Meet Rani Mallik..She has literally written all the famous songs of 90's.
But Why did Anu Malik or any other music directors never speak about her till date on any of the reality shows...?
Law Minister Kiren Rijiju is taking 75 judges and senior lawyers on a 6-day holiday trip to London - all at the expense of Indian taxpayers money.
What happened to Modi's call for Indians not to travel abroad?
जिस दौर में बॉलीवुड के महानायक, किंग खान और बड़े बड़े स्टार चूं करने की हिम्मत नही कर पा रहे,
उस दौर में शेखर सुमन लोगों की आवाज उठा रहे हैं !
सलाम है शेखर भाई आपको !
बिना रीढ़ के महानायकों को जनता ने ही स्टार बनाया और आज जनता का दर्द उन्हें दिखाई नही देता !
बेइज्जती में दूसरे को शामिल कर लो तो आधी लगती है।
इंटायर पोलिटिकल साइंस की डिग्री दिल्ली में ढूंढे नहीं मिली, अब पटना में PFC ढूंढ़नी पड़ रही है।
#IndianPolitics
दिल्ली अग्निकांड में लाखों रुपए के गद्दे बिछाकर 8 लोगों की जान बचाने वाले रियाजुद्दीन और अरमान मंसूरी कह रहे हैं कि हमारा जितना नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई हो गई है। इसलिए अब हमारे बैंक खाते में कोई भी व्यक्ति पैसा न डाले।
देश में ऐसे भी लोग होते हैं, जो ईमानदारी की मिसाल कायम करते हैं। वरना बैंक खाते में आया पैसा किसको बुरा लगता है।
आप सिर्फ एक बात बता दो,
कमेटी क्या जांच करेगी?
वीडियो में साफ साफ दिख रहा है कि पुलिस वाले ने मार पीट की है।
और वो आदमी कहां से आपको अराजक तत्व लग रहा है?
अपने बीवी बच्चों के साथ में है,
कहां से वो चेन स्नेचर लग रहा है?
बहाने मत बनाओ, कार्यवाही करो
> No seatbelt - fine
> No helmet - fine
But…
> Potholes on road - No fine
We need a "Public Accountability App" where we can upload photos of potholes, garbage and the officials working in that department should pay a fine.
शर्मनाक ये है कि इस अधिकारी पर कार्रवाई के बजाए, प्रशासन की ये दलील है कि गाड़ी का नंबर प्लेट टूटा था, कागज़ पूरे नहीं थे, रात में आ रहा था ... तो क्या आप उसे मारेंगे? उस अधिकारी से अभीतक सफाई तक नहीं मांगी गई है जो न्यूनतम है @CGPoliceDept@vishnudsai
इस Video को तबतक शेयर करें जबतक ये बत्तमीज़ पुलिस वाला सस्पेंड नहीं हो जाता 😡
धमतेरी में अर्जुनी SHO चंद्रकांत साहू ने रात को मूवी से लौट रहे आदमी को बाइक पर रोक लिया।
पत्नी-बच्चे के साथ था, वीडियो बनाने लगा तो थानेदार ने मारपीट शुरू कर दी।
पब्लिक रिकॉर्डिंग कानूनी है, फिर भी पुलिस वाले ताकत दिखा रहे हैं, कार्रवाई होनी चाहिए।
"एक मर्द को सबसे ज्यादा ठेस तब लगती है जब उसकी पत्नी और बच्चों के सामने उसकी बेइज्जती की जाए।
मध्य प्रदेश में एक व्यक्ति रात 1 बजे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ फिल्म देखकर घर लौट रहा था,
रास्ते में पुलिस ने चेकिंग के दौरान उसे रोका और पूछताछ की,
व्यक्ति ने सबूत के तौर पर फिल्म की टिकट भी दिखाई और बताया कि वह परिवार के साथ मूवी देखकर वापस आ रहा है,
लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मी नहीं माने।उसकी बाइक की चाबी निकाल ली गई और उसके साथ गलत व्यवहार किया गया,
मेरा मानना है कि जब व्यक्ति ने फिल्म की टिकट दिखा दी थी और उसके साथ उसकी पत्नी व बच्चे भी थे, तो पुलिस को उसके साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए था,
पुलिस का काम आम लोगों की सुरक्षा और सहायता करना होता है, न कि उनके साथ दुर्व्यवहार करना।"
रात 1 बजे धमतरी में एक व्यक्ति अपनी पत्नी और छोटी बच्ची के साथ घर लौट रहा था। पुलिस ने बाइक रोकी, चाबी छीनी और वीडियो बनाने पर परिवार के सामने ही उसकी पिटाई कर दी।
वर्दी का अहंकार है ।
ब्रिटिश राज भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन उसकी हुकूमत वाली मानसिकता आज भी देश के कई पुलिस तंत्रों में ज़िंदा दिखाई देती है। नागरिकों को अधिकारों वाले स्वतंत्र नागरिक नहीं, बल्कि हुक्म मानने वाले प्रजा की तरह देखा जाता है।
#amitkilhor #kilhor #chattisgarh
हैलो
माननीय मुख्यमंत्री @vishnudsai जी
ऐसे रोड पर खड़े होकर आम नागरिकों से धन उगाही करने वाले पुलिसकर्मी सिर्फ पुलिस ही नहीं, सरकार की छवि भी खराब करते हैं।
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि छत्तीसगढ़ पुलिस का एक अधिकारी रात में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मूवी देखकर लौट रहे युवक को अंधेरे में रोककर परेशान कर रहा है। युवक का आरोप है कि उसे मारा-पीटा गया और दबाव बनाया गया।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई की जगह पुलिस उसके बचाव में उतरती दिख रही है। आरोप है कि युवक जिस मकान में किराये पर रहता है, उसके मकान मालिक तक पर दबाव बनाया जा रहा है ताकि उसे घर से निकाल दिया जाए।
वीडियो में युवक पुलिस के सामने कहता है कि उसे मुक्के मारे गए। इसके बावजूद कैमरे के सामने ही उसके साथ आक्रामक व्यवहार किया जाता है।
अगर वाकई पुलिस का पक्ष सही है तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लेकिन अगर कोई नागरिक सिर्फ इसलिए संदिग्ध मान लिया जाए कि वह "लोकल नहीं लग रहा था", तो यह बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है। कानून का काम नागरिकों की सुरक्षा करना है, उन्हें डराना नहीं।
@ChhattisgarhCMO@vishnudsai@CGPoliceDept