संसद भवन दिल्ली में भारी बारिश हो रही है।
सरकार पेपर लीक के पीड़ित छात्रों की पीड़ा को समझ ही नहीं रही है।
सांसद चंद्र शेखर आजाद रावण बारिश में एक छोटे से तंबू में डॉ बाबा साहेब अंबेडकर जी की प्रतिमा के आगे धरने पर बैठे है।
@BhimArmyChief
बारिश की हर बूँद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा।
महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताक़त हैं। जय भीम, जय भारत।
लूदराडा गांव निवासी रमेश पुत्र स्व.धनाराम मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियो में समदड़ी थाना क्षेत्र में हुई मौंत , रमेश के मां बाप की मृत्यू बरसों पहले हो चुकी, बूढे दादा दादी का कमाऊं पूत था
क्या सरकार द���वारा बूढ़े दादा दादी को कोई आर्थिक सहयोग मिला ?
@RajCMO
@RajPoliceHelp
जहाँ संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूँ।
मासूमों पर ह���ए अत्याचार के विरुद्ध अपना कर्तव्य निभा रहा हूँ।
जय भीम, जय भारत।
#संसद_मार्च #जंतर_मंत्र
सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च में देशवासियों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ कुछ लोगों का नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा जनआंदोलन है। उनके अनुसार, यह आज़ादी के बाद का दूसरा बड़ा आंदोलन है, जिसे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सफल बनाना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
#SonamWangchuk #SansadMarch #20July #Delhi #Protest #PeacefulProtest
Neha एक ऐसी लड़की जो दूसरे को न्याय दिलाने के लिए बिना अपनी परवाह किए 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी हैं ,
डॉक्टरों के मुताबिक इन्हें कुछ भी हो सकता है इनकी जान भी जा सकती हैं, ये कोमा में भी जा सकती हैं फिर भी neha लगभग 21 दिन से डटी है। सलाम है इनकी हिम्मत को
इसको बोलते हैँ कांग्रेस का डर बीजेपी के अंदर..
सोनम वांगचुक से मिलने महुआ मोइत्रा गयीं
- कुछ नहीं हुआ
सोनम वांगचुक से मिलने डिम्पल यादव गयीं
-कुछ नहीं हुआ
सोनम वांगचुक से मिलने केजरीवाल गए
-कुछ नहीं हुआ
सोनम वांगचुक से मिलने जैसे ही कांग्रेस MP पवन खेड़ा गए,
अगले ही दिन एक्शन हुआ और जंतर मंतर पर पुलिस ने धावा बोल दिया.
क्योंकि Sonam wangchuk के द्वारा की जा रही Hunger Strike से बीजेपी नहीं डरी
बल्कि कांग्रेस द्वारा सोनम को सपोर्ट किये जाने से तुरंत उनको अन्ना हज़ारे याद आ गए.
सोचो अग�� राहुल गाँधी गए होते तो???