक्षा खत्म होते मानहानि का नोटिस लिए पेपर वाले के ऑफिस चल जाए और विडियो बनाकर डाल दे।
ये सब के सब इतने नालायक और निकम्मे हैं कि,
>पहले तो इनके राज में पेपर पर पेपर लीक होगा
>उसके बाद छात्र आंदोलन करेंगे
>फिर आंदोलन के बीच में ही नीति बना देंगे
>छात्र सहयोग शिविर
>छात्र मिलन समारोह
>हर हाथ नौकरी
फिर आंदोलन के बीच में ही छात्रों की कुटाई करवा देंगे,
अरे नालायकों कुछ काम भी कर लो।
हमारी कॉपियां भी इसी तरह सबके सामने लाओ @BPSCOffice और दिखाओ कि हमने क्या लिखा है और टॉपरों ने क्या लिखा है! यह भी साफ हो कि हमने कितने पेज छोड़े हैं। हमारी कॉपियां दबाकर क्या उस पर भुंजा खा रहे हो या उन्हें कबाड़ी में बेच दिया है? हमारी कॉपियां कब दिखाओगे—ट्रेनिंग खत्म होने के बाद?
#70thBPSC #BPSC_Scam #BiharStudentProtest
मुख्यमंत्री जी आखिर क्या बात हैं कि आपका सारा सरकारी तंत्र,सरकारी विभाग आयोग का #PR कर रहा हैं,आयोग सफल छात्रों से वीडियो बनवा कर सरकारी विभाग के X हैंडल से अपलोड करवा रहा हैं।
आखिर आयोग को यें बताने की जरुरत क्यों पड़ रहीं हैं कि आयोग चोर नहीं हैं,#आयोग ईमानदार हैं जब से होश संभाला हूँ या यूँ कहूँ कि इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा हैं कि किसी आयोग को यें बताने कि जरुरत पड़ रहीं हैं कि आयोग #निष्पक्ष हैं, आयोग ईमानदार हैं और अपने इस बात को प्रामाणिक करने के लिये वो लगातार बच्चों से PR करा रहा हैं और #सरकारी विभाग के सोशल मीडिया हैंडल से वीडियो अपलोड करवा रहा हैं।
मुख्यमंत्री महोदय आयोग के इस हरकत से यें सिद्ध हो रहा हैं कि #70thBpsc की इस बहाली में जमकर धांधली हुई जमकर भ्रस्टाचार हुआ हैं,इस धांधली में सरकार के भी लोग शामिल हैं।
मुख्यमंत्री जी इस विवादित बहाली की #निष्पक्ष जाँच कराये, दोषियों को सलाखों के पीछे पहुचाये एवं #70thBpsc की इस विवादित भर्ती को रद्द करें।
#70thBPSC_रद्द_करो
तू इधर-उधर की ना बात कर यें बता कि #काफिला कैसे लूटा?
क्या बोले हो,हाथी चले बाजार कुत्ता भौके हजार, मतलब आयोग को हाथी क़ी संज्ञा दिये हो और आयोग से प्रश्न पूछने वाला #बिहारी छात्र को कुत्ता क़ी संज्ञा दिये हो,यें मत भूलो बबुआ कि यें बिहार की धरती हैं,यहाँ #खुट्टा में जोड़कर भी मारा जाता हैं😂
संवैधानिक पदों पर बैठे हो और आयोग से प्रश्न पूछने वालों छात्रों के लिये #अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हो, शर्म करों।
रैंक-3 की Gs-2 की कॉपी को धयान से पढ़ो और देखो उसने अपने कॉपी में कितनी त्रुटि हैं कितने प्रश्नों के जवाब में #गलत डाटा का प्रयोग किया हैं, कितने प्रश्नों के परिभाषा को गलत परिभाषित किया हैं जरा इसपे भी गौर करों कि तुम्हारे विषय विशेषज्ञ नें कौन सा सस्ता #नशा कर के कॉपी की जाँच की हैं,इतने त्रुटि के वाबजूद भी वो रैंक,-3 आया हैं।
मुद्दा यें नहीं हैं कि प्रश्न छोडा गया,कॉपी खाली छोडी गई, मुद्दा यें हैं कि जब प्रश्न छोड़ने वाला,पेज खाली छोड़ने वाला रैंक-3 आया हैं,एक लड़की जो अंडर 10 रैंक लायी थी वो एक वीडियो में बता रहीं थी कि वो यें रैंक एक्सपेक्ट नहीं कर रहीं थी क्योंकि उसने एक पूरा का पूरा DI के प्रश्न को बनाई ही नहीं थीं,उसके अगले घंटे चैनल से उस वीडियो को डिलीट कर दिया गया।
ऐसे कितने छात्र हैं जिसने एक भी प्रश्न नहीं छोड़ा,एक भी खाली पेज ना छोड़ा और तो और rank-3 से बेहतर कंटेंट भी लिखा वो सफल तक नहीं हो पाया।आज वहीं लोग आवाज़ उठा रहें हैं।
अंत में यहीं कहूँगा कि आप भले #प्रतिष्ठित व्यक्ति हो ना हो लेकिन जिस आयोग से आपकी पहचान हैं वो प्रतिष्ठित संस्थान हैं, अपनी नहीं तो कम से कम संस्थान की #गरिमा का ख्याल रखिये।
#70thBpscScam
BPSC एक्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश सिंह छात्रों के विषय में कह रहे हैं “ हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हज़ार”
क्या ये छात्रों को कुत्ते की संज्ञा दे रहे हैं???
अभी छात्र कोई अलंकार इस्तेमाल करने लगेंगे तो कोतवाल को फ़ोन करके FIR करवाने लगोगे!
आयोग का काम यह तो बिल्कुल नहीं है कि वह किसी एक चुनिंदा सवाल & कॉपी को लेकर बैठ जाए और उस पर सफाई देने लगे।
इसे ही कहते हैं 'मुँह में राम, बगल में छुरी' और
'हाथी के दाँत खाने के और, दिखाने के और'!
जब आपके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और व्यवस्था इतनी ही साफ है, तो एक कॉपी का नाटक करने के बजाय मेन्स के सभी 20000 छात्रों की कॉपियाँ लाइव क्यों नहीं कर देते?
एक कॉपी लेकर बैठकर स्पष्टीकरण देना ही आपकी घबराहट और महाघोटाले को बयां करता है।
'चोरी और ऊपर से सीनाज़ोरी' का यह खेल अब बिहार का युवा बर्दाश्त नहीं करेगा।
कल 25 अगस्त (सुबह 10 बजे) गांधी मैदान गेट नंबर 10 से राजभवन तक होने वाले महा-मार्च में पूरा बिहार इस ढोंग का पर्दाफाश करने और अपना हक छीनने आ रहा है! ✊🔥👊#70thBPSC_रद्द_करो #70thBPSC #BPSCScam #RajbhavanMarch #JusticeForBPSCStudents
70वीं BPSC परीक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ सिर्फ इस्तीफों से खानापूर्ति मंजूर नहीं है। इस परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए और
परमार रवि मनु भाई,
सत्य प्रकाश और
राजेश कुमार
पर दर्ज सभी मामलों व उनकी संपत्तियों की निष्पक्ष, उच्च-स्तरीय जांच हो। जब तक पूरे घोटाले का जड़ से पर्दाफाश कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक युवाओं का आक्रोश शांत नहीं होगा;
छात्रों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पारदर्शी न्याय चाहिए।
Bpsc अपने ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग कराने वाले एजेंसी को ऐसे छुपा रहा हैं जैसे #फैजल खान अपने दुल्हन का चेहरा छुपा रहा था।
काफ़ी मशक़्क़त के बाद किसी नें खोज निकाला हैं कि #Bpsc नें मेंस की कॉपी की ऑनलाइन जाँच
जिस एजेंसी की मदद से करवाई हैं उस एजेंसी का नाम Splashgain Technology Solution Pvt Ltd हैं।स्प्लैशगेन टेक्नोलॉजी (Splashgain Technology) में #Eklavya कंपनी का एक प्रमुख एआई-संचालित (AI-powered) ऑनलाइन परीक्षा, मूल्यांकन और प्रोक्टोरिंग (proctoring) मंच है।
यहीं #Eklavya हैं जो चीख चीख के कह रहा हैं कि Bpsc भी मेरा क्लाइंट हैं यानि Eklavya,Bpsc को भी अपनी सर्विस प्रोवाइड कराती हैं।
जब आप #Splashgain के Eklavya के बारे में जानने का प्रयास करेंगें तो आपको पता चलेगा कि Splashgain की #Eklavvya परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग उत्तर पुस्तिकाओं (Answer Sheets) की जांच और मूल्यांकन के लिए किया जाता है।
हैंडराइटिंग और डिस्क्रिप्टिव जांच: AI तकनीक हस्तलिखित (handwritten) और टाइप किए गए वर्णनात्मक (descriptive) उत्तरों को स्कैन और OCR (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) के जरिए पढ़कर समझ सकती है और उनका मूल्यांकन कर सकती है।
कंपनी यें भी बता रहीं हैं कि उसका AI खुद कॉपी की जाँच भी करती हैं और जरुरत पड़ने पर असली परीक्षक के मूल्यांकन करने के तरीके से भी तुरंत सीख जाती हैं, और फिर सारी कॉपी का मूल्यांकन Ai खुद करने में सक्षम हैं।
समय की बचत: यह शिक्षकों के मूल्यांकन के समय को काफी हद तक कम करता है और हजारों कॉपियों को बहुत कम समय में जांचने में मदद करता है।
अब आते हैं मुद्दे पर Bpsc तो शुरू से ही इस विवादित #70thBpsc की बहाली को जल्द से जल्द निपटाने के मूड में थीं तो क्या समय की बचत करने के लिये #70thBpsc की मेंस की कॉपी को AI की मदद से तो नहीं जाँचा गया हैं।Bpsc बता रहीं थीं कि विषय विशेषज्ञ के आभाव के चलते Bpsc ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग की पद्धति को चुनी हैं, कहीं यें विषय विशेषज्ञ AI बाबा तो नहीं हैं ना 😂
लगभग हजारों छात्र #Bpsc मेंस की परीक्षा में हुए मूल्यांकन से असंतुष्ट हैं इसकी बानगी आपको आज भी गर्दनीबाग़ में देखने को मिल रहीं। सोशल मीडिया, न्यूज़ मीडिया, प्रिंट मीडिया सब जगह छात्र चीख चीख कर आयोग को बता रहा हैं कि वो लोग मेंस की कॉपी जाँच में हुए #अनियमितता के खिलाफ आज आंदोलन करने को मजबूर हैं।
इस बात में इस दावे में कितनी सच्चाई हैं यें आयोग को खुद सामने आके बताना होगा। आयोग के जवाब का इंतजार रहेगा कि आखिर किस विषय विशेषज्ञ नें छात्रों की कॉपी जाँच की हैं?
#70thBpscScam