"यहां के वाॅशरूम बंद कर दिये गये हैं। अगर आज रात तक बात नहीं की तो मैं अनशन (भूख हड़ताल) पर चला जाऊंगा। क्योंकि अन्याय सहना मेरे बस की बात नहीं है"
नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद संसद परिसर में जहां आंदोलन कर रहे हैं वहां के वाॅशरूम इस निकम्मी सरकार के द्वारा बंद करवा दिये गये हैं
सरकार ऐसी बचकानी हरकतें न करें, चन्द्रशेखर आजाद इस बहुजन समाज का गौरव हैं। उनकी एक आवाज पर देश की सड़के पैरों से भर जाएंगी। बेहतर होगा कि सरकार छात्रों के साथ वार्ता करे और हमारे नेता चन्द्रशेखर आजाद जी के साथ सम्मान से पेश आए।।
ये शिक्षा का मुद्दा हर वर्ग हर जाती हर देशवासी का है किसी पार्टी विशेष का नहीं है ये आंदोलन पूरे देश के युवाओ का है देश के भविष्य का है सब लोगों को आवाज उठानी चाहिए
प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया नई दिल्ली में मिडिया से तमाम मुद्दों पर बात करते @AzadSamajParty के राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief मा. सांसद ज़ी. 25 जुलाई से देश भर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन.
कोई माने या ना माने लेकिन कल जैसा आंदोलन दिल्ली में पहले कभी नहीं हुआ।
छात्र संसद भवन तक अपनी गूंज छोड़ना चाहते थे और उसमें कामयाब भी हो गए।
हालत इतने खराब हो गए कि संसद भवन के दरवाजे बंद करने पड़े।
#cjp_पार्टी#संसद_मार्च#आंदोलन
दिल्ली पुलिस पेपर लीक कांड पर युवाओं के आक्रोश को दबाने के लिए किस अमानवीय हरकत पर उतर गई थी. लाठियों में ठोकी गई कील उसकी बानगी है. यह किसके आदेश पर हुआ, समझा जा सकता है.
https://t.co/SgynZSjyeM
"यह लड़ाई शुरू आपने की है और ख़त्म हम लोग करेंगे। इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन बनाएंगे"
नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद जी का बड़ा बयान 🚨
सरकार एक बात ध्यान रखे कि यह शख्स संसद में अकेला धरने पर नहीं बैठा है, बल्कि इसके पीछे देश के लाखों करोड़ों लोग भी बैठे हुए हैं। चन्द्रशेखर आजाद जी के आवाहन पर 25 जुलाई को राष्ट्रवादी आंदोलन होगा....!!
आप चंद्रशेखर की बिना सर-पैर की लाख आलोचना करो लेकिन चंद्रशेखर जैसा संघर्ष कहाँ से लाओगे?
बताओ AC वाले नेताओं कहाँ से लाओगे?
ये आदमी अब उन सब नेताओं की वाट लगाएगा जो AC के रूम में आरामदायक गद्दों पर बैठकर सिर्फ तमाशा देखते रहते हैं।
अखिलेश-राहुल सबको सड़क पर ला छोड़ेगा ये आदमी।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोड़ा में किसान मोतीलाल कुशवाहा जी पर गोली चलाने की घटना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।
पीड़ित किसान के अनुसार, कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग और उसके साथियों द्वारा गरीब किसानों की जमीनें हथियाने की शिकायत को लेकर ज्ञापन देने पर उन पर गोली चलाई गई। यह घटना कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51, शालिग्राम गर्ग का नाम पहले भी विवादों में सामने आ चुका है। कुछ समय पूर्व एक दलित परिवार की शादी में उत्पात मचाने और महिलाओं के साथ अभद्रता की घटना प्रमुख हैं। उस मामले की जांच अभी भी जारी है। यदि उस मामले में समय रहते प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर अंकुश लगाया जा सकता था।
हम @MP_MyGov से मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच कराई जाए। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध उसकी सामाजिक, धार्मिक या राजनीतिक पहचान से ऊपर उठकर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
किसी भी किसान को भय, हिंसा या दबाव के बल पर अपनी जमीन छोड़ने के लिए विवश करना अस्वीकार्य है।
हम घायल किसान मोतीलाल कुशवाहा जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं और आशा करते हैं कि उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
लखनऊ के अम्बेडकर नगर, मवैया में दशकों से निवासरत परिवारों के मकानों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तत्काल रोकने एवं मानवीय आधार पर न्यायोचित समाधान सुनिश्चित किए जाने के संबंध में माननीय रेल मंत्री @AshwiniVaishnaw जी को पत्र लिखा।
@RailMinIndia
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए झूठ बोलने की भी एक सीमा होती है। सच्चाई यह है कि 12 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ मैंने खुलकर आवाज़ उठाई थी और भारत सरकार से तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन आपकी पार्टी की केंद्र सरकार तब भी चुप्पी साधे बैठी रही।
इसके बाद 20 दिसंबर 2025 को बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के युवक दीपू चंद्र दास की लिंचिंग और निर्मम हत्या के खिलाफ भी मैंने आवाज़ उठाई तथा भारत सरकार से इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने की अपील की।
इतना ही नहीं, 31 दिसंबर 2025 को मैंने माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी को पत्र लिखकर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ती हिंसा के मुद्दे पर विशेष संसदीय सत्र बुलाने की मांग भी की।
इसके बावजूद फ़रवरी 2026 में जब माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए, तब भी वहाँ धार्मिक अल्पसंख्यकों, जिनमें दलित समुदाय के लोग भी शामिल हैं, पर हो रहे अत्याचार के मुद्दे पर कोई टिप्पणी तक नहीं की। केंद्र सरकार की इस चुप्पी पर आपकी ओर से भी कभी कोई सवाल नहीं उठा, लेकिन आरोप मुझ पर लगाए जा रहे हैं। खैर, जब राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों पर भी आपकी सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी, तो बांग्लादेश में हिंदुओं और विशेषकर दलितों पर हुए अत्याचार के मुद्दे पर आपसे क्या ही उम्मीद की जा सकती हैं।
10, विधानसभा मार्ग, लखनऊ स्थित बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर महासभा एवं अस्थि कलश स्थल को हटाने की बार-बार साजिश रचने वालों को मुझे यह बताने की आवश्यकता नहीं कि अन्याय के खिलाफ कौन खड़ा होता है। मेरा स्पष्ट सिद्धांत है — अत्याचार किसी भी धर्म, जाति या समुदाय के व्यक्ति पर हो, मैं हर हाल में उसके खिलाफ आवाज़ उठाऊँगा।