मैं कांग्रेस पार्टी से विनम्रता और चुनौती के साथ एक सवाल पूछना चाहता हूँ��� उपचुनावों के परिणाम परसों आए हैं।
मात्र एक दिन पूर्व संपन्न उपचुनावों में
- आपके बूथ लेवल एजेंट्स ने मतदाता सूची की जाँच कर हस्ताक्षर किए थे या नहीं?
- पोलिंग एजेंट्स ने चुनावी प्रक्रिया की जाँच कर उसे प्रमाणित किया था या नहीं?
- 45 दिन की समय-सीमा पर हल्ला मचाने वालों के पास अभी 44 दिन बाकी हैं। बताइए, क्या सीसीटीवी फुटेज माँगेंगे या नहीं?
सिलचर नगर निगम में तो बैलेट बॉक्स के ज़रिए भी चुनाव हो गया और उसमें बैलेट डब्बे में भी आपका डिब्बा बज गया। 42 में से 34 सीटें भारतीय जनता पार्टी और एनडीए को मिल गईं।
ये मात्र दो साल पहले कहते थे कि EVM Managed है। कोई भी सामान्य सहज बुद्धि से यह समझ सकता है कि यदि EVM Manage करने का आरोप सही हो तो मतदात��� सूची मैनेज करने की किसी को ज़रूरत ही क्यों होगी। दोनों आरोप एक साथ लगाने वाला वही हो सकता है जिसमे Bare minimum common sense भी ना हो या ‘बाल बुद्धि’ हो या ‘दिमाग़ी नक्सल ‘ हो ।
अतः में ��ांग्रेस से पूछना चाहता हूँ की कांग्रेस तब EVM पर सच बोल नहीं थी या आज SIR पर सच बोल रही है
इसलिए मैं कहना चाहूँगा कि राहुल गांधी न तब सच बोल रहे थे, न आज। तब भी झूठ बोल रहे थे और आज भी झूठ बोल रहे हैं।
Hello @UNHumanRights A woman protester is punched in the face,just 200-300 meters from your own @UN office in New York.
But it’s not India….It’s the USA !
Still waiting for your statement… or does ‘Human Rights’ only matter when the target is India 🤔
कॉकरोच बहुत प्रयास कर रहे हैं देश में फेक नैरेटिव चला कर नेपाल जैसा करवाने का |
लेकिन राष्ट्रवादी पत्रकार इनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंच कर इ���की सिट्टी पिट्टी गायब कर देते हैं संवैधानिक सवाल पूछ कर | 🔥
स्वघोषित कॉकरोच अभिजीत दीपके से जब दिल्ली पुलिस ने बार-बार पूछा कि उनके लिए बस या फ्लाइट करवा दी जाए, वो वापस अपने घर जाएंगे? तो उसने कहा, “I’ll Stay…”
एक बार नहीं, कई बार! सुनिए, और सोचिए.…
अपनी दादी के निधन पर भी जिसने ओछी रा��नीति चुनी हो, वो कैसा आदमी होगा? खैर, एक बात तो तय है, नौटंकी में इसने केजरीवाल को तो पीछे छोड़ ही दिया है!
देश को अराजकता की आग में झोंकने के लिए किसी भी हद तक गिरने को तैयार राहुल गांधी और उनके साथियों के द्वारा आज दिल्ली में सर्वोच्च न्यायालय में जिस प्रकार का अशोभनीय दृश्य दिखाया गया, इसकी भारत के इतिहास में कोई मिसाल नहीं है।
इस प्रकार हुजूम लेकर न्यायालय को प्रभावित करना, आतंकित ���रना, मुझे लगता है कि आज तक कोई नेता प्रतिपक्ष ऐसा नहीं रहा होगा। और उतरकर दूसरी तरफ भागकर, अपने सिक्योरिटी घेरे को ब्रेक करते हुए दूसरे गेट से अंदर जाने का प्रयास, यह दर्शाता है कि या तो वह मानसिक संतुलन खो चुके हैं या संदिग्ध शक्तियों के द्वारा इस सीमा तक संचालित हैं कि वह किसी भी हरकत को तैयार हैं, ताकि भारत की सड़कों पर अव��यवस्था दिख सके।
आज ही केरलम जहाँ कांग्रेस-मुस्लिम लीग गठबंधन की सरकार है, वहाँ कांग्रेस की केरलम इकाई के द्वारा X पर एक अत्यंत निंदनीय पोस्ट किया गया है।
जिसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जी के लिए ‘डियर सूर्यकांत’ जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा गया है कि आप इस्तीफा दे दो।
और यह कहा गया है कि लॉ एंड ऑर्डर आपके बस का नहीं है, तो आप इस्तीफा दे दो। हम नया नियुक्त कर लेंगे। करोड़ों-करोड़ देशवासियों को समझना चाहिए कि लॉ एंड ऑर्डर वैसे भी न्यायालय का विषय नहीं रहता अतः सर्वोच्च न्यायालय ने एकदम संविधान सम्मत बात कही है।
एक राज्य की कांग्रेस पार्टी की इकाई यह कह रही है कि मुख्य न्यायाधीश इस्तीफा दे दें, हम नया विकल्प चुन लेंगे। अर्थात् अब इनके दिल का जो अरमान था, वह साफ हो गया है।
इन्हें पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जी का इस्तीफा चाहिए था,
फिर गृह मंत्री अमित शाह जी का इस्तीफा चाहिए था,
फिर प्रधानमंत्री मोदी जी का इस्तीफा चाहिए था,
अब इन्हें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत जी का इस्तीफा चाहिए।
इसका अर्थ साफ हो गया, और वह भी केरलम कांग्रेस के द्वारा, जहाँ इनकी मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन की सरकार है और राहुल और प्रियंका गांधी दोनों ही उसका प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
यानी अब बिल्कुल साफ है कि कांग्रेस पूरी तरह से मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस होकर, दिमागी नक्सल की मानसिकता में किसी भी हद तक जाकर, भारत में अराजकता उत्पन्न करने के लिए हर संवैधानिक संस्था को ध्वस्त करने के लिए पूरी तरह से निर्लज्ज और बेशर्म हो चुकी है।
मुझे लगता है कि करोड़ों देशवासियों को ध्यान देना चाहिए कि ये भारत की संवैधानिक संस्थाओं और भारत के संविधान के लिए इस समय कांग्रेस पार्टी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी सब��े बड़ा खतरा बन चुके हैं।
Where is the UN Human Rights Organization now? Are they only interested in what’s happening in India?
- Silent on Bangladeshi Hindus
- Silent on Pakistan Minorities
- Silent on Imran Khan
That's why we Indians call @UNHumanRights the most useless organization ever to exist 😆
DELHI POLICE EXPOSED DIPKE
He claimed Delhi Police didn’t even let him speak to his family. Then Delhi Police played the video showing he was informed about his grandmother’s demise and offered help arranging a flight. He refused!
And after all that, he stood at a press conference and lied about the police. Shameless political drama using his grandmother’s death for headlines. How low can Dipke stoop?
🚨 EXCLUSIVE 🚨
High quality CCTV footage of Dipke being offered to leave for his hometown to attend his grandmothers funeral.
This deranged man REFUSED.
And what did Cockroaches do? Projected Delhi Police as evil.
Share this video everywhere, expose these clowns.
आज दिल्ली पुलिस ने CJP को एक्सपोज़ कर दिया और उनके दावों की पोल खोल दी। वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की सूचना दी गई थी। इतना ही नहीं, उनके लिए फ्लाइट की व्यवस्था करने की पेशकश भी की गई, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
ये लोग तथ्यों से नहीं, बल्कि किसी परिजन के दुखद निधन पर भी राजनीतिक हित साधने के लिये सिर्फ़ भावनात्मक नैरेटिव से खेलना चाहते हैं।
#CJPExposed
🚨 HUGE: Delhi Police RELEASES video EXPOSING CJP’s claims, showing that officers offered Abhijeet Dipke all possible ASSISTANCE after his grandmother’s demise, but he DECLINED.
CJP had claimed that he was DENIED the chance to speak to his family.
– POLITICS OVER FAMILY...?
कोई दादी की मौत से जुड़े मामले में भी ऐसा घटिया झूठ कैसे बोल सकता है?
कल को लेकर इन्होंने कितना सच बोला है ख़ुद समझ लीजिए।
ये एक वीडियो बताने के लिए काफ़ी है इस देश के हर एक नागरिक को कि CJP वाले जो मुद्दा उठा रहे हैं उसे लेकर कितना सच बोल रहे होंगे।